नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया ने 1-0 से जीत दर्ज की। इस दौरे पर भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी गेंदबाजी से खास प्रभाव छोड़ा। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ऐसे समय मिला जब जसप्रीत बुमराह टीम में मौजूद नहीं थे और तेज गेंदबाजी विभाग में प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से निभाई।
दो टेस्ट में 7 विकेट लेकर बने सबसे प्रभावी तेज गेंदबाज
श्रीलंका दौरे पर प्रसिद्ध कृष्णा ने दो टेस्ट मैचों में कुल 7 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने 24.57 की औसत से गेंदबाजी की और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/52 रहा। भारतीय गेंदबाजी में स्पिनर मानव सुथार ने 16 विकेट और रविंद्र जडेजा ने 8 विकेट हासिल किए। हालांकि, तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी उपयोगिता साबित की और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में प्रसिद्ध पर तेज गेंदबाजी विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए दोनों टेस्ट मैचों में प्रभावी गेंदबाजी की और टीम के लिए जरूरी मौकों पर विकेट हासिल किए।
प्रदर्शन के लिए मिला खास ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ सम्मान
प्रसिद्ध कृष्णा को ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खास पदक टीम के प्रदर्शन विश्लेषक हरि प्रसाद मोहन ने प्रदान किया। पदक देते समय हरि प्रसाद ने प्रसिद्ध के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
हरि प्रसाद मोहन ने बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में कहा कि सीरीज का इम्पैक्ट प्लेयर उस खिलाड़ी को दिया जा रहा है जिसने कड़ी मेहनत की, गेंद को बात करने पर मजबूर किया और मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजों से सही सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जब भी प्रसिद्ध को मौका मिला, उन्होंने गेंद से अपना प्रभाव छोड़ा।
प्रसिद्ध के सवालों की भी हुई तारीफ
हरि प्रसाद मोहन ने प्रसिद्ध कृष्णा की तैयारी और विश्लेषण में रुचि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कोलंबो पहुंचने के बाद से ही प्रसिद्ध लगातार उनसे काफी डेटा मांग रहे थे।
हरि प्रसाद ने मजाकिया अंदाज में कहा कि टीम में यदि कोई दूसरा व्यक्ति प्रदर्शन विश्लेषक का काम कर सकता है तो वह प्रसिद्ध कृष्णा हैं। उन्होंने प्रसिद्ध की लगातार मेहनत, विकेट और मैदान पर प्रभाव के साथ-साथ उनके लगातार पूछे जाने वाले सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि यह पुरस्कार उन्हें दिया जाता है।
सम्मान मिलने के बाद प्रसिद्ध ने किसे दिया श्रेय?
‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार मिलने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने इसका श्रेय अकेले खुद नहीं लिया। उन्होंने टीम के प्रत्येक सदस्य और सहयोगी स्टाफ के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
प्रसिद्ध ने कहा कि टीम में मौजूद किसी एक व्यक्ति के बिना भी यह संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ियों को निश्चित रूप से उनका श्रेय मिला है, लेकिन टीम के आसपास मौजूद हर व्यक्ति का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।
सपोर्ट स्टाफ और रिजर्व खिलाड़ियों को भी सराहा
प्रसिद्ध कृष्णा ने टेस्ट मैच के दौरान टीम के लंबे अभ्यास सत्रों और सपोर्ट सिस्टम का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच के दौरान खिलाड़ी टीम के शिविर में रहते हैं और हर सत्र में लंबे अभ्यास किए गए।
उन्होंने टीम के उन सदस्यों की भी तारीफ की जो तेज गर्मी के बावजूद मैदान के बाहर मौजूद रहे। प्रसिद्ध ने बताया कि इन लोगों ने पानी पहुंचाने से लेकर अन्य जरूरी कामों में सहयोग किया। उन्होंने रिजर्व खिलाड़ियों के योगदान का भी जिक्र किया, जो बाहर से आकर टीम के सदस्यों की मदद करते रहे।
प्रसिद्ध ने कहा कि पूरी टीम की यह मेहनत सभी को आगे ले जाएगी और टीम को इसी तरह आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सभी का धन्यवाद भी किया।
भारत ने पहली पारी में खड़ा किया 503 रन का विशाल स्कोर
मुकाबले की बात करें तो भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 503/9 का विशाल स्कोर बनाया।
देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 117 रन की पारी खेली। उन्होंने 193 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 12 चौके लगाए। ध्रुव जुरेल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 115 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
ऋषभ पंत ने 89 गेंदों पर 63 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 2 छक्के लगाए। कप्तान शुभमन गिल ने भी 108 गेंदों का सामना करते हुए 50 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से असिता फर्नांडो ने चार विकेट हासिल किए।
श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमटी
भारत के बड़े स्कोर के जवाब में श्रीलंका की टीम पहली पारी में 290 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि, श्रीलंका की ओर से दिनुशा ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 162 गेंदों पर 103 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
पसिंदु सूरियाबंदर ने भी श्रीलंका की पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 133 गेंदों में 80 रन बनाए। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों के प्रदर्शन ने श्रीलंका को भारत के पहली पारी के स्कोर के करीब पहुंचने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने मुकाबला बचाया
भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन दिया। दूसरी पारी में श्रीलंका की स्थिति एक समय 218/6 के स्कोर पर मुश्किल नजर आ रही थी। इसके बाद दिनुशा और केशरा नुवांथा ने पारी को संभाला और दोनों के बीच 112 रन की साझेदारी हुई।
केशरा नुवांथा ने 150 गेंदों पर 46 रन बनाए। वहीं दिनुशा ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 133 रन की पारी खेली। यह दिनुशा का इस सीरीज में तीसरा शतक था। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी उनका साथ दिया और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए इंतजार करना पड़ा।
श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी 429/9 पर घोषित/समाप्त की और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। इसके बावजूद भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की।
बुमराह की गैरमौजूदगी में प्रसिद्ध ने बढ़ाया भरोसा
श्रीलंका दौरे पर प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम के लिए महत्वपूर्ण माना गया। जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने दो टेस्ट मैचों में 7 विकेट लिए और मुश्किल परिस्थितियों में लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।
उनके प्रदर्शन को ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के सम्मान से भी मान्यता मिली। टीम के प्रदर्शन विश्लेषक हरि प्रसाद मोहन की ओर से मिली प्रशंसा ने भी यह स्पष्ट किया कि प्रसिद्ध की गेंदबाजी के साथ-साथ उनकी तैयारी और खेल को समझने की क्षमता पर टीम के भीतर ध्यान दिया गया।
आगे के टेस्ट मैचों में भी रहेगी नजर
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में मिले सम्मान के बाद प्रसिद्ध कृष्णा का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर मजबूत हुआ है। बुमराह की अनुपस्थिति में उन्होंने जिस तरह तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उससे टीम में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ी है। अब आगामी टेस्ट मुकाबलों में भी उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
