ere | Source: ererनई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। दिवाली से पहले महंगाई भत्ते में वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठे 55 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली संभावित केंद्रीय कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। चर्चा है कि यदि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होती है, तो सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला कर सकती है। हालांकि, इस बैठक और महंगाई भत्ते की घोषणा को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।

आज कैबिनेट बैठक हुई तो क्या मिलेगा दिवाली का तोहफा?

केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार 28 अक्टूबर को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा करेगी। इससे पहले 14 अक्टूबर और फिर 21 अक्टूबर को भी डीए बढ़ोतरी की घोषणा को लेकर चर्चाएं हुई थीं, लेकिन कर्मचारियों को अपेक्षित फैसला नहीं मिला। अब अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण फैसला है और सरकार बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद इसकी घोषणा कर सकती है। हालांकि, यह संभावना है, आधिकारिक घोषणा नहीं। जब तक केंद्र सरकार की ओर से निर्णय जारी नहीं किया जाता, तब तक बढ़ोतरी की तारीख और प्रतिशत को निश्चित नहीं माना जा सकता।

सितंबर से अक्टूबर तक क्यों बढ़ता गया कर्मचारियों का इंतजार?

केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स पिछले कई सप्ताह से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में संशोधन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार सितंबर में ही इस संबंध में फैसला ले लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद अक्टूबर में भी कई संभावित तारीखों को लेकर चर्चाएं सामने आईं। 14 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक के बाद भी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया। हालांकि, इस दौरान सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन से जुड़े बोनस को मंजूरी दी। इसके बाद 16 अक्टूबर को केंद्रीय गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए गैर-उत्पादकता से जुड़ा बोनस घोषित किया गया। इन घोषणाओं के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि महंगाई भत्ते पर भी जल्द फैसला हो सकता है, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। अब 28 अक्टूबर की संभावित बैठक को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ी हैं।

जुलाई 2026 से लागू हो सकता है बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता, मिलेगा एरियर?

महंगाई भत्ते में प्रस्तावित बढ़ोतरी का लाभ जुलाई 2026 से दिए जाने की उम्मीद है। इसका मतलब यह है कि यदि सरकार अक्टूबर में बढ़ोतरी को मंजूरी देती है और उसे जुलाई से प्रभावी घोषित करती है, तो पात्र कर्मचारियों को जुलाई से लागू संशोधित दर के अनुसार बकाया राशि यानी एरियर मिल सकता है। मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, यदि इसी महीने घोषणा होती है, तो कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर नवंबर के अंत में मिलने वाली सैलरी के साथ मिल सकता है। हालांकि, एरियर के भुगतान की वास्तविक तारीख और प्रक्रिया सरकार के आधिकारिक आदेश पर निर्भर करेगी। कर्मचारियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जुलाई से बढ़ोतरी लागू होने की संभावना और एरियर के भुगतान की तारीख तब तक निश्चित नहीं होगी, जब तक सरकार इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी नहीं करती।

DA में 3% बढ़ोतरी का अनुमान, 60% से बढ़कर 63% हो सकता है महंगाई भत्ता

इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि सरकार इस अनुमान के अनुरूप फैसला लेती है, तो महंगाई भत्ते की दर मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकती है। महंगाई भत्ते में संशोधन का उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करने में कर्मचारियों की मदद करना है। डीए की गणना मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। प्रस्तावित बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में वृद्धि हो सकती है, जबकि पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) में संशोधन का लाभ मिल सकता है। हालांकि, 3 प्रतिशत की वृद्धि फिलहाल एक अनुमान है। अंतिम दर का पता केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा।

47,600 बेसिक सैलरी वालों की कितनी बढ़ेगी हर महीने की कमाई?

महंगाई भत्ते में संभावित बढ़ोतरी का असर समझने के लिए 47,600 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी का उदाहरण लिया जा सकता है। यदि मौजूदा डीए दर 60 प्रतिशत है और इसे बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया जाता है, तो कर्मचारी को मिलने वाले महंगाई भत्ते में हर महीने 1,428 रुपये की वृद्धि होगी। गणना के अनुसार, 47,600 रुपये मूल वेतन पर 60 प्रतिशत की दर से डीए 28,560 रुपये बनता है। वहीं, 63 प्रतिशत की दर से यह राशि बढ़कर 29,988 रुपये हो जाएगी। इस तरह दोनों दरों के बीच 1,428 रुपये का अंतर होगा। यह गणना केवल उदाहरण के लिए है और वास्तविक लाभ कर्मचारी के मूल वेतन तथा सरकार द्वारा स्वीकृत अंतिम दर पर निर्भर करेगा।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रभाव कुछ कर्मचारियों के परिवहन भत्ते यानी ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर भी पड़ सकता है। दिए गए उदाहरण के अनुसार, नई दिल्ली जैसे उच्च परिवहन भत्ता श्रेणी वाले शहर में तैनात लेवल-8 के कर्मचारी का ट्रांसपोर्ट अलाउंस डीए सहित 5,760 रुपये से बढ़कर 5,868 रुपये हो सकता है। इस स्थिति में परिवहन भत्ते से जुड़ी राशि में 108 रुपये की वृद्धि होगी। यदि मूल वेतन 47,600 रुपये वाले इस कर्मचारी के डीए में 1,428 रुपये और परिवहन भत्ते में संभावित 108 रुपये की बढ़ोतरी को जोड़ा जाए, तो कुल मासिक लाभ लगभग 1,536 रुपये हो सकता है। यह उदाहरण संबंधित वेतन और भत्ता व्यवस्था पर आधारित है। प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाला वास्तविक लाभ उसके वेतन स्तर, तैनाती के शहर और लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

महंगाई भत्ते के साथ-साथ केंद्रीय पेंशनभोगियों की नजरें महंगाई राहत (DR) में संशोधन पर भी टिकी हैं। महंगाई भत्ता जहां सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाता है, वहीं महंगाई राहत पेंशनभोगियों के लिए होती है। यदि सरकार संबंधित संशोधन को मंजूरी देती है, तो पात्र पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिल सकता है। हालांकि, लाभ की वास्तविक राशि संबंधित पेंशन और सरकार द्वारा घोषित दर पर निर्भर करेगी। इसलिए कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों के लिए भी आधिकारिक आदेश महत्वपूर्ण रहेगा।

28 अक्टूबर 2026 को महंगाई भत्ते की घोषणा को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों को 3 प्रतिशत बढ़ोतरी, डीए की दर 60 से 63 प्रतिशत होने और जुलाई से एरियर मिलने की उम्मीद है। इसके बावजूद कैबिनेट बैठक और डीए वृद्धि को लेकर सरकार की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार की घोषणा का इंतजार करना होगा। यदि प्रस्तावित वृद्धि को मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों की मासिक आय और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, घोषणा नहीं होने की स्थिति में दिवाली से पहले डीए बढ़ोतरी की उम्मीदें आगे खिसक सकती हैं।