वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने देश में रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। फ्रेट कॉरिडोर के फायदे गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष को नाम लिए बिना ‘नाराज फूफा’ कहकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब इन ‘फूफा जी’ को ट्रकों के भविष्य को लेकर सवाल उठाने का काम मिल गया है।
डबल स्टैक मालगाड़ी का उदाहरण देकर विपक्ष पर तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में फ्रेट कॉरिडोर को विकसित भारत की जीवन रेखा बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से देश में माल परिवहन की क्षमता और गति को बढ़ाने में मदद मिल रही है। इसी क्रम में उन्होंने डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का उदाहरण दिया, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में माल को एक साथ लंबी दूरी तक पहुंचाया जा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में मुंबई स्थित JNPT पोर्ट से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया। उनके अनुसार, इस एक मालगाड़ी के जरिए एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर सामान मुंबई से वडोदरा पहुंचा। प्रधानमंत्री ने इसी उदाहरण के बाद विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अब ‘नाराज फूफा जी’ सवाल उठाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा और ट्रक कहां जाएंगे।
‘अब नाराज फूफा को काम मिल गया’
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने के बाद विपक्ष के पास सवाल उठाने का एक नया मुद्दा आ गया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “लेकिन अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहां जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।”
प्रधानमंत्री के इस बयान को विपक्ष पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया। उन्होंने अपने संबोधन में किसी विपक्षी दल या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन ‘नाराज फूफा’ वाले तंज के जरिए उन्होंने विकास परियोजनाओं को लेकर उठने वाली आपत्तियों पर अपनी बात रखी।
फ्रेट कॉरिडोर को विकसित भारत की जीवन रेखा बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर केवल माल ढुलाई के लिए बनाई गई रेल परियोजना नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है। मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ने और उनके लिए अलग कॉरिडोर उपलब्ध होने से माल परिवहन के क्षेत्र में बदलाव आ रहा है।
उन्होंने डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर सामान को स्थानांतरित किया जा सका। प्रधानमंत्री ने इसे परिवहन व्यवस्था में बढ़ती क्षमता का उदाहरण बताया।
आदिवासी क्षेत्रों तक भी पहुंच रही रेल
पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ देश में रेल नेटवर्क का विस्तार उन क्षेत्रों तक भी किया जा रहा है, जहां दशकों तक रेल सुविधा नहीं पहुंची थी। उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों को भी रेल परियोजनाओं के माध्यम से जोड़ा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल संपर्क का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे क्षेत्रों तक भी किया जा रहा है, जो लंबे समय से बेहतर परिवहन सुविधा से दूर रहे हैं। उनके मुताबिक, नए रेल संपर्क से इन क्षेत्रों को देश के व्यापक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
पहले एक-दो ट्रेन की घोषणा, अब लगातार नई ट्रेनें: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों और मौजूदा दौर की रेल परियोजनाओं की तुलना करते हुए कहा कि पहले बजट में एक-दो नई ट्रेनों की घोषणा होती थी और लंबे समय तक उसी का प्रचार किया जाता था। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि अब पूरे साल एक के बाद एक नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी कई नई ट्रेनों को शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने रेलवे के विस्तार, नई रेल सेवाओं और आधारभूत ढांचे में निवेश को देश के विकास से जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।
रेलवे बजट पौने तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे के बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रेलवे का बजट पौने 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। पीएम मोदी के अनुसार, यह करीब 12 वर्ष पहले की तुलना में कई गुना अधिक है।
उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण पर किया जा रहा यह खर्च केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हजारों-लाखों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार को आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़ते हुए इसके व्यापक प्रभाव की बात कही।
‘झूठ की गूंज’ और ‘सच की हुंकार’ का जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच युवाओं की सोच का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि झूठ की गूंज से भ्रमित करने वाले लोग हर चौराहे पर मिल सकते हैं, लेकिन भारत का युवा सच की हुंकार के साथ आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश का युवा यह देख रहा है कि सरकार ऊर्जा और विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर किस तरह ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों पर फोकस के साथ काम कर रही है।
सौर से परमाणु ऊर्जा तक कई क्षेत्रों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में ऊर्जा क्षेत्र के कई अलग-अलग स्रोतों पर एक साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने सोलर, विंड, हाइड्रो और न्यूक्लियर सेक्टर का उल्लेख किया। उनके अनुसार, देश की विकास यात्रा में इन सभी क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का युवा इन बदलावों को देख रहा है और देश के विकास की दिशा को समझ रहा है। उन्होंने युवाओं को देश की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि वे सच की आवाज के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
35 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का कार्यक्रम
वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम करीब 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से जुड़ा था। इस दौरान उन्होंने रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में नई रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर भी जोर रहा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इन परियोजनाओं को देश के परिवहन ढांचे और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में पेश किया। इसी दौरान उन्होंने फ्रेट कॉरिडोर की उपयोगिता, माल परिवहन की क्षमता और रेलवे के आधुनिकीकरण पर विस्तार से बात की।
विपक्ष पर निशाना, विकास कार्यों को बताया जवाब
पीएम मोदी के संबोधन में एक ओर जहां रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख रहा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर राजनीतिक कटाक्ष भी देखने को मिला। ‘नाराज फूफा’ वाली टिप्पणी के जरिए उन्होंने फ्रेट कॉरिडोर से जुड़े संभावित सवालों पर विपक्ष को घेरा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में बुनियादी ढांचे का विस्तार तेजी से हो रहा है और नई परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को गति देने का काम कर रही हैं। उन्होंने रेलवे के बढ़ते बजट, नई ट्रेनों, फ्रेट कॉरिडोर और दूरदराज के क्षेत्रों तक रेल संपर्क को सरकार की विकास नीति से जोड़ा।
