Patna Nagar Nigam

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पटना। गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पटना नगर निगम ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षात्मक इंतजाम बढ़ा दिए हैं। संभावित जलप्रवेश, सीपेज और जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए निगम की टीमें फील्ड में सक्रिय हैं। संवेदनशील घाटों पर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है, जबकि जरूरत पड़ने पर तत्काल जलनिकासी के लिए संसाधन तैयार रखे गए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से सभी स्लुईस गेट बंद किए जाने के बाद निगम ने भी गंगा के पानी को नालों के रास्ते शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए गंगा किनारे के संवेदनशील स्थानों पर नालों को ब्लॉक कर दिया है। संभावित सीपेज और जलजमाव वाले क्षेत्रों में पंप सेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।


कंगन घाट पर बैरिकेडिंग, रास्ता भी किया गया ब्लॉक

नागरिकों को जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए कंगन घाट पर बैरिकेडिंग की गई है। निगम के अनुसार, कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़कर घाट की ओर जाने का प्रयास किया। इसके बाद घाट तक पहुंचने वाले रास्ते को हाइवा की मदद से ब्लॉक कर दिया गया।

सभी प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन माइकिंग के जरिए लोगों को गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के प्रति सावधान किया जा रहा है। निगम ने लोगों से घाटों पर जाने और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचने की अपील की है।


सीपेज वाले स्थानों से कंट्रोल रूम को भेजी जा रही जानकारी

बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों से लगे कई स्थानों पर सीपेज की स्थिति सामने आई है। ऐसे इलाकों की निगम की फील्ड टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। मौके की स्थिति की जानकारी फोटो और वीडियो के साथ नियमित रूप से कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है, ताकि जरूरत के मुताबिक तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को पंप सेट स्टैंडबाय में तैयार रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों और फील्ड टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल जलनिकासी कराने को कहा गया है। बारिश बढ़ने या गंगा का जलस्तर और ऊपर जाने की स्थिति में संभावित जलजमाव से निपटने के लिए निगम की मशीनरी और अन्य संसाधनों को तैयार रखा जा रहा है।


विस्थापितों के बीच सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के लिए मीनार घाट स्थित कम्युनिटी किचेन और बिंद टोली में टेंट के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर नागरिकों और विस्थापित परिवारों के लिए एक-एक लू कैफे और एक-एक पिंक टॉयलेट उपलब्ध कराया गया है।

सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों स्थानों पर तीन पालियों में कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक पाली में 5-5 सफाई कर्मी लगातार काम कर रहे हैं। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रतिदिन एंटी-लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। संक्रमण और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए चूना व ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव तथा मच्छर नियंत्रण के लिए फॉगिंग भी कराई जा रही है।


भद्र और महावीर घाट डूबे, लोगों के प्रवेश पर रोक

जलस्तर बढ़ने से भद्र घाट और महावीर घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। इन दोनों घाटों पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।

वहीं कदम घाट, नरकट घाट, राजा घाट, कर्नल घाट और चित्रगुप्त घाट समेत कुछ अन्य घाटों की कुछ सीढ़ियां अभी पानी से बाहर हैं। इन स्थानों पर लोग घूमने, फोटोग्राफी करने या बढ़े हुए जलस्तर को देखने पहुंच रहे हैं। निगम की ओर से यहां भी लगातार माइकिंग कर लोगों को तेज बहाव और बढ़ते पानी के खतरे के प्रति सचेत किया जा रहा है।

पटना नगर निगम गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी के साथ संबंधित विभागों और फील्ड टीमों के साथ समन्वय कर रहा है। निगम का फोकस संभावित स्थिति के लिए पहले से तैयारी रखने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने पर है।