eerre | Source: rtr72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में देशभर के कई चर्चित कलाकारों और फिल्मी हस्तियों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। 22 सितंबर को गुजरात में आयोजित समारोह में अनंत नाग, ममूटी, यामी गौतम, कार्तिक आर्यन और धनुष समेत कई कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। लेकिन नेशनल फिल्म अवॉर्ड की चमक सिर्फ मंच पर मिलने वाले सम्मान तक सीमित नहीं है। विजेताओं को पदक, प्रमाणपत्र और श्रेणी के अनुसार नकद पुरस्कार भी दिया जाता है।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने पर सिर्फ मेडल नहीं मिलता

नेशनल फिल्म अवॉर्ड को भारतीय सिनेमा के प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में गिना जाता है। पुरस्कार समारोह में विजेताओं को संबंधित श्रेणी के अनुसार पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। इसके अलावा कई श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी निर्धारित है।

पुरस्कार की राशि सभी विजेताओं के लिए एक जैसी नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करती है कि कलाकार, निर्देशक या फिल्म को किस श्रेणी में सम्मान मिला है। कुछ प्रमुख पुरस्कारों में ₹2 लाख से ₹3 लाख तक की नकद राशि दी जाती है।

ममूटी और कार्तिक आर्यन को मिला कितना पुरस्कार?

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ममूटी और कार्तिक आर्यन को अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

दोनों कलाकारों को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में ‘रजत कमल’ के साथ ₹2 लाख की नकद पुरस्कार राशि मिली। यानी राष्ट्रीय स्तर पर अभिनय के लिए सम्मानित होने के साथ उन्हें निर्धारित नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

यामी गौतम को भी मिला रजत कमल और नकद पुरस्कार

अभिनेत्री यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। उन्हें भी ‘रजत कमल’ के साथ ₹2 लाख की नकद राशि प्रदान की गई।

इस तरह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसी प्रमुख अभिनय श्रेणियों में पुरस्कार पाने वाले कलाकारों को पदक, प्रमाणपत्र और नकद राशि के रूप में सम्मान मिलता है।

स्वर्ण कमल और रजत कमल में आखिर क्या फर्क है?

नेशनल फिल्म अवॉर्ड में पदकों को मुख्य रूप से ‘स्वर्ण कमल’ और ‘रजत कमल’ के रूप में जाना जाता है। दोनों अलग-अलग श्रेणियों के राष्ट्रीय पुरस्कारों से जुड़े हैं।

‘स्वर्ण कमल’ यानी गोल्डन लोटस को प्रमुख श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। वहीं ‘रजत कमल’ यानी सिल्वर लोटस कई अन्य पुरस्कार श्रेणियों में दिया जाता है। किस विजेता को कौन-सा कमल मिलेगा, यह पुरस्कार की संबंधित श्रेणी पर निर्भर करता है।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार में कितनी बड़ी इनामी राशि?

नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह में सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में दादा साहब फाल्के पुरस्कार का विशेष स्थान है। 2026 में अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान भारतीय सिनेमा में किसी कलाकार के दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया जाता है। अनंत नाग को पुरस्कार प्रदान किए जाने से पहले उनके फिल्मी सफर और सिनेमा में योगदान को दर्शाने वाली विस्तृत प्रस्तुति भी समारोह में दिखाई गई।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता को क्या मिलता है?

दादा साहब फाल्के पुरस्कार के साथ सम्मानित व्यक्ति को ₹10 लाख की नकद राशि, ‘स्वर्ण कमल’ पदक और शॉल प्रदान की जाती है। यानी इस सम्मान में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ आर्थिक पुरस्कार और पारंपरिक सम्मान भी शामिल है।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार की यह विशेष संरचना इसे नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह के सबसे महत्वपूर्ण सम्मानों में शामिल करती है।

अलग-अलग श्रेणियों में अलग होती है पुरस्कार राशि

नेशनल फिल्म अवॉर्ड में हर पुरस्कार के साथ मिलने वाली नकद राशि समान नहीं होती। पुरस्कार की श्रेणी के अनुसार राशि और सम्मान का स्वरूप निर्धारित किया जाता है। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसी श्रेणियों में ₹2 लाख की राशि का उदाहरण सामने आया, जबकि कुछ प्रमुख श्रेणियों में ₹3 लाख तक का नकद पुरस्कार भी दिया जाता है।

इसलिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने वाले कलाकार को मिलने वाला कुल सम्मान केवल नकद रकम से तय नहीं होता। पदक, प्रमाणपत्र और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान भी इस पुरस्कार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

राष्ट्रपति के हाथों सम्मान ने बढ़ाई समारोह की खासियत

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का समारोह 22 सितंबर को गुजरात में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। समारोह में फिल्म जगत से जुड़ी कई चर्चित हस्तियों की मौजूदगी रही।

ममूटी, कार्तिक आर्यन, यामी गौतम और अनंत नाग जैसे नामों को मिले सम्मान ने समारोह को खास बनाया। पुरस्कारों के माध्यम से अभिनय, निर्देशन और सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दी गई।

पुरस्कार के पीछे सिर्फ रकम नहीं, राष्ट्रीय सम्मान भी

नेशनल फिल्म अवॉर्ड में मिलने वाली नकद राशि विजेताओं के लिए पुरस्कार का एक हिस्सा है, लेकिन इसकी अहमियत केवल आर्थिक इनाम तक सीमित नहीं है। स्वर्ण कमल या रजत कमल, प्रमाणपत्र और राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना इस पुरस्कार की औपचारिक पहचान का हिस्सा है।

यही वजह है कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतना भारतीय फिल्म जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। 72वें समारोह में मिले पुरस्कारों ने एक बार फिर यह दिखाया कि अलग-अलग फिल्मी क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाले कलाकारों और फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर किस तरह सम्मानित किया जाता है।