ere | Source: ereवेलिंगटन। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचित कर दिया। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक ने महज 38 गेंदों पर 113 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में नौ चौके और 11 छक्के शामिल रहे। भारतीय टीम ने उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड से मिले 199 रन के लक्ष्य को 40 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। हालांकि, इतनी तेज बल्लेबाजी करने वाले अभिषेक शर्मा अपने आदर्श युवराज सिंह के एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने की चुनौती को आसान नहीं मानते। उन्होंने साफ कहा कि 12 गेंदों में 50 रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद मुश्किल काम है।

युवराज सिंह के रिकॉर्ड पर अभिषेक शर्मा का बड़ा बयान

अभिषेक शर्मा बचपन से ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह को अपना आदर्श मानते आए हैं। युवराज ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 12 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा था। उनकी इस उपलब्धि को क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है। अब अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे अभिषेक से जब इस रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे बेहद कठिन चुनौती बताया।

मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए अभिषेक ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उस समय युवराज किस तरह की क्रिकेट खेल रहे थे, लेकिन यह बिल्कुल भी आसान नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि कोई बल्लेबाज इस तरह का इरादा लेकर मैदान पर उतर भी जाए, तब भी इतने कम समय में 50 रन बनाना आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक, कोई खिलाड़ी यूं ही मैदान पर जाकर 12 गेंदों में 50 रन नहीं बना सकता। ऐसा प्रदर्शन कभी-कभार ही देखने को मिलता है।

अभिषेक का यह बयान बताता है कि तेज रन बनाने के बावजूद वह व्यक्तिगत रिकॉर्ड के पीछे भागने के बजाय टीम की जीत को प्राथमिकता देते हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत देना और मुकाबले को जीत की दिशा में आगे बढ़ाना है।

38 गेंदों में 113 रन, नौ चौके और 11 छक्कों से गेंदबाजों की बढ़ाई मुश्किलें

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 38 गेंदों में 113 रन बनाकर भारतीय पारी को ऐसी गति दी कि मेजबान टीम के गेंदबाजों के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया। उनकी पारी में नौ चौके और 11 छक्के शामिल रहे।

भारत के सामने 199 रन का लक्ष्य था, लेकिन अभिषेक की बल्लेबाजी ने लक्ष्य का पीछा करने की चुनौती को काफी आसान बना दिया। भारतीय टीम ने 40 गेंद शेष रहते ही जीत हासिल कर ली। इस तरह मुकाबले में अभिषेक की पारी निर्णायक साबित हुई।

उनकी बल्लेबाजी की खासियत केवल बड़े शॉट लगाना नहीं थी, बल्कि परिस्थितियों को समझते हुए सही गेंद पर सही शॉट का चयन करना भी था। अभिषेक ने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पिच की स्थिति, मैदान की सीमारेखा की दूरी और गेंदबाज की शैली को ध्यान में रखते हैं। इसी के अनुसार वह अपने शॉट खेलने का फैसला करते हैं।

रिकॉर्ड नहीं, टीम को जीत दिलाना है असली लक्ष्य

अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड को ध्यान में रखकर मैदान पर नहीं उतरे थे। दोनों का उद्देश्य भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाना और उस गति को बरकरार रखना था। उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाज के तौर पर वे रिकॉर्ड के पीछे नहीं भागते, बल्कि टीम को मैच जिताना उनकी प्राथमिकता होती है।

अभिषेक के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी के साथ उनकी योजना भी यही थी कि शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया जाए। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए भारतीय पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। अभिषेक ने यह भी कहा कि वे श्रृंखला के बाकी मुकाबलों में इसी तरह के खेल को जारी रखना चाहते हैं।

इस मुकाबले में अभिषेक और सूर्यवंशी के बीच हुई 44 गेंदों में 133 रन की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। कम गेंदों में इतनी बड़ी साझेदारी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया और भारत को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया।

कोचिंग स्टाफ और अभ्यास को दिया अपनी सफलता का श्रेय

अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का श्रेय टीम के कोचिंग स्टाफ और नियमित अभ्यास को दिया। उन्होंने बताया कि साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ लगातार अभ्यास करने से उन्हें अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली को बेहतर बनाने में मदद मिली है।

