नई दिल्ली: तपती गर्मी, उमस भरे दिन और आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र से लेकर बिहार और झारखंड तक मानसून की तेज रफ्तार ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 48 घंटों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। सबसे ज्यादा नजरें अब दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश पर टिकी हैं, जहां लोग गर्मी से राहत का इंतजार कर रहे हैं।
बिहार-झारखंड तक पहुंचा मानसून, उत्तर भारत में बारिश का इंतजार
बिहार-झारखंड तक पहुंचा मानसून, कई राज्यों में हुई जोरदार एंट्री
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य अरब सागर के अतिरिक्त हिस्सों, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बड़े क्षेत्रों में प्रवेश कर लिया है। मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल अलीबाग, पुणे, निजामाबाद, दांतेवाड़ा, बलांगीर, सुंदरगढ़, चतरा, गया और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके नेपाल सीमा तक पहुंचने के साथ ही बिहार का अधिकांश हिस्सा मानसूनी बारिश के दायरे में आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार मानसून अपनी सामान्य गति के अनुरूप आगे बढ़ रहा है, जिससे खरीफ फसलों के लिए भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
अगले 48 घंटे अहम, इन राज्यों में बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दो दिनों के दौरान वातावरण की परिस्थितियां मानसून के विस्तार के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, मुंबई महानगर क्षेत्र, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी क्षेत्रों में व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है। कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता जलाशयों के स्तर को बढ़ाने और कृषि गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में कब पहुंचेगा मानसून?
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए मानसून का इंतजार अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है। मौसम विभाग के सामान्य पैटर्न के अनुसार, दिल्ली-NCR में मानसून की एंट्री 27 से 29 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मानसून की दस्तक पहले और पश्चिमी यूपी में थोड़ी देर से हो सकती है। हालांकि, मानसूनी हवाओं की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्धारित समय के आसपास ही उत्तर भारत में अच्छी बारिश शुरू हो जाएगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
कृषि, जलसंकट और अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है मानसून?
भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। देश के लाखों किसान खरीफ सीजन की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार करते हैं। अच्छी मानसूनी बारिश जहां जलाशयों और भूजल स्तर को मजबूत करती है, वहीं बिजली उत्पादन, पेयजल आपूर्ति और खाद्य उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा तो कृषि क्षेत्र को बड़ा फायदा होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फिलहाल पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मानसून कितनी तेजी से उत्तर भारत के शेष हिस्सों को कवर करता है और आने वाले दिनों में बारिश का पैटर्न कैसा रहता है।
