नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को तनाव बढ़ गया। विश्वविद्यालय के गेट संख्या 7 के पास प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प तथा झूमाझटकी होने की खबर सामने आई है। छात्र पिछले करीब दो सप्ताह से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील के बावजूद छात्रों की नारेबाजी जारी रही। इसी बीच प्रदर्शन स्थल के आसपास माहौल गरमा गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
गेट नंबर 7 पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट संख्या 7 के पास रविवार शाम को पुलिस और छात्रों के बीच झड़प होने की सूचना सामने आई। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं तीन बाहरी लड़कियों और एक लड़के को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कही गई। हालांकि, इस दावे को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने हिरासत में लिए जाने की बात से इनकार किया है। ऐसे में चार लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई है।
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर दो सप्ताह से आंदोलन
विश्वविद्यालय परिसर में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर 2026 से विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र चाहते हैं कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। आंदोलन में शामिल कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल भी की है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन 'गालिब प्रतिमा लॉन' के पास बनाए गए प्रदर्शन स्थल को हटाने के लिए अलग-अलग कारण बता रहा है। छात्रों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील किए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहने से परिसर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के फैसले पर छात्रों ने उठाए सवाल
विरोध-प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का फैसला लिया है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जारी आंदोलन के दौरान छात्रों ने इस निर्णय पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अचानक ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला परिसर को खाली कराने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की उनकी मांग को कमजोर करने की कोशिश है। हालांकि, यह प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है; प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में इस निर्णय के पीछे छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई को निर्बाध रूप से जारी रखने का उद्देश्य बताया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर जारी किया नोटिस
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने सभी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने और परिसर में आने से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही अगले आदेश तक विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भी बंद रखने की जानकारी दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से परिसर में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर असर पड़ा है। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र इस कदम को अपने आंदोलन के संदर्भ में देख रहे हैं।
सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने भी की थी बातचीत की कोशिश
छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के लिए 18 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय के सात प्रोफेसरों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी। समिति को छात्रों के साथ बातचीत कर छात्रसंघ चुनाव की मांग से जुड़े विवाद को सुलझाने की कोशिश करनी थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, समिति करीब एक सप्ताह से छात्रों के साथ मध्यस्थता का प्रयास कर रही थी। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और रविवार को गेट संख्या 7 के पास पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति सामने आई। इससे स्पष्ट है कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सहमति बनाने की चुनौती बनी हुई है।
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, स्थिति पर बनी हुई है नजर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विरोध-प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं और पुस्तकालय बंद रखने का फैसला लिया है। दूसरी ओर, छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलनकारी छात्र प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। रविवार को गेट संख्या 7 पर हुई झड़प और कथित हिरासत की खबरों के बीच पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने हिरासत में लिए जाने की बात से इनकार किया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्थिति सामान्य बताई गई है और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। आगे की स्थिति छात्रसंघ चुनाव की मांग, प्रशासन के निर्णयों और छात्रों के साथ बातचीत के परिणामों पर निर्भर करेगी।
