नई दिल्ली। क्रिकेट में कब कौन-सा मुकाबला पलट जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 एशिया कप 2026 के मुकाबले में रविवार, 8 नवंबर को कुछ ऐसा ही देखने को मिला। भारतीय टीम ने अर्जुन राजपूत के तूफानी शतक की बदौलत पाकिस्तान के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की हालत इतनी खराब हो गई कि 61 रन तक पहुंचते-पहुंचते उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। भारतीय गेंदबाजों ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि जीत भारत की झोली में आने वाली है। लेकिन इसके बाद हमजा जहूर ने अपनी बल्लेबाजी से पूरा मुकाबला ही बदल दिया। उन्होंने नाबाद शतक जड़कर पाकिस्तान को तीन विकेट से जीत दिला दी। पाकिस्तान ने 48.1 ओवर में सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
61 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद भी पाकिस्तान ने कैसे छीन ली भारत से जीत?
ओमान के अल अमरत क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और पाकिस्तानी बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। छठे ओवर तक पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। जहांगीर बिलाल ने पांच रन बनाए, जबकि उस्मान खान 16 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद अब्दुल कादिर ने 27 गेंदों पर 20 रन जोड़े। अहमद हुसैन आठ, मोहम्मद सय्याम चार और कप्तान फरहान यूसुफ दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए। पाकिस्तान ने 14.4 ओवर में पांच विकेट गंवाकर केवल 61 रन बनाए थे। इस स्थिति में भारतीय टीम जीत की मजबूत दावेदार दिखाई दे रही थी। लेकिन हमजा जहूर ने एक छोर संभालकर भारतीय गेंदबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हमजा जहूर का नाबाद शतक बना पाकिस्तान की जीत का सबसे बड़ा हथियार
पाकिस्तान की जीत में हमजा जहूर ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बेहद दबाव वाली परिस्थिति में जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। हमजा ने 108 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत में विकेट गिरने के बावजूद अपना धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ती गईं। हमजा ने न केवल अपनी विकेट बचाई, बल्कि जरूरत के अनुसार बड़े शॉट लगाकर रन गति को भी बनाए रखा। उनकी यह पारी पाकिस्तान के लिए निर्णायक साबित हुई।
हसनैन अब्बास के साथ 107 रनों की साझेदारी ने बदल दिया मैच का रुख
पाकिस्तान को संकट से बाहर निकालने में हमजा जहूर के साथ हसनैन अब्बास की साझेदारी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 107 रन जोड़कर भारतीय टीम की मजबूत पकड़ कमजोर कर दी। हसनैन अब्बास ने 67 गेंदों पर 38 रन बनाए, जिसमें दो चौके शामिल थे। दूसरी ओर हमजा लगातार रन बनाते रहे। दोनों बल्लेबाजों ने समझदारी के साथ भारतीय गेंदबाजों का सामना किया और विकेटों के गिरने का सिलसिला रोक दिया। यह साझेदारी 38वें ओवर में टूटी। तब तक पाकिस्तान मुकाबले में वापसी कर चुका था। हसनैन के आउट होने के बाद भी हमजा ने हार नहीं मानी और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचा दिया।
मनाल चौहान ने झटके तीन विकेट, फिर भी भारतीय गेंदबाज नहीं रोक सके पाकिस्तान को
भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया था। मनाल चौहान ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर सबसे अधिक दबाव बनाया। उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। मोहित उल्वा ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इसके अलावा ईशान सूद और काव्य पटेल को एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट लेकर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था। हालांकि, हमजा और हसनैन की बड़ी साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने आखिरी चरण में संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत की शुरुआत रही बेहद खराब, 42 रन पर ही गंवा दिए चार विकेट
इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। भारत ने केवल 42 रन के स्कोर तक अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। कप्तान लक्ष्य रायचंदानी बिना खाता खोले आउट हो गए। आर्यवीर सहवाग ने 22 रन बनाए, जबकि वीके विनीत आठ और यशवर्धन चौहान केवल एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के कारण भारतीय टीम बड़े संकट में दिखाई दे रही थी। ऐसे मुश्किल समय में अर्जुन राजपूत ने जिम्मेदारी संभाली और पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी।
अर्जुन राजपूत ने 85 गेंदों पर ठोके 107 रन, पाकिस्तानी गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
भारतीय पारी को संभालने का पूरा श्रेय अर्जुन राजपूत को जाता है। उन्होंने शुरुआत में लगातार विकेट गिरने के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और शानदार शतक लगाया। अर्जुन ने केवल 85 गेंदों पर 107 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाकर पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। अर्जुन की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम शुरुआती संकट से बाहर निकलने में सफल रही। उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 रन जोड़े। अन्वय द्रविड़ ने इस मुकाबले में 10 रनों का योगदान दिया। वह भारतीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे हैं।
मनाल चौहान के साथ भी अर्जुन ने की अहम साझेदारी, 170 रन पर सातवां विकेट गिरा
अर्जुन राजपूत ने छठे विकेट के लिए मनाल चौहान के साथ 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान अर्जुन ने अधिक रन बनाकर भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर की ओर पहुंचाया। हालांकि, 36वें ओवर में अर्जुन की शानदार पारी समाप्त हो गई। उनके आउट होने के समय भारत का स्कोर सात विकेट पर 170 रन था। अर्जुन के पवेलियन लौटने के बाद भारतीय टीम की पारी फिर लड़खड़ा गई। यशवीर गौड़ चार और मोहित उल्वा सात रन बनाकर आउट हो गए। इससे भारत का स्कोर नौ विकेट पर 195 रन हो गया। अर्जुन के शतक के बाद भी भारतीय टीम अंतिम ओवरों में बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो सकी।
काव्य पटेल और ईशान सूद ने संभाली पारी, 208 रन पर ऑलआउट हुई भारतीय टीम
भारतीय पारी के अंतिम चरण में काव्य प्रसाद पटेल ने उपयोगी बल्लेबाजी की। उन्होंने 23 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। आखिरी बल्लेबाज ईशान सूद दो रन बनाकर नाबाद रहे। इसके बावजूद भारतीय टीम 46.3 ओवर में 208 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। अली रजा ने 37 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। रिजवानुल्लाह ने 24 रन देकर तीन भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। स्पिन गेंदबाज निकाब शफीक ने 42 रन खर्च करके तीन विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सय्याम को एक सफलता मिली। पाकिस्तान की सटीक गेंदबाजी के कारण भारतीय टीम 209 रनों का लक्ष्य ही निर्धारित कर सकी।
पाकिस्तान ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की, भारत को मिली तीन विकेट से हार
अंडर-19 एशिया कप 2026 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ इस जीत के साथ टूर्नामेंट में लगातार दूसरी सफलता हासिल की। मुकाबले में भारत की ओर से अर्जुन राजपूत ने 107 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन हमजा जहूर का नाबाद शतक उनसे भी अधिक निर्णायक साबित हुआ। पाकिस्तान ने सात विकेट खोकर 48.1 ओवर में 209 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह भारतीय टीम को तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
