erer | Source: ererपटना। बिहार में भारी बारिश और बाढ़ से फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता जारी की है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री ने 2 लाख 48 हजार 407 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 112.52 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा देना और उन्हें अगली कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में पात्र किसानों को राशि दी गई है, जबकि बाकी किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सम्राट चौधरी सरकार का किसानों को राहत देने पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद हॉल में कृषि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों के खातों में अनुदान राशि भेजी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संकट के समय किसानों की मदद करना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने पर प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत देना जरूरी है, ताकि वे खेती से जुड़ी गतिविधियों को दोबारा शुरू कर सकें। राज्य सरकार की ओर से जारी यह सहायता ऐसे समय में आई है, जब बिहार के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण किसानों को फसल नुकसान का सामना करना पड़ा है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत मिलने वाली राशि से पात्र किसानों को खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। सरकार का जोर इस बात पर है कि आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़े और पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

4.57 लाख किसानों ने किया आवेदन, पहले चरण में 2.48 लाख को मिली सहायता

मुख्यमंत्री के अनुसार, कृषि इनपुट अनुदान के लिए राज्यभर से लगभग 4.57 लाख किसानों ने आवेदन किया था। इनमें से पहले चरण में 2 लाख 48 हजार 407 पात्र किसानों के खातों में 112.52 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। यह राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई, जिससे लाभार्थियों को सहायता प्राप्त करने के लिए अलग से भुगतान लेने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़े। पहले चरण में जिन किसानों को अनुदान मिला है, उन्हें प्राकृतिक आपदा के कारण हुए फसल नुकसान के बाद आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है। वहीं, जिन किसानों के आवेदन पर पहले चरण में राशि नहीं भेजी गई, उनके लिए सरकार ने दूसरे चरण में भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों को अनुदान देने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सहायता वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा।

बाकी किसानों को दुर्गापूजा के बाद मिलेगा अनुदान

कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत जिन किसानों को पहले चरण में राशि नहीं मिल पाई है, उनके लिए भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत की बात कही है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में अनुदान की राशि दुर्गापूजा के बाद भेजी जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों को 22 अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य बाढ़ और बारिश से फसल नुकसान झेलने वाले उन किसानों तक सहायता पहुंचाना है, जिन्हें पहले चरण में आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आपदा से प्रभावित कोई भी पात्र किसान अनुदान से वंचित नहीं रहना चाहिए। सरकार के इस निर्देश से दूसरे चरण में सहायता पाने की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान के तहत शेष पात्र किसानों के मामलों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। हालांकि, प्रत्येक लाभार्थी के खाते में राशि पहुंचने की सटीक तारीख संबंधित प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

फसल नुकसान पर बिहार सरकार देती है 8,500 से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता

बिहार सरकार प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने की स्थिति में कृषि इनपुट अनुदान के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता देती है। योजना के तहत सहायता की दर खेती के क्षेत्र और फसल की श्रेणी के अनुसार निर्धारित है।

  • असिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
  • सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
  • बारहमासी फसलें: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर। इन निर्धारित दरों के माध्यम से प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के बाद खेती से जुड़े खर्चों के लिए सहायता दी जाती है। अनुदान की राशि किसानों को प्राकृतिक आपदा के प्रभाव से उबरने और कृषि कार्य जारी रखने में सहारा देने के उद्देश्य से प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान योजना आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने का माध्यम है। फसल खराब होने के बाद किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में सरकारी सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

इन जिलों के किसानों के खातों में पहुंची अनुदान राशि

पहले चरण में बिहार के विभिन्न जिलों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान का लाभ दिया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिलावार लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है। जिलावार लाभार्थी किसान

  • बेगूसराय: 50,579
  • भागलपुर: 74,455
  • समस्तीपुर: 29,995
  • भोजपुर: 36,097
  • वैशाली: 12,146
  • पूर्णिया: 5,963
  • मधेपुरा: 8,832
  • पटना: 5,845
  • मुंगेर: 2,575
  • औरंगाबाद: 3,776
  • अरवल: 2,773
  • लखीसराय: 4,846
  • कटिहार: 2,892
  • सारण: 3,330
  • शेखपुरा: 1,449
  • खगड़िया: 2,388
  • पश्चिम चंपारण: 414
  • कैमूर: 319 इन आंकड़ों में भागलपुर, बेगूसराय, भोजपुर और समस्तीपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों को अनुदान मिलने की जानकारी दी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि पहले चरण में कई जिलों के पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाई गई है। शेष पात्र किसानों को दूसरे चरण में लाभ देने के लिए सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है।

राहत कार्यों में कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग की भूमिका

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ के दौरान राहत कार्यों के समन्वय के लिए कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने, उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को बेहतर करने के लिए काम कर रही है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा तथा प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को अनुदान राशि हस्तांतरित करने और शेष पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। सरकार की ओर से किसानों की समस्याओं को दूर करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

दूसरे चरण में सहायता पाने वाले किसानों की उम्मीदें बढ़ीं

बिहार में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत जारी 112.52 करोड़ रुपये की राशि राहत का महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण में 2 लाख 48 हजार 407 पात्र किसानों को सहायता मिल चुकी है, जबकि बाकी किसानों के लिए दुर्गापूजा के बाद भुगतान और 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपदा से प्रभावित कोई भी पात्र किसान अनुदान से वंचित नहीं रहे। अब योजना के दूसरे चरण में शेष पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा देना और उन्हें खेती का काम जारी रखने में मदद करना है।