ere | Source: ereनई दिल्ली। महंगे स्मार्टफोन की मजबूती जांचने के लिए तकनीकी दुनिया में कई तरह के प्रयोग किए जाते हैं। कभी फोन को ऊंचाई से गिराया जाता है, तो कभी उस पर नुकीली चीजों से खरोंच डालकर उसकी मजबूती परखी जाती है। लेकिन एक भारतीय यूट्यूबर ने कथित तौर पर करीब 3.5 लाख रुपये कीमत वाले फोल्डेबल आईफोन को खौलती चाय में डालकर ऐसा परीक्षण किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, फोन को लगभग 60 सेकंड तक उबलती चाय में डुबोकर रखा गया। इसके बाद बाहर निकालने और ठंडा करने पर फोन चालू हो गया। हालांकि, आगे किए गए एक अन्य परीक्षण में फोन की अंदरूनी स्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया।

यह परीक्षण गुप्ता इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स नाम के यूट्यूब चैनल पर दिखाया गया। वीडियो में फोन को अलग-अलग परिस्थितियों में परखने की कोशिश की गई। इसमें खरोंच से होने वाले नुकसान, बार-बार फोन को मोड़ने और आखिर में खौलती चाय में डालने जैसे प्रयोग शामिल थे। ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी एक वीडियो में फोन का चालू हो जाना उसकी पूरी मजबूती या पानी और गर्मी से सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।

गैस चूल्हे पर खौलती चाय में डाल दिया महंगा आईफोन

रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूबर ने सबसे पहले फोन की बाहरी सतह को नुकीली चीजों से खरोंचकर उसकी मजबूती जांची। इसके बाद फोन को कई बार मोड़कर और खोलकर देखा गया। फिर उसे दोनों हाथों से पकड़कर विपरीत दिशा में मोड़ने की कोशिश भी की गई। इन प्रयोगों का मकसद यह देखना था कि फोन का डिजाइन और उसकी स्क्रीन अलग-अलग तरह के दबाव को कितना सहन कर पाते हैं।

परीक्षण के सबसे चौंकाने वाले हिस्से में फोन को गैस चूल्हे पर रखे बर्तन में खौलती चाय के अंदर डाल दिया गया। फोन को करीब 60 सेकंड तक उबलती चाय में रहने दिया गया। इसके बाद उसे बर्तन से निकाला गया और उस पर पानी डालकर ठंडा किया गया। फोन की बॉडी और कैमरा लेंस के आसपास भाप तथा नमी दिखाई देने की बात भी रिपोर्ट में कही गई।

ऐसे हालात में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। तेज गर्मी से बैटरी, डिस्प्ले, चिप और फोन के अंदर मौजूद अन्य हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। तरल पदार्थ फोन के भीतर पहुंच जाए तो शॉर्ट सर्किट या बाद में खराबी आने का जोखिम भी बना रहता है।

60 सेकंड बाद चाय से निकला फोन, फिर हुआ चालू

खौलती चाय से निकालने के बाद फोन के पूरी तरह खराब हो जाने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ देर ठंडा करने के बाद जब फोन को चालू किया गया, तो उसकी स्क्रीन पर ऐपल का लोगो दिखाई दिया। इसके बाद फोन को खोलकर अंदर की डिस्प्ले भी जांची गई। वीडियो में बाहरी और अंदरूनी दोनों स्क्रीन पर बूट होने का संकेत दिखाई देने की बात कही गई है।

इस नतीजे ने परीक्षण देखने वालों का ध्यान खींचा, क्योंकि उबलते तरल के संपर्क में आने के बाद फोन का चालू होना अप्रत्याशित लग सकता है। हालांकि, किसी डिवाइस का तुरंत चालू हो जाना यह साबित नहीं करता कि उसके सभी हिस्से पूरी तरह सुरक्षित हैं। गर्मी और नमी से होने वाला नुकसान कई बार बाद में सामने आता है। बैटरी, कनेक्टर और आंतरिक सर्किट पर इसका असर पड़ सकता है।

