जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों और विश्वास को झकझोर देने वाला हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिंदायका थाना क्षेत्र की प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी में 20 वर्षीय युवक पर अपनी गर्भवती चाची की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, युवक का मृतका के साथ प्रेम संबंध था और दोनों जयपुर में किराए के मकान में लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे। महिला के चरित्र पर शक को हत्या की वजह बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर महिला की हत्या करने के बाद शव को उसी किराए के मकान के चौक में गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसके बाद वह सामान्य तरीके से वहां से निकल गया और सामोद हनुमान जी मंदिर की पदयात्रा में शामिल होने चला गया। पुलिस ने आरोपी को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गिरफ्तार किया है।
गांव से शुरू हुआ प्रेम संबंध, जयपुर में रहने लगे साथ
बिंदायका थानाधिकारी अनिल कुमार जैमिनी के अनुसार, मृतका की पहचान बाराबंकी निवासी किरण रावत के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रवेश कुमार रावत उर्फ हग्गु के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और मृतका एक ही गांव के रहने वाले थे और रिश्ते में किरण उसकी चाची लगती थी।
पुलिस का कहना है कि गांव में दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ। इसके बाद दोनों सामाजिक बंदिशों को पीछे छोड़कर जयपुर आ गए और बिंदायका की प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी में किराए का मकान लेकर साथ रहने लगे। दोनों यहां लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहे थे।
दूसरे व्यक्ति से संबंध का शक बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे किरण के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर 23 सितंबर को दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, कहासुनी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर किरण का गला घोंट दिया और उसके मुंह पर कपड़ा दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, किरण उस समय गर्भवती थी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए किराए के मकान के चौक में गड्ढा खोदा और शव को उसमें दफना दिया। इसके बाद मिट्टी डालकर उसने हत्या के सबूत को छिपाने का प्रयास किया।
हत्या के बाद पदयात्रा पर चला गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने ऐसा व्यवहार किया, जिससे किसी को उस पर संदेह न हो। शव को मकान के चौक में दफनाने के बाद वह सामोद की पदयात्रा में शामिल होने के लिए निकल गया।
पुलिस के मुताबिक, सामोद से लौटने के बाद भी आरोपी ने सामान्य दिनचर्या बनाए रखी। वह 24 से 26 सितंबर तक रोज की तरह अपनी फैक्ट्री में काम करता रहा। इस दौरान जिस मकान में महिला का शव दफन था, वहां हुई घटना की जानकारी किसी को नहीं हुई।
मकान मालिक के पहुंचते ही सामने आया हत्या का राज
मामले का खुलासा 27 सितंबर को हुआ। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक कृष्ण कुमार मीणा जब कमरे पर पहुंचे तो उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मकान के चौक की मिट्टी खुदवाने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने खुदाई के दौरान महिला का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। बरामदगी की कार्रवाई के दौरान गर्भस्थ शिशु भी महिला के शरीर से अलग हो गया।
शव मिलने के बाद आरोपी हुआ फरार
मामला सामने आने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, उसने फैक्ट्री मालिक से किराए के नाम पर 500 रुपये उधार लिए और इसके बाद वहां से निकल गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान पुलिस टीम को आरोपी की गतिविधियों के बारे में सुराग मिले। इसके बाद स्पेशल टीम के कांस्टेबल श्रीराम और सुनील सिंह की मदद से पुलिस ने उसका पीछा किया।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पकड़ा गया आरोपी
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी प्रवेश कुमार रावत को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हत्या की पूरी घटना और शव को छिपाने के संबंध में पूछताछ कर रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की क्या स्थिति है और आरोपी ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस की जांच और पूछताछ जारी है।
रिश्ते, शक और हत्या की इस घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
जयपुर के इस मामले में पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, प्रेम संबंध के बाद साथ रह रहे आरोपी और महिला के बीच शक को लेकर विवाद हुआ और इसी के बाद हत्या की वारदात सामने आई। हत्या के बाद शव को घर के चौक में दफनाने और फिर सामान्य तरीके से बाहर निकलने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होगी। इस घटना ने रिश्तों में अविश्वास और शक के खतरनाक परिणामों को एक बार फिर सामने ला दिया है।
