
CM Samrat Chaudhary
पटना। गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने संभावित बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। गांधी घाट पर गुरुवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 50.25 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.65 मीटर अधिक है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से तटबंधों की सुरक्षा तथा प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को दोपहर एक बजे संभावित प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर दो बजे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में विभिन्न नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों पर चर्चा होगी।
राहत-बचाव टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए SDRF और NDRF की टीमों को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन को लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और खाद्य सामग्री पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रहें। प्रशासन को स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने को भी कहा गया है।
दो दिन में करीब एक मीटर बढ़ा जलस्तर
गांधी घाट के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 6 बजे 49.40 मीटर था। उसी दिन शाम छह बजे यह 49.50 मीटर दर्ज हुआ। 2 सितंबर की सुबह यह 49.71 मीटर और शाम छह बजे 49.98 मीटर पहुंच गया। 3 सितंबर की सुबह छह बजे जलस्तर 50.18 मीटर दर्ज किया गया, जो दोपहर 12 बजे बढ़कर 50.25 मीटर हो गया।
