ere | Source: ereअयोध्या। दीपावली के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या भव्य रोशनी से जगमगा उठी। राम मंदिर की आकर्षक विद्युत सजावट और राम दरबार की दिव्य छटा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दीपों के पर्व पर पूरी रामनगरी में उत्सव और भक्ति का माहौल देखने को मिला। मंदिरों, मठों और प्रमुख स्थानों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया, वहीं रामलला के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। शाम होते-होते राम मंदिर परिसर में भक्तों की मौजूदगी और बढ़ गई। मंदिर की भव्य सजावट को देखकर श्रद्धालु अभिभूत नजर आए।

दीपावली से एक दिन पहले आयोजित दीपोत्सव के दौरान भी अयोध्या ने अपनी भव्यता से लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। भगवान श्रीराम के लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में आयोजित दीपोत्सव में सरयू तट पर 30 लाख दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी से सरयू तट और आसपास का पूरा क्षेत्र आलोकित हो उठा। इस आयोजन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया और अयोध्या की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर विशेष रूप से सामने रखा।

राम मंदिर की रोशनी ने बांधा समां

दीपावली के दिन राम मंदिर की सजावट आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। मंदिर परिसर में की गई रोशनी ने पूरे वातावरण को भव्य रूप दे दिया। राम दरबार की सुंदर झलक और मंदिर की अनुपम छटा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही भक्त रामलला के दर्शन के लिए कतारों में नजर आए। शाम के समय भी मंदिर में दर्शनार्थियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। श्रद्धालु मंदिर की सजावट और वहां के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते दिखाई दिए।

शहर के अन्य मंदिरों और मठों को भी दीपावली के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया था। हर तरफ रोशनी और धार्मिक आयोजनों का माहौल दिखाई दिया। भगवान श्रीराम के भजन और जयकारों से रामनगरी का वातावरण भक्तिमय बना रहा। दीपावली के इस उत्सव में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दीपावली के अवसर पर रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश की प्रगति, समाज के कल्याण और सभी लोगों के सुख-समृद्धि की कामना की। अयोध्या पहुंचकर उन्होंने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।

इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या की धार्मिक पहचान, सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अयोध्या की गरिमा और पहचान को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब यहां रामभक्तों पर कोई गोली नहीं चला सकता और न ही किसी को 'जय श्री राम' बोलने से रोका जा सकता है।

रामभक्तों पर गोली चलाने के पुराने दौर का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के पुराने दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब यहां रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलाई जा सकतीं। उन्होंने कहा कि कोई भी लाठी के दम पर लोगों को 'जय श्री राम' बोलने से नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या में अब 5 कोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई रोक नहीं लगा सकेगा।

उन्होंने कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है और इसका विकास भी इसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शहर को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, अयोध्या की पहचान ऐसी होनी चाहिए, जो उसकी समृद्ध धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाए।

अयोध्या की संपत्ति और पहचान की रक्षा का आह्वान

मुख्यमंत्री ने अयोध्या की संपत्ति और उसकी छवि को सुरक्षित रखने के लिए लोगों से मिलकर संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अयोध्या की संपत्ति को लूटने और उसकी छवि खराब करने की किसी को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या पर किसी की बुरी नजर नहीं पड़नी चाहिए।

मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि धार्मिक नगरी की गरिमा केवल भव्य आयोजनों और सजावट तक सीमित न रहे, बल्कि शहर की व्यवस्था, स्वच्छता और सांस्कृतिक पहचान में भी दिखाई दे। उन्होंने अयोध्या के लोगों से अपनी विरासत के संरक्षण और शहर को बेहतर बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

सफाईकर्मियों, नाविकों और जरूरतमंद परिवारों के बीच बांटी मिठाइयां

दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सफाईकर्मियों, नाविकों और वंचित परिवारों के बीच फल एवं मिठाइयां वितरित कीं। उन्होंने अयोध्या धाम को स्वच्छ बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका की सराहना की। त्योहार के मौके पर इन वर्गों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनके योगदान और सहभागिता को महत्व दिया।

अयोध्या की स्वच्छता व्यवस्था में जुटे सफाईकर्मियों के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। दीपावली जैसे बड़े पर्व पर सफाईकर्मियों, नाविकों और वंचित परिवारों के बीच पहुंचकर फल-मिठाइयां बांटना कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

भक्ति, परंपरा और रोशनी से यादगार बनी दीपावली

इस बार दीपावली पर अयोध्या में दीपोत्सव की भव्यता, सरयू तट पर 30 लाख दीपों का प्रज्वलन, राम मंदिर की आकर्षक रोशनी और रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख आकर्षण रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान धार्मिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता और अयोध्या की गरिमा बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। रोशनी और भक्ति के इस संगम ने दीपावली के अवसर पर रामनगरी के उत्सवी स्वरूप को खास बना दिया।