अभिषेक ने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। इसके लिए की गई तैयारी अहम होती है। मैं हमारे कोचों का विशेष रूप से जिक्र करना चाहूंगा, क्योंकि हम साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ काफी अभ्यास कर रहे हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज बल्लेबाजी के लिए केवल आक्रामक सोच पर्याप्त नहीं होती। इसके पीछे लगातार अभ्यास, तकनीक और मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता भी जरूरी है। बल्लेबाज को यह आकलन करना पड़ता है कि पिच किस तरह खेल रही है, मैदान की सीमारेखा कितनी दूर है और सामने वाला गेंदबाज किस तरह गेंदबाजी कर रहा है।

अभिषेक ने बताया कि सोमवार का अभ्यास सत्र काफी अच्छा रहा था। वह अभ्यास में मिली लय का मैच में पूरा फायदा उठाना चाहते थे। उनके अनुसार, उन्होंने अपनी पारी की कल्पना पहले ही कर ली थी और मैदान पर वैसा ही प्रदर्शन करने में सफल रहे।

वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक शुरुआत ने बदला मैच का माहौल

अभिषेक शर्मा ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी ने पहली ही गेंद से जिस तरह आक्रामक शुरुआत की, वह खास थी। दोनों की योजना भारतीय टीम को शुरुआती गति देने और फिर उसी लय को आगे बनाए रखने की थी।

सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में रखा। इसके बाद अभिषेक ने अपनी पारी को तेजी से आगे बढ़ाते हुए बड़े शॉट लगाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच 44 गेंदों में 133 रन की साझेदारी ने भारतीय टीम की स्थिति मजबूत कर दी।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अभिषेक और सूर्यवंशी को इस तरह बल्लेबाजी करते देखना शानदार था। अय्यर ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी के लिए उतरे, तब भी गेंद स्विंग हो रही थी। उन्होंने और संजू ने एक-दूसरे से यह भी चर्चा की कि दोनों बल्लेबाजों ने इतने कम समय में इतने रन कैसे बना लिए।

अय्यर ने दोनों के प्रदर्शन को अद्भुत और हैरान करने वाला बताया। उनके बयान से स्पष्ट था कि भारतीय टीम के शीर्ष क्रम ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर किस तरह दबाव बनाया।

न्यूजीलैंड के कप्तान ने भी मानी भारतीय बल्लेबाजों की ताकत

न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक खेल की तारीफ की। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की बल्लेबाजी करने वाली भारतीय टीम के खिलाफ लक्ष्य का बचाव करना बेहद कठिन है।

सैंटनर ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों का यह अंदाज उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी देखा है और अब न्यूजीलैंड में भी उन्हें इसी तरह खेलते हुए देख रहे हैं। उन्होंने माना कि उनकी टीम का लगभग 200 रन तक पहुंचना अच्छा प्रदर्शन था और वह अपने स्कोर से काफी हद तक संतुष्ट थे। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस लक्ष्य का बचाव करना मुश्किल साबित हुआ।

न्यूजीलैंड के कप्तान ने यह भी माना कि पिच से तेज गेंदबाजों को कुछ मदद मिल रही थी। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने पावरप्ले के दौरान स्पिन गेंदबाजों का प्रभावी ढंग से सामना किया। इससे न्यूजीलैंड की टीम को भारतीय पारी पर अंकुश लगाने का मौका नहीं मिल सका।

युवराज का रिकॉर्ड और अभिषेक की बल्लेबाजी फिर चर्चा में

अभिषेक शर्मा की 113 रन की पारी ने एक बार फिर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता को चर्चा में ला दिया है। 38 गेंदों में शतक के आंकड़े को पार करना और 11 छक्के लगाना उनके प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल रहा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि युवराज सिंह के 12 गेंदों में अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ना आसान नहीं है।

अभिषेक का मानना है कि क्रिकेट में इस तरह की उपलब्धियां केवल इरादे से हासिल नहीं होतीं। इसके लिए सही परिस्थितियां, तैयारी, तकनीक और मौके का फायदा उठाने की क्षमता जरूरी होती है। यही वजह है कि उन्होंने व्यक्तिगत रिकॉर्ड की जगह टीम की जीत को प्राथमिकता देने की बात कही।