rtrt | Source: rtrरोहतक। हरियाणा के रोहतक जिले के गांधरा गांव निवासी दुलीचंद का 106 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। दुलीचंद ने अपने जीवनकाल में एक ऐसी अनोखी पहल की थी, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। जब सरकारी रिकॉर्ड में जीवित होने की पुष्टि से जुड़ी समस्या के कारण उनकी पेंशन बंद हो गई, तो उन्होंने अपनी परेशानी को सामने रखने के लिए बाकायदा बारात निकाली थी। हाथों में तख्तियां लेकर निकली इस बारात में उनका संदेश था—‘थारा फूफा अभी जिंदा है।’ उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

106 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

दुलीचंद हरियाणा के रोहतक जिले के गांधरा गांव के रहने वाले थे। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को 106 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। रविवार को गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दुलीचंद अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी मौत के बाद एक बार फिर उनकी उस अनोखी बारात की चर्चा शुरू हो गई है, जिसके जरिए उन्होंने सरकारी व्यवस्था के सामने अपनी परेशानी रखी थी।

पेंशन बंद हुई तो खुद को जिंदा साबित करने के लिए निकाली बारात

दुलीचंद की चर्चा उस समय पूरे देश में होने लगी थी, जब 102 साल की उम्र में उन्हें अपनी पेंशन बंद होने की समस्या का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाणपत्र से जुड़ी दिक्कत के कारण उनकी पेंशन रुक गई थी। पेंशन पाने के लिए उन्हें यह साबित करना जरूरी हो गया था कि वह जीवित हैं। उम्र के इस पड़ाव पर सरकारी प्रक्रिया से जुड़ी परेशानी ने उन्हें ऐसा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

दुलीचंद ने अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए रथ पर सवार होकर बारात निकाली। यह कोई शादी की सामान्य बारात नहीं थी, बल्कि अपनी मौजूदगी और जीवित होने का प्रमाण देने का उनका अनोखा तरीका था। इस बारात के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह जीवित हैं और उन्हें उनकी पेंशन मिलनी चाहिए।

‘थारा फूफा अभी जिंदा है’ के नारे ने दिलाई देशभर में पहचान

दुलीचंद की बारात की सबसे खास बात उनके हाथों में मौजूद तख्तियां थीं। इन पर ऐसे संदेश लिखे थे, जो सरकारी रिकॉर्ड में उनकी स्थिति से जुड़ी परेशानी को उजागर करते थे। एक तख्ती पर लिखा था—‘थारा फूफा अभी जिंदा है’, जबकि दूसरी पर ‘मैं जिंदा हूं’ लिखा हुआ था। हरियाणवी अंदाज में लिखा गया यह संदेश देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।

दुलीचंद अपनी बारात लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। उनके इस कदम ने सरकारी कामकाज और पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में आम लोगों को होने वाली परेशानियों की ओर ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से प्रसारित हुए। इसके बाद ‘थारा फूफा अभी जिंदा है’ वाला संवाद लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया और दुलीचंद को व्यापक पहचान मिली।

व्यवस्था के सामने अनोखे तरीके से रखी अपनी बात

दुलीचंद की बारात केवल एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं थी। इसके पीछे एक बुजुर्ग व्यक्ति की वह परेशानी थी, जिसे अपनी पेंशन के लिए जीवित होने का प्रमाण देना पड़ रहा था। उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ऐसा तरीका चुना, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी कहानी ने यह भी दिखाया कि सरकारी दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों से जुड़ी दिक्कतें कभी-कभी बुजुर्गों के लिए कितनी मुश्किल खड़ी कर सकती हैं।

उनकी बारात का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस अनोखे विरोध पर चर्चा की। ‘थारा फूफा जिंदा है’ वाक्य उनकी पहचान बन गया। अब उनके निधन के बाद भी लोग उन्हें इसी यादगार अंदाज के लिए याद कर रहे हैं।

दुलीचंद की जिंदगी पर बनी फिल्म को लेकर भी हुआ था विवाद

दुलीचंद के वायरल होने के बाद उनकी जिंदगी पर एक फिल्म भी बनाई गई थी। हालांकि, इस फिल्म को लेकर विवाद सामने आया था। दुलीचंद ने आरोप लगाया था कि उनकी अनुमति के बिना उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाई गई। इस मामले ने भी उस समय चर्चा बटोरी थी। इस तरह पेंशन के लिए निकाली गई बारात से प्रसिद्ध हुए दुलीचंद की कहानी बाद में फिल्म निर्माण और अनुमति से जुड़े विवाद तक पहुंची।

पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार

दुलीचंद के परिवार में छह बेटे और चार बेटियां हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका परिवार करीब 70 लोगों का है। 106 साल की उम्र में उनके निधन से परिवार में शोक है। गांव में अंतिम संस्कार के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें अंतिम विदाई दी।

दुलीचंद अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन 102 साल की उम्र में पेंशन के लिए निकाली गई उनकी बारात और ‘थारा फूफा अभी जिंदा है’ का संदेश उनकी पहचान के तौर पर याद किया जाता रहेगा। उनकी कहानी एक बुजुर्ग की परेशानी, उसे सामने रखने के अनोखे तरीके और सरकारी प्रक्रिया से जुड़ी समस्या के कारण देशभर में चर्चा में आई थी।