पटना। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब विपक्ष के खिलाफ सड़क पर उतरकर राजनीतिक अभियान चलाने जा रही है। पार्टी ने इसके लिए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की घोषणा की है। इस अभियान की शुरुआत बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को राजधानी पटना से होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। पार्टी की योजना इस कार्यक्रम को केवल पटना तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि पहले चरण में बिहार के 10 प्रमंडलीय मुख्यालयों और इसके बाद जिला स्तर तक अभियान का विस्तार करने की है। इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ अपनी बात जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है।
गांधी मैदान से कारगिल चौक तक निकलेगी पदयात्रा
भाजपा के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को पटना के गांधी मैदान स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। यह मार्च कारगिल चौक तक निकाला जाएगा। कार्यक्रम का समय सुबह लगभग 11 बजे से 11:30 बजे के बीच निर्धारित बताया गया है। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा ने इस पदयात्रा को लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और विपक्ष की कथित भ्रामक राजनीति के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के रूप में पेश किया है। पार्टी का कहना है कि वह इस कार्यक्रम के माध्यम से जनता के बीच जाकर विपक्ष के आरोपों और दावों पर अपना पक्ष रखेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी के कारण पटना में होने वाली इस शुरुआत को पार्टी के अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ भाजपा का अभियान
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को जारी बयान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पूरे देश में ऐसा राजनीतिक नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे भाजपा गलत और भ्रामक मानती है। इसी के विरोध में पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
संजय सरावगी के मुताबिक, भाजपा इस अभियान के जरिए जनता के बीच जाकर विपक्ष की राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगी। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी और राजनीतिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा इन आरोपों का जवाब सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क के माध्यम से देने की तैयारी कर रही है।
इस अभियान का पहला चरण 5 नवंबर 2026 तक देशभर में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। बिहार में भी इसे व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी की गई है। पार्टी की रणनीति के तहत प्रमुख शहरों में पदयात्रा के बाद जिला मुख्यालयों तक कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा।
चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरेगी BJP
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए इन संस्थाओं को निशाना बना रही है।
मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया को लेकर भी संजय सरावगी ने कांग्रेस की बयानबाजी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस लगातार अनर्गल बयान दे रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है कि विपक्ष इस तरह के मुद्दों के माध्यम से अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
सरावगी ने कहा कि भाजपा इस प्रकार की राजनीति का जवाब तथ्यों के आधार पर जनता के बीच जाकर देगी। पार्टी का दावा है कि पदयात्रा के दौरान लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से संबंधित विषयों पर लोगों के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा। हालांकि, विपक्ष के खिलाफ लगाए गए ये आरोप भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर आधारित हैं।
पहले चरण में बिहार के 10 प्रमंडलीय मुख्यालयों पर फोकस
भाजपा ने अभियान के पहले चरण में बिहार के 10 प्रमंडलीय मुख्यालयों में बड़े स्तर पर पदयात्रा आयोजित करने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत पटना से होगी। पार्टी की योजना है कि प्रमुख शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक अभियान का संदेश पहुंचाया जाए।
पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में होने वाली पदयात्रा के बाद अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए भाजपा अपने राजनीतिक संदेश को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना चाहती है। पार्टी का कहना है कि अभियान के दौरान कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर विपक्ष के दावों का जवाब देंगे और अपनी बात रखेंगे।
इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में प्रमंडलीय मुख्यालयों पर जोर रहेगा, जबकि दूसरे चरण में जिला स्तर पर पदयात्रा और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे पार्टी को स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और अपने अभियान को व्यापक बनाने का अवसर मिलेगा।
दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों तक पहुंचेगा अभियान
संजय सरावगी ने बताया कि भाजपा इस अभियान को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखेगी। पहले चरण के बाद जिला मुख्यालयों में भी पदयात्रा और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की योजना है। पार्टी का उद्देश्य अपने राजनीतिक संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाना और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच चर्चा करना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही। पार्टी के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनविश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
बिहार में इस पदयात्रा के जरिए भाजपा विपक्ष के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान तेज करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में पटना से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम पार्टी की आगामी जनसंपर्क गतिविधियों की दिशा तय करेगा।
