लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी राजनीतिक सक्रियता और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। व्यस्त कार्यक्रमों के बीच दिनचर्या को व्यवस्थित रखना और स्वास्थ्य का ध्यान देना उनकी जीवनशैली के प्रमुख पहलुओं में गिना जाता है। 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी फिटनेस से जुड़ी दिनचर्या में सुबह जल्दी उठना, योग और ध्यान करना, सात्विक भोजन करना तथा रात में समय पर सोना जैसी आदतों का उल्लेख किया गया है। इन आदतों के कारण उनकी दिनचर्या में नियमितता बनी रहती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की फिटनेस केवल कुछ आदतों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि भोजन, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जैसे कई पहलू भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुबह जल्दी उठना और योग से दिन की शुरुआत
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 3 बजे उठते हैं। इसके बाद वह लगभग एक घंटे तक योग करते हैं और फिर पूजा-पाठ तथा ध्यान के लिए समय निकालते हैं। उनकी दिनचर्या में सुबह टहलना भी शामिल बताया गया है। सुबह योग करने से शरीर को सक्रिय रखने, मांसपेशियों के लचीलेपन और संतुलन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। नियमित योग और ध्यान तनाव को नियंत्रित करने तथा मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अभ्यास का तरीका और अवधि व्यक्ति की उम्र, शारीरिक क्षमता तथा स्वास्थ्य के अनुरूप होना चाहिए। सुबह की सैर भी एक सरल शारीरिक गतिविधि है, जिसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना आसान होता है। नियमित रूप से चलने से हृदय स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता और सहनशक्ति को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति सुबह 3 बजे ही उठे। पर्याप्त नींद लेते हुए अपनी सुविधानुसार नियमित समय पर उठना और व्यायाम करना अधिक महत्वपूर्ण है।
सात्विक और सादा भोजन को दिनचर्या में जगह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खानपान को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट में सात्विक और शाकाहारी भोजन का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके नाश्ते में दलिया, चना, मौसमी फल, पपीता, छाछ और सूखे मेवे शामिल होते हैं। बताया गया है कि वह सुबह करीब 8 बजे नाश्ता करते हैं। दलिया और चना जैसे खाद्य पदार्थ ऊर्जा तथा पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। फल शरीर को विटामिन, खनिज और रेशे देते हैं, जबकि सूखे मेवों में उपयोगी वसा और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करना पौष्टिक नाश्ते का हिस्सा हो सकता है।
दोपहर के भोजन में दाल, रोटी और सब्जियों पर जोर
रिपोर्ट के अनुसार, योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 2 बजे भोजन करते हैं। उनके दोपहर के खाने में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, सलाद या हल्की खिचड़ी शामिल होने का उल्लेख है। यह भोजन अनाज, प्रोटीन और सब्जियों का संयोजन उपलब्ध करा सकता है। दाल से प्रोटीन मिलता है, जबकि सब्जियां और सलाद शरीर को रेशे तथा विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। भोजन में विविधता रखने और जरूरत के अनुसार मात्रा तय करने से संतुलित आहार अपनाने में मदद मिलती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मुख्यमंत्री मसालेदार और तले-भुने खाद्य पदार्थों से परहेज करते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कुछ लोगों में एसिडिटी, अपच या अन्य पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ा सकता है। इसलिए भोजन में तेल, नमक और अत्यधिक मसालों की मात्रा सीमित रखना उपयोगी हो सकता है।
रात का भोजन हल्का रखने की आदत
रिपोर्ट के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ रात के भोजन में करीब दो रोटी, दाल और हरी सब्जियां लेते हैं। उनके रात्रिभोज में चावल शामिल नहीं होने की बात भी कही गई है। हालांकि, चावल रात में खाना सभी लोगों के लिए नुकसानदायक नहीं होता। इसकी उपयुक्तता भोजन की मात्रा, व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और संपूर्ण आहार पर निर्भर करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, रात का भोजन संतुलित मात्रा में करना और सोने से ठीक पहले बहुत भारी भोजन से बचना पाचन के लिहाज से उपयोगी हो सकता है। भोजन का समय भी ऐसा होना चाहिए कि शरीर को सोने से पहले उसे पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। रिपोर्ट में दिनभर पर्याप्त पानी और नारियल पानी लेने का भी उल्लेख है। शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है, लेकिन पानी की मात्रा मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
रात 10 से 11 बजे तक सोने की दिनचर्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बताई गई दिनचर्या में समय पर सोना भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, वह रात 9 बजे से पहले भोजन कर लेते हैं और करीब 10 से 11 बजे तक सोने चले जाते हैं। इसमें उनकी दैनिक नींद की अवधि लगभग 5 से 6 घंटे बताई गई है। हालांकि, नींद के मामले में यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए पांच से छह घंटे की नींद पर्याप्त नहीं होती। अधिकांश वयस्कों को सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए नियमित रूप से लगभग 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। पर्याप्त नींद से शरीर को आराम मिलता है और याददाश्त, एकाग्रता तथा दैनिक कामकाज को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। इसलिए योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या से प्रेरणा लेते समय उनकी व्यक्तिगत नींद की अवधि की नकल करने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त नींद लेना अधिक महत्वपूर्ण है। जल्दी उठने की आदत तभी उपयोगी है, जब सोने का समय भी उसके अनुरूप हो।
युवाओं को योग और व्यायाम के लिए दिया था संदेश
रिपोर्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवाओं को दी गई फिटनेस संबंधी सलाह का भी उल्लेख है। उन्होंने युवाओं से व्यस्त दिनचर्या और स्मार्टफोन के इस्तेमाल के बीच अपने शरीर के लिए रोजाना एक घंटा निकालने की अपील की थी। उनकी सलाह के अनुसार, फिट रहने के लिए जिम जाना या मशीनों पर ही व्यायाम करना जरूरी नहीं है। इसके बजाय योग, खेलकूद, दौड़ना, पैदल चलना, साइकिल चलाना और तैराकी जैसी गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि से शरीर को सक्रिय रखने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए बीच-बीच में उठकर चलना और नियमित व्यायाम करना भी उपयोगी है। युवाओं के लिए इस संदेश का मुख्य पहलू यह है कि फिटनेस को केवल दिखावे या महंगे साधनों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुसार चुनी गई गतिविधि को नियमित रूप से करना अधिक महत्वपूर्ण है।
योगी की दिनचर्या से क्या सीख सकते हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बताई गई दिनचर्या से तीन प्रमुख बातें सामने आती हैं—नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और समयबद्ध जीवनशैली। इन आदतों को अपनी जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार अपनाया जा सकता है। सुबह जल्दी उठने के लिए पर्याप्त नींद से समझौता नहीं करना चाहिए। इसी तरह, किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ने के बजाय संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। व्यायाम की शुरुआत भी अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
