पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव की मतगणना मंगलवार, 27 अ क्टूबर 2026 को जारी रही। मतगणना के दौरान कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निष्कासित निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत दर्ज की, जबकि तिरहुत शिक्षक सीट पर एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह (एनपी सिंह) विजयी रहे। दूसरी ओर, दरभंगा की शिक्षक और स्नातक सीटों पर भाजपा तथा कांग्रेस के उम्मीदवारों को बढ़त बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के एनके यादव आगे चल रहे थे। पटना शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी रही।
सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी राहुल राज ने मारी बाजी
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव परिणाम इस मतगणना के सबसे चर्चित नतीजों में शामिल रहा। भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे राहुल राज ने जीत दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद भी उन्होंने बढ़त बनाए रखी और दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद 800 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। हालांकि, संबंधित रिपोर्ट के समय औपचारिक घोषणा की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी नहीं दी गई थी।
राहुल राज ने एनडीए से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उनके मुकाबले जेडीयू के आनंद पुष्कर और जन सुराज पार्टी के अफाक अहमद मैदान में थे। अफाक अहमद इस सीट के मौजूदा विधान पार्षद थे। मतगणना के रुझानों ने सारण शिक्षक सीट पर मुकाबले को खास बना दिया, क्योंकि भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले राहुल राज ने जीत हासिल की।
तिरहुत शिक्षक सीट पर नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें एनडीए का समर्थन प्राप्त था। इस नतीजे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत शिक्षकों के एनडीए पर भरोसे का प्रतीक है।
सम्राट चौधरी ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार शिक्षक हितों, सम्मान और शिक्षा के उत्थान के लिए लगातार काम करती रहेगी। तिरहुत सीट पर भाजपा उम्मीदवार की जीत को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा गया। वहीं, सारण में निर्दलीय राहुल राज की जीत ने चुनावी मुकाबले को एक अलग राजनीतिक संदेश दिया।