इसलिए इस प्रयोग के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि फोन सामान्य इस्तेमाल में खौलती चाय या किसी अन्य गर्म तरल को आसानी से सहन कर सकता है। फोन की सुरक्षा का आकलन निर्माता की ओर से बताए गए परीक्षणों और सुरक्षा मानकों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

खरोंच और रेत से अंदरूनी स्क्रीन पर पड़ा असर

रिपोर्ट में बताया गया है कि परीक्षण के दौरान फोन को नुकीली चीजों से खरोंचने पर उसकी सतह पर निशान पड़ने की आशंका सामने आई। इसके बाद फोल्डेबल फोन की अंदरूनी स्क्रीन पर मिट्टी या रेत जैसी चीजें रगड़कर भी देखी गईं। इस तरह के कण स्क्रीन की सतह पर खरोंच डाल सकते हैं, खासकर तब जब उन पर दबाव डालकर रगड़ा जाए।

फोल्डेबल स्मार्टफोन की अंदरूनी स्क्रीन सामान्य कठोर कांच वाली स्क्रीन से अलग संरचना रख सकती है। उसकी ऊपरी परत अपेक्षाकृत संवेदनशील हो सकती है, इसलिए नाखून, नुकीली वस्तु या रेत जैसे कणों से नुकसान होने का खतरा रहता है। ऐसे फोन का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन पर अनावश्यक दबाव डालने और उसके बीच धूल या कण फंसने से बचना चाहिए।

इस परीक्षण का यह हिस्सा बताता है कि महंगा फोन होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी स्क्रीन खरोंच से पूरी तरह सुरक्षित होगी। फोल्डेबल डिवाइस की देखभाल में निर्माता के निर्देशों का पालन करना विशेष रूप से जरूरी होता है।

आखिरकार विपरीत दिशा में मोड़ने पर खराब हुई अंदरूनी स्क्रीन

चाय में डालने के बाद फोन चालू हो जाने के बावजूद परीक्षण यहीं समाप्त नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, जब यूट्यूबर ने फोन को दोनों हाथों से पकड़कर उसकी सामान्य फोल्डिंग दिशा के विपरीत मोड़ने की कोशिश की, तो पहले उसका आकार थोड़ा बदलता दिखाई दिया। इसके बाद ज्यादा जोर लगाने पर फोन की अंदरूनी स्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया।

यह प्रयोग फोन की मजबूती की सीमा को समझने के लिए किया गया था, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि फोल्डेबल स्मार्टफोन को गलत दिशा में मोड़ना कितना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे फोन में स्क्रीन के साथ-साथ हिंज और अंदरूनी संरचना भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। निर्धारित दिशा के विपरीत अत्यधिक दबाव डालने से डिस्प्ले और अन्य हिस्से खराब हो सकते हैं।

फोन की स्क्रीन खराब होने का यह नतीजा इस बात की याद दिलाता है कि किसी डिवाइस को जानबूझकर उसकी डिजाइन सीमा से बाहर ले जाकर जांचना सामान्य इस्तेमाल के बराबर नहीं है। वास्तविक जीवन में फोन को इस तरह मोड़ने की कोशिश करना महंगा नुकसान करा सकता है।

क्या घर पर करना चाहिए ऐसा टेस्ट?

इस तरह के वीडियो मनोरंजन और तकनीकी परीक्षण के लिहाज से लोकप्रिय हो सकते हैं, लेकिन इन्हें देखकर अपने फोन पर ऐसे प्रयोग करना समझदारी नहीं है। खौलता तरल, अत्यधिक गर्मी, पानी और जरूरत से ज्यादा दबाव स्मार्टफोन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों को गर्म करना खतरनाक हो सकता है।

अगर फोन गलती से गर्म चाय या किसी अन्य तरल में गिर जाए, तो उसे दोबारा चालू करने या चार्ज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सुरक्षित तरीके से उसे अलग रखें और निर्माता की सहायता या अधिकृत सेवा केंद्र से संपर्क करें। फोन को गैस पर गर्म करना, उबालना या जानबूझकर मोड़ना किसी भी हालत में उचित परीक्षण नहीं है।