नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर खुलकर खरगे के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि देश में कई बार बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है और छोटी बातों का बतंगड़ बना दिया जाता है। थरूर का दावा है कि खरगे का आशय बिल्कुल स्पष्ट था और उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर कांग्रेस की रणनीति और नेताओं के बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
'बात का बतंगड़ बनाने की आदत', शशि थरूर ने खरगे का किया बचाव
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शशि थरूर से मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि किसी बयान को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए। थरूर के मुताबिक, खरगे जो कहना चाह रहे थे, उसका मतलब साफ था और इसे विवाद का रूप देना उचित नहीं है।
थरूर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे देश में चीजों को इस तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने... ऐसे मामलों पर ड्रामा करने की आदत है।”
उन्होंने आगे कहा, “उनका इरादा था, उसका मतलब बहुत ही साफ है। और मुझे लगता है कि हमें इन चीजों का बहुत ज्यादा बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए। निश्चित तौर पर वह एक आम अभिव्यक्ति जाहिर कर रहे थे। उन्होंने किसी का भी अपमान नहीं किया।”
शशि थरूर के इस बयान को कांग्रेस अध्यक्ष के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। जहां भाजपा इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक बता रही है, वहीं थरूर ने इसे सामान्य अभिव्यक्ति बताते हुए विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं।
पटना के कार्यक्रम में क्या बोले थे मल्लिकार्जुन खरगे?
यह पूरा विवाद बिहार की राजधानी पटना में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम राज्य के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राजनीतिक भाषण दे रहे थे।
खबर के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के एक समर्थक ने दावा किया कि कुछ भी कर लिया जाए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले। इस टिप्पणी पर खरगे नाराज हो गए। इसी दौरान उन्होंने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की ओर से प्रधानमंत्री को हटाने के लिए ‘विद्रोह’ करने की बात कहे जाने का भी जिक्र किया गया है। बताया गया कि हॉल में मौजूद कुछ लोग उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री का समर्थक समझकर उसे वहां से हटाने की कोशिश कर रहे थे। इसी घटनाक्रम के बीच खरगे की टिप्पणी सामने आई, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
भाजपा ने बनाया मुद्दा, कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक बहस और तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की, जबकि कांग्रेस की ओर से खरगे के बयान का बचाव किया जा रहा है।
शशि थरूर ने इसी विवाद के बीच कहा कि खरगे के बयान को उसके आशय के संदर्भ में समझा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से विवाद अनावश्यक रूप से बढ़ता है। हालांकि, इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल होने वाली भाषा और नेताओं की सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री और उनके परिवार से संबंधित टिप्पणी पर उठे विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में भी ध्यान खींचा है।
जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में खरगे के सामने उतरे थे शशि थरूर
शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खरगे के राजनीतिक संबंधों की चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव भी याद किया जा रहा है। वर्ष 2022 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। इस चुनाव में मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर आमने-सामने थे।
थरूर ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी और चुनावी प्रक्रिया में अंत तक बने रहे। दूसरी ओर, खरगे को पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन हासिल था। अंततः खरगे ने चुनाव में जीत दर्ज की और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
उस चुनाव में दोनों नेताओं के बीच मुकाबले ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक दिशा को लेकर चर्चा पैदा की थी। हालांकि, मौजूदा विवाद में थरूर ने खरगे के बयान का खुलकर बचाव किया है।
मोदी सरकार के समर्थन वाले मुद्दों पर भी चर्चा में रहे हैं थरूर
शशि थरूर कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जिनके कुछ बयानों को लेकर पार्टी के भीतर भी चर्चा होती रही है। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार के रुख का समर्थन करने को लेकर भी वह कई बार सुर्खियों में आए हैं। कुछ मौकों पर उनके विचारों को लेकर पार्टी के अन्य नेताओं ने सवाल उठाए।
हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में थरूर के रुख को कांग्रेस की आधिकारिक लाइन के साथ जोड़कर भी देखा जाता रहा है। अब मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर उनके समर्थन ने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, इस मामले में थरूर का स्पष्ट कहना है कि खरगे का आशय गलत नहीं था और उनकी टिप्पणी को अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। ऐसे में विवाद का केंद्र खरगे की टिप्पणी और उसकी राजनीतिक व्याख्या बनी हुई है।
बयानबाजी के बीच कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है। भाजपा इसे आपत्तिजनक बयान बता रही है, जबकि शशि थरूर ने खरगे का बचाव करते हुए कहा है कि उनके बयान का अर्थ स्पष्ट था और किसी का अपमान करने का उद्देश्य नहीं था।
राजनीतिक बयानों को लेकर उठे इस विवाद में दोनों पक्षों के रुख अलग-अलग हैं। एक ओर भाजपा कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद ने बयान के संदर्भ और आशय को समझने की अपील की है।
