ere | Source: reeनई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान बेहद भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है और अगले 12 घंटों में इसके और खतरनाक होने की आशंका जताई गई है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत नौ राज्यों में अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, चक्रवात के खतरे को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को लगभग 53 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इससे कई प्रमुख रेल मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।

140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ परिस्थितियों में हवा की अधिकतम गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इतनी तेज हवाओं के कारण तटीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन में परेशानी की आशंका भी बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवात बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे सटे मध्य-पश्चिमी हिस्से में केंद्रित था। पिछले छह घंटों के दौरान यह लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा। तूफान की दिशा और गति को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। उपलब्ध पूर्वानुमान में तूफान के मंगलवार, 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका जताई गई है।

53 ट्रेनें रद्द, कई प्रमुख रेल मार्गों पर पड़ेगा असर

चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को लगभग 53 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इस कदम का उद्देश्य खराब मौसम के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने से आंध्र प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और रेलवे मार्गों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम से चलने वाली या इन मार्गों से गुजरने वाली रेल सेवाओं पर असर पड़ा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, प्रस्थान समय और संभावित बदलाव की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांच लें।

रेलवे ने यात्रियों की सहायता के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले नियंत्रण कक्ष भी बनाए हैं। इनका उद्देश्य ट्रेन संचालन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर यात्रियों की समस्याओं का समाधान करना है। मौसम की स्थिति के अनुसार रेल सेवाओं में बदलाव संभव होने के कारण यात्रियों के लिए यात्रा संबंधी नवीनतम सूचना पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

नौ राज्यों में अलर्ट, बिहार और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश की आशंका

चक्रवात अर्नब का प्रभाव केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। झारखंड सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। पुडुचेरी में भी प्रशासन को सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग तारीखों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव हो सकता है। ऐसे में स्थानीय मौसम चेतावनियों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान

चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। राज्य सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए छह जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने की घोषणा की है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा है कि चक्रवात के आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम के बीच तट से टकराने की आशंका है, लेकिन इसका ओडिशा पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। राज्य में बहुत भारी बारिश होने और हवा के झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और बिहार में कब होगी भारी बारिश?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका जताई गई है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में बारिश की स्थिति चक्रवात की गति, उसकी दिशा और मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़क यातायात प्रभावित होने और दैनिक गतिविधियों में बाधा आने की आशंका रहती है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान देना इसलिए महत्वपूर्ण है।

चक्रवात के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

चक्रवात और तेज हवाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को बिना जरूरत समुद्र या खुले क्षेत्रों की ओर जाने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों, पेड़ों, बिजली के खंभों और लटकते तारों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचना चाहिए। बिजली से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सहायता लेनी चाहिए। जिन इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं, वहां इन निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

रेल यात्रियों को भी अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। रद्द या परिवर्तित रेल सेवाओं की जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यमों का उपयोग करना बेहतर होगा। मौसम की परिस्थितियों के कारण अंतिम समय में भी सेवाओं में बदलाव हो सकता है।

चक्रवात अर्नब पर अगले कुछ दिनों तक रहेगी नजर

चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में बारिश की आशंका जताई गई है। लगभग 53 ट्रेनों का रद्द होना और ओडिशा के छह जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला इस मौसम प्रणाली के संभावित प्रभाव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी रहेगी। लोगों के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और मौसम को देखते हुए अपनी यात्रा तथा दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं।