कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से पहले पुलिस आयुक्त के आधिकारिक सीयूजी नंबर पर बम विस्फोट करने की धमकी भरे संदेश मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। संदेशों में मुख्यमंत्री के कानपुर पहुंचने का समय पूछने के साथ बम लगाने और विस्फोट करने की बात कही गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल नंबर की जांच शुरू की और काकादेव इलाके से 32 वर्षीय जितेश मखीजा को पकड़ लिया। पूछताछ और परिजनों से मिली जानकारी के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे नोटिस देकर छोड़ दिया और चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले आए धमकी भरे संदेश
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कानपुर के बिठूर में कार्यक्रम निर्धारित था। इसी दिन सुबह 5 बजकर 16 मिनट पर उनके सीयूजी नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए एक संदेश आया। इसमें पूछा गया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर के परेड मैदान में कितने बजे आएंगे।
इसके तुरंत बाद दूसरा संदेश भेजा गया, जिसमें बम विस्फोट करने की बात कही गई। तीसरे संदेश में भी बम लगाने के लिए आने की बात लिखी गई थी। लगातार आए इन संदेशों ने मामले को गंभीर बना दिया। जब पुलिस आयुक्त के नंबर से कोई जवाब नहीं दिया गया तो संदेश भेजने वाले ने करीब 45 मिनट बाद सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर फिर संदेश भेजा।
इस चौथे संदेश में रामलीला मैदान में बम लगाने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी पूछने और अलग-अलग स्थानों पर बम लगाने की बात लिखे होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि संदेश मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई और भेजने वाले की पहचान करने की कार्रवाई शुरू की गई।
मोबाइल नंबर की जांच के बाद काकादेव तक पहुंची पुलिस
धमकी भरे संदेश भेजने वाले का पता लगाने के लिए पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर की जांच की। जांच के दौरान नंबर की सक्रियता कानपुर के काकादेव इलाके में मिली। इसके बाद काकादेव पुलिस और सर्विलांस सेल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की।
जांच के क्रम में पुलिस काकादेव स्थित शिवा अपार्टमेंट पहुंची, जहां से 32 वर्षीय जितेश मखीजा को पकड़ा गया। पुलिस ने उसे थाने ले जाकर पूछताछ की। इस दौरान उससे यह जानने का प्रयास किया गया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के संबंध में संदेश क्यों भेजे गए थे और बम लगाने की धमकी देने के पीछे क्या वजह थी।
पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल हैक होने की कही बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान जितेश मखीजा ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि संदेश कैसे और किसने भेजे। उसने यह भी दावा किया कि किसी ने उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया होगा। दूसरी ओर, उसके परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान परिजनों के बयान लिए और उसके इलाज से संबंधित दस्तावेज भी देखे। इसके साथ ही आरोपी से पूछताछ की गई, ताकि संदेश भेजे जाने की परिस्थितियों को समझा जा सके। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसे नोटिस देकर छोड़ दिया।
पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ा
धमकी भरे संदेशों के मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद पूछताछ की और उसके परिजनों से जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, उसकी मानसिक स्थिति और इलाज से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद उसे नोटिस देकर छोड़ने का निर्णय लिया गया। साथ ही उसे चेतावनी भी दी गई।
इस मामले में पुलिस आयुक्त के आधिकारिक नंबर पर आए संदेशों की भाषा और उनमें बम विस्फोट की बात होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से तत्काल कार्रवाई करना महत्वपूर्ण था। पुलिस ने मोबाइल नंबर का पता लगाकर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने की कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर था मामला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानपुर दौरे से पहले आए संदेशों में उनके कार्यक्रम के समय की जानकारी पूछने के साथ बम लगाने और विस्फोट करने की बात कही गई थी। संदेशों में परेड मैदान और रामलीला मैदान का उल्लेख भी किया गया था। ऐसे में पुलिस ने नंबर का पता लगाने और संदेश भेजने वाले को पकड़ने के लिए कार्रवाई की।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जितेश मखीजा को पूछताछ, परिजनों के बयान और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले मिलने वाली धमकी की सूचनाओं को गंभीरता से लेने और उनकी जांच करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
