erer | Source: rerनई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कांग्रेस के साथ अपने संबंधों और संगठन की आगे की रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी किसी एक राजनीतिक दल के साथ खड़े होने के बजाय एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में काम करना चाहती है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि किसी राजनीतिक दल का उद्देश्य उनके अभियान के उद्देश्य से मेल खाता है, तो कॉकरोच जनता पार्टी उस मुद्दे पर उसका समर्थन करने से पीछे नहीं हटेगी। दीपके के इस बयान से कांग्रेस और सीजेपी के बीच संबंधों को लेकर चल रही चर्चा के बीच संगठन की राजनीतिक भूमिका पर नई बहस शुरू हो सकती है।

कांग्रेस और सीजेपी के बीच टकराव की धारणा पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को ‘द रेड माइक’ को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस के साथ अपने संबंधों, संगठन की प्राथमिकताओं और आगे की रणनीति से जुड़े सवालों का जवाब दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने उस धारणा पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत सीजेपी और विपक्षी दलों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा बताया जा रहा है। दीपके के मुताबिक, उनका और विपक्ष का संघर्ष अलग-अलग राजनीतिक खेमों के बीच प्रतिस्पर्धा का मामला नहीं है, बल्कि दोनों का ध्यान एक ही उद्देश्य पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा, “देखिए हम एक दूसरे के खिलाफ नहीं लड़ रहे मतलब ये ना मतलब मुझे पता नहीं ये नैरेटिव क्यों बन रहा है जहां पर अपोजिशन सीजेपी से लड़ रहा है सीजेपी अपोजिशन से लड़ रहा है नहीं अपोजिशन ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रहा है सीजेपी भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रही है।”

दीपके के इस बयान का आशय यह है कि सीजेपी अपने अभियान को विपक्षी दलों के खिलाफ लड़ाई के रूप में नहीं देखती। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन और विपक्ष के बीच विरोध की जो तस्वीर पेश की जा रही है, वह उनके अनुसार वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाती। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में सीजेपी और विपक्ष दोनों का उद्देश्य समान है।

किसी राजनीतिक दल के साथ क्यों नहीं खड़ी हो रही कॉकरोच जनता पार्टी?

अभिजीत दीपके ने सीजेपी के स्वतंत्र संगठन बने रहने की वजह बताते हुए कहा कि उसके साथ बड़ी संख्या में युवा जुड़े हैं और उनके भरोसे को बनाए रखना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि सीजेपी किसी एक राजनीतिक दल के साथ औपचारिक रूप से खड़ी हो जाती है, तो इससे उन युवाओं के बीच संगठन की स्वतंत्र पहचान को लेकर सवाल उठ सकते हैं, जिन्होंने उसे एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में समर्थन दिया है।

दीपके ने कहा, “हम जिस मकसद के लिए लड़ रहे हैं, वो एक ही है। अब इसमें ये है कि सीजेपी एक इंडिपेंडेंट प्रेशर ग्रुप है हम अब सीजेपी किसी एक पॉलिटिकल पार्टी के साथ खड़ा हो जाता है, तो 25 मिलियन युवाओं का क्या जिन्होंने हमें फॉलो करा है। उन्होंने हमें इसलिए फॉलो करा है, क्योंकि हम एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप हैं। वो किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ना चाहते।”

उनके इस बयान में संगठन की स्वतंत्रता और समर्थकों के विश्वास को प्रमुखता दी गई है। दीपके का कहना है कि सीजेपी को समर्थन देने वाले युवा उसे किसी राजनीतिक दल के सहयोगी संगठन के रूप में नहीं, बल्कि अपनी बात रखने वाले स्वतंत्र मंच के रूप में देखते हैं। ऐसे में किसी एक दल के साथ खड़े होने से संगठन की मूल पहचान प्रभावित हो सकती है। उन्होंने 25 मिलियन युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके भरोसे को बनाए रखना सीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी की हिरासत पर समर्थन का हवाला, मुद्दों के आधार पर साथ आने की बात

कांग्रेस के साथ संबंधों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए दीपके ने यह संकेत दिया कि किसी राजनीतिक दल से संगठनात्मक दूरी बनाए रखने का अर्थ उसके हर कदम का विरोध करना नहीं है। उनके मुताबिक, सीजेपी का समर्थन किसी पार्टी की पहचान के बजाय उसके उद्देश्य और संबंधित मुद्दे पर निर्भर करेगा। यदि किसी दल का रुख उस अभियान के उद्देश्य के अनुरूप है, जिसके लिए सीजेपी संघर्ष कर रही है, तो संगठन उस मुद्दे पर समर्थन दे सकता है।

दीपके ने अपने बयान में राहुल गांधी की हिरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उस समय भी इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा, “तो उसमें अगर मकसद सही है, तो हम हमारा समर्थन देंगे और हमने ऐसा किया भी। जब राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था, तो मैंने उसके बारे में बोला था। मैंने उसके खिलाफ बोला था। वैसे ही अगर जो भी लोग एक मकसद के लिए साथ में आते हैं हम कॉज के ऊपर साथ आएंगे और समर्थन देंगे, लेकिन अगर हम साथ खड़े हो गए वो इस देश के युवाओं को चाहिए नहीं। युवाओं की सबसे बड़ी चिंता ही यही थी कि देश के दल उनकी बात नहीं सुन पा रहे थे।”

इस बयान के जरिए दीपके ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि सीजेपी किसी राजनीतिक दल के साथ स्थायी रूप से जुड़ने के बजाय मुद्दों के आधार पर समर्थन देने की नीति अपनाना चाहती है। राहुल गांधी के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने रुख का उदाहरण भी दिया। उनके अनुसार, किसी साझा उद्देश्य पर साथ आना और किसी राजनीतिक दल के साथ पूरी तरह जुड़ जाना दो अलग-अलग बातें हैं।

युवाओं का भरोसा ही क्यों है सीजेपी की सबसे बड़ी प्राथमिकता?

अभिजीत दीपके ने संगठन के तेजी से विस्तार के संदर्भ में युवाओं के भरोसे को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सीजेपी से बड़ी संख्या में लोग इसलिए जुड़े, क्योंकि उन्हें इसमें एक ऐसा स्वतंत्र दबाव समूह दिखाई दिया, जो उनकी चिंताओं को सामने रखने के लिए काम करता है। दीपके के मुताबिक, युवाओं की प्रमुख शिकायत यह रही है कि राजनीतिक दल उनकी बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दे पा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यही वजह है कि इतने कम समय में इतने लोग सीजेपी के साथ जुड़े। हमारी मुख्य प्राथमिकता है कि जो लोग हमें फॉलो कर रहे हैं, वो सोच रहे हैं कि हम एक प्रेशर ग्रुप हैं जो उनके साथ खड़े हैं।”

दीपके के अनुसार, संगठन की पहचान को स्वतंत्र बनाए रखना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि उसके समर्थक उससे यही अपेक्षा करते हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में आए बिना उनके मुद्दों को उठाए। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सीजेपी का भविष्य केवल राजनीतिक दलों के साथ उसके संबंधों से तय नहीं होगा, बल्कि इस बात से भी तय होगा कि वह अपने समर्थकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

अभिजीत दीपके की अगली रणनीति क्या होगी? अभी नहीं हुआ ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी ने अभी तक अपनी अगली रणनीति को लेकर कोई विस्तृत घोषणा नहीं की है। हालांकि, अभिजीत दीपके ने कहा है कि संगठन आगे की योजना तैयार कर रहा है। उनके हालिया साक्षात्कार से यह संकेत मिलता है कि सीजेपी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए समान उद्देश्य वाले अभियानों और मुद्दों पर समर्थन देने की नीति जारी रखना चाहती है।

फिलहाल, कांग्रेस के साथ संबंधों को लेकर दीपके का रुख यही है कि साझा उद्देश्य होने पर समर्थन दिया जा सकता है, लेकिन किसी एक राजनीतिक दल के साथ खड़े होना संगठन की प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने युवाओं के भरोसे को अपनी मुख्य जिम्मेदारी बताते हुए स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में सीजेपी की भूमिका पर जोर दिया है।

निष्कर्ष: कांग्रेस से दूरी या मुद्दों पर सहयोग, दीपके ने साफ किया अपना रुख

अभिजीत दीपके के बयान से स्पष्ट होता है कि कॉकरोच जनता पार्टी कांग्रेस समेत किसी भी राजनीतिक दल के साथ संबंधों को केवल समर्थन या विरोध के आधार पर परिभाषित नहीं करना चाहती। संगठन का जोर साझा मुद्दों पर सहयोग करने और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने पर है। अब सीजेपी की आगामी रणनीति और उसके अगले कदमों पर नजर रहेगी।