eere | Source: ereलखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाढ़ और जलभराव के बीच राहत-बचाव अभियान के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। दाउद नगर में अपने घर से बच्चों की किताबें निकालने पहुंची एक महिला की नगर आयुक्त से तीखी बहस हो गई। महिला ने नगर आयुक्त के कथित तल्ख लहजे पर नाराजगी जताते हुए कहा, “मारिए मुझे, मारिए मुझे… तमीज से बात करिए। राजपूत की बेटी हूं मैं, आंखें निकाल लूंगी।” घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

बच्चों की किताबें लेने पहुंची थी महिला, नाव से घर जाने की कर रही थी मांग

बताया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित दाउद नगर की रहने वाली शालिनी अपने बच्चों को बाढ़ की वजह से सीतापुर स्थित मायके में छोड़कर आई थी। महिला का कहना था कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए वह जलभराव के बावजूद उनके स्कूल की किताबें लेने अपने घर पहुंची थी। घर तक पहुंचने के लिए उसने नाव उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि वह सुरक्षित तरीके से अंदर जाकर बच्चों की किताबें निकाल सके।

नगर आयुक्त के जवाब के बाद बढ़ा विवाद

राहत और बचाव कार्यों के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान महिला ने उनसे अपने घर तक नाव से जाने की अनुमति या व्यवस्था कराने की मांग की। अधिकारियों के अनुसार, नगर आयुक्त ने महिला से कुछ समय धैर्य रखने को कहा और बताया कि तत्काल सहायता की जरूरत वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर मदद पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किताबें भी कुछ देर बाद निकलवा दी जाएंगी।

बताया गया कि नगर आयुक्त की इस बात के बाद महिला नाराज हो गई और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। महिला ने कथित तौर पर कहा कि उसके साथ ठीक से बात की जाए। बहस बढ़ने पर उसने गुस्से में खुद को राजपूत की बेटी बताते हुए आंखें निकाल लेने की बात कही। महिला के तेवर बढ़ते देखकर मौके पर मौजूद नगर निगम के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की और नगर आयुक्त को पीछे कर दिया।

महिला का आरोप- धमकी और अभद्रता से नाराज हुई

घटना के बाद महिला शालिनी का पक्ष भी सामने आया। उसका कहना है कि वह अपने बच्चों की किताबें लेने के लिए काफी दूर से आई थी और उसका मकसद किसी विवाद में पड़ना नहीं था। महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ धमकी भरे अंदाज में बात की गई और अभद्रता भी की गई। इसी वजह से वह गुस्से में आ गई और मौके पर उसकी नगर आयुक्त से बहस हो गई।

वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि महिला के साथ सहानुभूति के साथ बातचीत की गई थी और उसे केवल थोड़ी देर इंतजार करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बीच राहत कार्य में उन लोगों को पहले सहायता दी जा रही थी, जिन्हें तत्काल मदद की जरूरत थी।

नगर निगम ने बताया- पहले से चल रहा था राहत-बचाव अभियान

जोनल अधिकारी अजीत राय ने बताया कि महिला काफी आक्रोशित थी। उनके मुताबिक नगर आयुक्त ने उससे सहानुभूति के साथ धैर्य रखने के लिए कहा था। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा था तथा जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकालने और आवश्यक सामान उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा था।

अजीत राय के मुताबिक, महिला को यह भी बताया गया था कि बच्चों की किताबें कुछ समय बाद निकलवा दी जाएंगी। इसके बावजूद वह नाराज हो गई और मौके पर हंगामा होने लगा। कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।

बाढ़ के बीच राहत शिविरों में पहुंचे लोग, राशन-पानी की मांग

लखनऊ में बाढ़ की स्थिति के बीच कई प्रभावित लोग राहत शिविरों तक पहुंच रहे हैं। कुछ लोग पानी के बीच से होकर राहत शिविरों में पहुंचे। इनमें बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। शिविर में पहुंची कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए दावा किया कि उन्होंने दो दिनों से खाना नहीं खाया है और उनके घरों तक नाव नहीं पहुंच रही है।

महिलाओं ने पीने के पानी की समस्या भी बताई। मौके पर मौजूद एक महिला काफी प्यासी थी। उसकी स्थिति देखते हुए एक पुलिसकर्मी ने अपने हाथ में मौजूद पानी की बोतल उसे दे दी। इसके बाद अधिकारियों ने भी प्रभावित लोगों से बातचीत की।

अधिकारियों ने पानी में उतरकर सुनी लोगों की समस्याएं

महिलाओं के हंगामे की जानकारी मिलने के बाद अपर जिलाधिकारी महेन्द्रपाल सिंह, उपजिलाधिकारी साहिल कुमार और अन्य अधिकारी पानी में उतरे। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उन्हें आवश्यक राशन उपलब्ध कराया। राहत शिविरों में पहुंचे लोगों की शिकायतों को सुनकर प्रशासनिक स्तर पर तत्काल मदद देने की कोशिश की गई।

वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान

नगर आयुक्त और महिला के बीच हुई बहस का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में महिला को नगर आयुक्त के साथ तीखे अंदाज में बातचीत करते हुए देखा जा रहा है। महिला के गुस्से में दिए गए बयान ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई देने वाली पूरी परिस्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

बाढ़ के बीच सामने आई राहत व्यवस्था की चुनौती

लखनऊ में जारी बाढ़ और जलभराव ने राहत एवं बचाव कार्यों के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। प्रभावित लोगों को घरों से सुरक्षित निकालने के साथ-साथ भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाने की जरूरत बनी हुई है। ऐसे हालात में राहत शिविरों तक पहुंचने वाले लोगों की शिकायतें प्रशासन के सामने जमीनी स्थिति को भी उजागर कर रही हैं।