नई दिल्ली। क्रिकेट में कभी-कभी एक खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन कर जाता है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल होता है। अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। एक समय अफगानिस्तान की टीम महज 5 रन पर चार विकेट गंवाकर मुकाबले में पूरी तरह पिछड़ती नजर आ रही थी। 38 रन तक पहुंचते-पहुंचते टीम के पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे मुश्किल हालात में जब अफगानिस्तान की पारी के जल्द सिमटने की आशंका जताई जा रही थी, तब अजमतुल्लाह उमरजई ने ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की कि पूरा मुकाबला ही बदल गया। उन्होंने न केवल टीम को संकट से बाहर निकाला, बल्कि छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल कर ली।
5 रन पर चार विकेट गिरने के बाद अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ाई
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टॉस हारने के बाद अफगानिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। टीम को उम्मीद थी कि उसके बल्लेबाज अच्छी शुरुआत देंगे, लेकिन मैदान पर कहानी बिल्कुल उलट दिखाई दी। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही अफगानिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया।
अफगानिस्तान ने महज 5 रन के स्कोर पर अपने चार विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों से टीम उबर भी नहीं पाई थी कि विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। 38 रन के स्कोर तक अफगानिस्तान की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। इस स्थिति में जिम्बाब्वे का पलड़ा काफी भारी दिखाई देने लगा था। ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान की टीम बेहद कम स्कोर पर सिमट जाएगी।
लेकिन क्रिकेट के इसी अनिश्चित खेल में अजमतुल्लाह उमरजई ने अपनी बल्लेबाजी से सभी समीकरण बदल दिए। उन्होंने दबाव में घबराने के बजाय जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।
उमरजई का तूफान, 50 गेंदों में 116 रन ठोककर मचाई तबाही
अफगानिस्तान की मुश्किल स्थिति में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए अजमतुल्लाह उमरजई ने शानदार अंदाज में मोर्चा संभाला। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को लगातार निशाना बनाया। उमरजई ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी।
उन्होंने केवल 50 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौकों और 12 छक्कों की मदद से 116 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी की खासियत यह रही कि उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में भी रन बनाने की गति कम नहीं होने दी। एक तरफ शुरुआती विकेट गिरने से टीम दबाव में थी, तो दूसरी तरफ उमरजई लगातार बड़े शॉट लगाकर स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाते रहे।
उनकी इस शानदार पारी के दम पर अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में 222 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने 223 रनों का लक्ष्य रखा। शुरुआती पांच विकेट जल्दी गंवाने के बाद इस तरह का स्कोर खड़ा करना अफगानिस्तान के लिए बड़ी वापसी साबित हुआ।
छठे नंबर पर शतक लगाकर उमरजई ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, पहले कोई नहीं कर सका था यह कारनामा
अजमतुल्लाह उमरजई की 116 रनों की पारी ने उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। वह पूर्ण सदस्य देशों की टीमों की ओर से छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
इससे पहले इस श्रेणी में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अफगानिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी के नाम था। नबी ने वर्ष 2017 में आयरलैंड के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली थी। उमरजई ने 116 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों को अक्सर सीमित गेंदों में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी मिलती है। ऐसे में शतक लगाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उमरजई ने न केवल इस चुनौती को पूरा किया, बल्कि पुराने रिकॉर्ड से काफी आगे निकल गए।
छठे या उससे निचले क्रम पर सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर
पूर्ण सदस्य देशों की टीमों के खिलाड़ियों में छठे या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर की सूची में अब अजमतुल्लाह उमरजई पहले स्थान पर हैं।
- 116 रन – अजमतुल्लाह उमरजई बनाम जिम्बाब्वे, 2026
- 89 रन – मोहम्मद नबी बनाम आयरलैंड, 2017
- 87 रन – सैम बिलिंग्स बनाम वेस्टइंडीज, 2019
- 85* रन – कैमरन व्हाइट बनाम श्रीलंका, 2010
- 85* रन – डेविड मिलर बनाम पाकिस्तान, 2021
- इस सूची में उमरजई का शीर्ष पर पहुंचना उनकी पारी की ऐतिहासिक अहमियत को दर्शाता है। उन्होंने ऐसे समय में शतक लगाया, जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी।
सिकंदर रजा ने भी जड़ा शतक, लेकिन जिम्बाब्वे को नहीं दिला सके जीत
अफगानिस्तान के 222 रनों के स्कोर के जवाब में जिम्बाब्वे की टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी।
सिकंदर रजा ने 56 गेंदों में 5 चौकों और 9 छक्कों की मदद से 106 रन बनाए। उनकी इस शतकीय पारी ने जिम्बाब्वे की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा। उन्होंने बड़े शॉट लगाकर टीम को 200 रन के पार पहुंचाया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका।
जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 202 रन ही बना सकी। इस तरह अफगानिस्तान ने 19 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया। सिकंदर रजा का शतक शानदार रहा, लेकिन टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
उमरजई की ऐतिहासिक पारी से अफगानिस्तान ने जीती सीरीज
इस मुकाबले में जीत के साथ अफगानिस्तान ने सीरीज भी अपने नाम कर ली। टीम की शुरुआत इतनी खराब रही कि एक समय उसके लिए सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना भी मुश्किल दिखाई दे रहा था। लेकिन उमरजई ने अपनी बल्लेबाजी से न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि मैच का परिणाम भी अफगानिस्तान के पक्ष में करने में अहम भूमिका निभाई।
