पाकिस्तान की पारी 55 रन पर सिमटी

टॉस जीतकर पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन उनका यह निर्णय टीम के लिए भारी साबित हुआ। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। पाकिस्तान की पूरी टीम 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन बनाकर पवेलियन लौट गई।

पाकिस्तान की ओर से शावाल जुल्फिकार ने सर्वाधिक 14 रन बनाए, जबकि मुनीबा अली ने 13 रनों का योगदान दिया। इन दोनों के अलावा पाकिस्तान की कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। पाकिस्तान की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके नौ बल्लेबाज 10 रन से कम के स्कोर पर आउट हुए।

श्री चरणी और प्रेमा रावत ने बरपाया कहर

भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। श्री चरणी और प्रेमा रावत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट हासिल किए। दीप्ति शर्मा को 2 विकेट मिले, जबकि शेफाली वर्मा ने भी एक विकेट अपने नाम किया। पाकिस्तान का एक विकेट रन आउट के रूप में गिरा।

भारतीय गेंदबाजों के लगातार दबाव के कारण पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। 40 मिनट के खेल के भीतर ही पाकिस्तान के छह बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद भी भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा ढीला नहीं किया और पूरी टीम को 55 रन पर रोक दिया।

28 रन पर पाकिस्तान को दूसरा झटका

पाकिस्तान की पारी की शुरुआत भी ज्यादा प्रभावशाली नहीं रही। शुरुआती ओवरों में टीम ने कुछ रन जोड़े, लेकिन 28 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते उसे लगातार दो झटके लग गए। मुनीबा अली 13 रन बनाकर शेफाली वर्मा की गेंद पर आउट हुईं। इसके बाद गुल फिरोजा खाता खोले बिना श्री चरणी का शिकार बनीं।

श्री चरणी ने गुल फिरोजा को नंदनी शर्मा के हाथों कैच कराया। इसके बाद पाकिस्तान के विकेट गिरने का सिलसिला लगातार जारी रहा।

45 रन तक पाकिस्तान के सात विकेट गिरे

पाकिस्तान की हालत इतनी खराब हो गई कि 45 रन के स्कोर तक उसके सात बल्लेबाज आउट हो चुके थे। सातवां विकेट रन आउट के रूप में गिरा, जिसमें दीप्ति शर्मा की शानदार फुर्ती देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने क्षेत्ररक्षण में भी दबाव बनाए रखा और पाकिस्तान को कोई बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया।

इसके बाद प्रेमा रावत ने लगातार सफलता हासिल की। उन्होंने पाकिस्तान के आठवें और नौवें विकेट भी हासिल किए। नौवां विकेट 54 रन के स्कोर पर गिरा, जिसके बाद पाकिस्तान की पारी 55 रन पर समाप्त हो गई।

56 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की शुरुआत

55 रन पर पाकिस्तान के ऑलआउट होने के बाद भारत के सामने केवल 56 रन का लक्ष्य था। भारतीय टीम के लिए यह लक्ष्य बेहद छोटा था, लेकिन पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखने की पूरी कोशिश की।

भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती दौर में कुछ विकेट गंवाए। फातिमा सना ने शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना को आउट कर भारतीय टीम को 29 रन पर तीन झटके दिए। चार ओवर के बाद भारत का स्कोर 29/3 था।

फातिमा सना ने तीन विकेट लेकर मुकाबले में रोमांच बढ़ाया

पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना के विकेट गिरने से कुछ समय के लिए पाकिस्तान के खेमे में उम्मीद जगी।

हालांकि, 56 रनों के छोटे लक्ष्य के कारण भारत की स्थिति मजबूत बनी रही। भारतीय बल्लेबाजों ने संयम के साथ खेलते हुए लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया और अंततः 8.4 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली।

भारत ने 7 विकेट से दर्ज की बड़ी जीत

भारतीय महिला टीम ने 8.4 ओवर में 56 रनों का लक्ष्य हासिल कर पाकिस्तान के खिलाफ 7 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने महिला एशिया कप 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाया। भारतीय टीम पहले ही हांगकांग चीन और थाईलैंड को बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी थी।

इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन सबसे बड़ी खासियत रहा। पाकिस्तान की पूरी टीम को 55 रन पर रोकने के बाद भारतीय टीम ने छोटे लक्ष्य को जल्दी हासिल करके मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले का पुराना रिकॉर्ड भी भारत के पक्ष में

भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पिछले 10 टी20 मुकाबलों में से नौ में जीत दर्ज की है। उसे एकमात्र हार 2022 एशिया कप के दौरान मिली थी।

दोनों देशों के बीच क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल रहा। हालांकि, मैदान पर भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा कायम रखा और पाकिस्तान को कम स्कोर पर रोककर मुकाबले को एकतरफा बना दिया।

दुबई की पिच पर गेंदबाजों का दबदबा

दुबई में एशिया कप के दौरान खेले गए मुकाबलों में अब तक हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को नहीं मिले हैं। अधिकांश मैच मध्यम या कम स्कोर वाले रहे हैं। ऐसे में इस मुकाबले में भी गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां अनुकूल नजर आईं।

भारत की ओर से दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, प्रेमा रावत और शेफाली वर्मा ने इन परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया। पाकिस्तान की बल्लेबाजी इन गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और टीम 18.1 ओवर में 55 रन पर सिमट गई।

भारत और पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन

भारत की प्लेइंग इलेवन में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, नंदनी शर्मा, श्री चरणी और क्रांति गौड़ शामिल रहीं।

पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन में मुनीबा अली (विकेटकीपर), शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), उम्म-ए-हानी, एयमान फातिमा, तुबा हसन, नाशरा संधू और सादिया इकबाल शामिल थीं।

भारत का अभियान शानदार, पाकिस्तान के लिए आगे की चुनौती

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशिया कप 2026 में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत ने अपने शुरुआती मुकाबलों में हांगकांग चीन और थाईलैंड को बड़े अंतर से हराया और नॉकआउट चरण में अपनी जगह पहले ही पक्की कर ली थी। पाकिस्तान ने भी थाईलैंड के खिलाफ जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी।

पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ यह मुकाबला अहम था, क्योंकि जीत से उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती थी। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और टीम केवल 55 रन ही बना सकी।