शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हनुमान मंदिर परिसर में दो वृद्ध साधुओं की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और देखभाल करते थे। घटना रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है। बड़े दास के दिव्यांग होने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक पुलिस जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों की मौत आग में झुलसने से हुई। आरोप है कि उन्हें तख्त से बांधकर आग लगाई गई। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंदिर परिसर में आग लगने से मचा हड़कंप
गांव के पश्चिमी हिस्से में स्थित हनुमान मंदिर में दोनों वृद्ध काफी समय से रह रहे थे। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, मंदिर की जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को घटना की संभावित पृष्ठभूमि बताया जा रहा है।
आरोप है कि बुधवार रात सुमित सिंह नामक युवक मंदिर परिसर में पहुंचा था। इससे पहले उसके काल सिंह स्थान पर जाने और वहां लाइट तोड़ने की बात भी सामने आई है। इसके बाद मंदिर पहुंचने पर दोनों वृद्धों से उसका विवाद होने की जानकारी मिली है।
तख्त से बांधकर आग लगाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद दोनों वृद्धों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अलग-अलग तख्त से बांध दिया गया। इसके बाद मंदिर परिसर और आसपास से लकड़ियां एकत्र कर आग लगाने का आरोप है।
आग की चपेट में आने से दोनों वृद्धों की मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मंदिर की जमीन को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, हनुमान मंदिर उस जमीन पर बना है, जिसे सुमित के परिवार की जमीन बताया जा रहा है। दोनों वृद्ध मंदिर में पूजा-पाठ करने के साथ उसकी देखरेख भी करते थे। इसी को लेकर लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन विवाद की वास्तविक स्थिति क्या थी और घटना से ठीक पहले मंदिर परिसर में क्या हुआ था। जांच में जमीन से जुड़े दस्तावेज और दोनों पक्षों के बीच पहले हुए विवादों की जानकारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
दो महीने पहले जेल से बाहर आने की बात सामने आई
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी बताए जा रहे सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम और वाहन जलाने सहित कुछ मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने आई है।
हालांकि, उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की घटनाओं से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही होगी। पुलिस घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आएगी वारदात की पूरी कहानी
दो साधुओं की मंदिर परिसर में हुई मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और घटना से पहले तथा बाद में क्या-क्या हुआ। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
