erer | Source: ereपटना: बिहार विधान परिषद की 4 शिक्षक और 4 स्नातक (ग्रेजुएट) सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनावों का मतदान आज शाम 4 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक शाम 4 बजे तक कतार में खड़े सभी मतदाताओं के वोट डालने के बाद मतपेटियों को सील कर स्ट्रॉन्ग रूम के लिए रवाना कर दिया गया है, और अब सभी की निगाहें आगामी 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना और परिणामों पर टिकी हैं।

शिक्षक और स्नातक वोटिंग में भारी अंतर, सारण और कोसी सबसे आगे

सामने आए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में औसतन 59 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। मतदान के रुझान में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली है, जहाँ शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर मतदान केंद्रों पर हिस्सा लिया, वहीं स्नातक मतदाताओं में उत्साह की काफी कमी नजर आई। शाम 4 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 74.55 प्रतिशत और स्नातक सीटों पर 43.87 प्रतिशत वोटिंग हुई। सीटवार बात करें तो स्नातक कोटे में कोसी (52.51%) और शिक्षक कोटे में सारण (87.16%) ने सबसे अधिक मतदान कर बाजी मारी है, जबकि राजधानी पटना दोनों ही श्रेणियों में सबसे फिसड्डी साबित हुआ जहाँ स्नातक का मतदान महज 36.19 प्रतिशत ही रहा।

तेजस्वी यादव के तीखे आरोप और एनडीए की जीत के बड़े दावे

मतदान की प्रक्रिया समाप्त होते ही राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बयान जारी करते हुए दावा किया है कि विपक्ष के दुष्प्रचार को शिक्षकों और स्नातकों ने सिरे से खारिज कर दिया है और सभी आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवार भारी अंतर से जीत दर्ज करने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा प्रहार करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को वोट चोरी की लत लग चुकी है और वह इन 8 सीटों पर भी फर्जी मतदाता जुड़वाकर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है।

अनंत सिंह का पहले ही जश्न, और अनोखी वरीयता मतदान प्रणाली

चुनाव परिणामों से पहले ही मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने बड़ा दावा करते हुए पटना ग्रेजुएट सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह की जीत की घोषणा कर दी। उनके आवास पर समर्थकों ने अभी से पटाखे जलाकर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि विधान परिषद के इन चुनावों में आम चुनावों से अलग 'वरीयता क्रम' (Preference) की मतदान प्रणाली का इस्तेमाल होता है, जहाँ मतदाता एक से अधिक उम्मीदवारों को अपनी पसंद के मुताबिक पहली, दूसरी या तीसरी वरीयता का वोट दे सकते हैं। मतों की गिनती भी इसी वरीयता और एलिमिनेशन राउंड्स के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है।