erer | Source: ereपटना। बिहार की राजधानी पटना से सोनपुर के हरिहरनाथ धाम तक गंगा नदी के ऊपर से रोपवे बनाने की योजना अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट में घोषणा की कि पटना-सोनपुर रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य अगले पांच महीनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से गंगा नदी के ऊपर से होकर सीधे हरिहरनाथ, सोनपुर तक पहुंचने का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

गंगा के ऊपर बनेगा पटना-सोनपुर रोपवे

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। इसी क्रम में पटना से हरिहरनाथ, सोनपुर तक गंगा नदी के ऊपर रोपवे विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना का काम पांच महीने में शुरू कर दिया जाएगा।

प्रस्तावित रोपवे गंगा नदी को पार करते हुए पटना और सोनपुर के बीच संपर्क का एक नया माध्यम उपलब्ध कराएगा। इससे सड़क और पुल के अलावा गंगा पार करने के लिए एक अलग परिवहन विकल्प विकसित होगा। परियोजना को पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, क्योंकि सोनपुर का हरिहरनाथ धाम धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थल है।

बिहार इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

पटना के ताज होटल में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में चल रही और प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान उद्योगपतियों और उद्यमियों से बिहार में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उद्योगों को सुरक्षा भी मुहैया कराएगी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में रोपवे परियोजनाओं को बढ़ावा देने की बात भी रखी।

पीपीपी मॉडल पर बनेगा रोपवे

पटना से सोनपुर के बीच प्रस्तावित रोपवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। यानी इस परियोजना में सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रोपवे परियोजनाओं पर काम करने के निर्देश भी दिए हैं।

सम्राट चौधरी ने करीब दो महीने पहले श्रावणी मेला के उद्घाटन के दौरान भी पटना-सोनपुर रोपवे की योजना का उल्लेख किया था। उस समय उन्होंने इसके संभावित मार्ग को लेकर जानकारी देते हुए बताया था कि रोपवे पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र से शुरू होकर सोनपुर के हरिहरनाथ तक जाएगा।

मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ तक जाने की योजना

पहले दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित रोपवे का शुरुआती बिंदु पटना का मरीन ड्राइव होगा, जबकि इसका अंतिम पड़ाव सोनपुर स्थित हरिहरनाथ होगा। इस व्यवस्था के तहत यात्री रोपवे के केबिन में बैठकर गंगा नदी के ऊपर से सोनपुर की ओर जा सकेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित रोपवे की लंबाई करीब 7 किलोमीटर हो सकती है। हालांकि, परियोजना की अंतिम लंबाई, तकनीकी संरचना और अन्य विस्तृत पहलुओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी परियोजना के आगे बढ़ने के साथ सामने आएगी।

धार्मिक पर्यटन को मिल सकता है नया माध्यम

पटना और सोनपुर के बीच रोपवे परियोजना को धार्मिक पर्यटन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। गंगा के ऊपर से रोपवे सेवा शुरू होने पर यहां पहुंचने के लिए एक नया परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने बिहार में पर्यटन के विकास को अपनी योजनाओं में प्रमुखता देने की बात कही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रोपवे विकसित करने की योजना इसी दिशा में बताई गई है। इससे धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों को नए परिवहन माध्यम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

भागलपुर में भी गंगा के ऊपर प्रस्तावित है रोपवे

बिहार में गंगा नदी के ऊपर रोपवे की योजना केवल पटना-सोनपुर तक सीमित नहीं है। भागलपुर जिले में भी गंगा के ऊपर एक रोपवे प्रस्तावित है। इस परियोजना के जरिए सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम को अगुवानी गंगा घाट से जोड़ने की योजना है।

यह रोपवे भी नदी के ऊपर से होकर गुजरने का प्रस्ताव है। इसके जरिए यात्रियों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने का एक नया विकल्प मिल सकेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस परियोजना की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।

गंगा के दोनों किनारों पर तटबंध बनाने की तैयारी

बिहार इन्वेस्टर्स मीट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा में आने वाले भारी जलप्रवाह और बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार में गंगा नदी के भीतर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी आता है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस वर्ष गंगा नदी का जलस्तर पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया। बाढ़ से बचाव के लिए सरकार गंगा नदी को बांधने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत नदी के दोनों ओर तटबंध बनाने की तैयारी की जा रही है।

पर्यटन और बुनियादी ढांचे को साथ जोड़ने की कोशिश

पटना-सोनपुर रोपवे परियोजना बिहार में परिवहन और पर्यटन के बीच नए तरह के संपर्क की योजना का हिस्सा है। एक ओर जहां इससे गंगा पार करने का वैकल्पिक माध्यम विकसित करने की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर पटना और सोनपुर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के बीच पर्यटन संपर्क को बढ़ाने का लक्ष्य भी सामने रखा गया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, परियोजना का काम पांच महीने में शुरू होना प्रस्तावित है। इसका निर्माण पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा और मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ तक रोपवे विकसित करने की योजना पहले ही सामने आ चुकी है।