erer | Source: ereनई दिल्ली।देश में मानसून की विदाई के बाद लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसी बीच चक्रवात ‘मुरासु’ ने मौसम का पूरा समीकरण बदलने के संकेत दे दिए हैं। नवंबर की शुरुआत में ही देश के बड़े हिस्से में आंधी, तेज हवाओं और बारिश का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के 18 राज्यों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मानसून के जाने के बाद नवंबर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली ने बढ़ाई चिंता

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से देश के कई राज्यों में मौसम प्रभावित होने की आशंका है। इसी मौसमी गतिविधि के बीच चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के समुद्री तट की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से तटीय क्षेत्रों के अलावा देश के अंदरूनी हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

चक्रवात की आशंका को देखते हुए समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी बताया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश की स्थिति बनने पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

18 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट, नवंबर में बिगड़ेगा मौसम

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, 2 नवंबर को पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम और तेलंगाना में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव अलग-अलग रह सकता है। कहीं हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है तो कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।

झारखंड में बादलों का डेरा, रांची-जमशेदपुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार

चक्रवात ‘मुरासु’ का प्रभाव झारखंड के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है। देर रात इसके आंध्र तट से टकराने के बाद राज्य के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। दक्षिणी और मध्यवर्ती झारखंड के जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। रांची, जमशेदपुर और सिमडेगा में गरज के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्का कोहरा अथवा धुंध भी देखने को मिल सकती है। राजधानी रांची में 2 नवंबर को अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इससे दिन के समय मौसम सामान्य रह सकता है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंड महसूस हो सकती है।

बिहार के आठ जिलों में भारी बारिश की आशंका, पटना में भी बदलेगा मौसम

बिहार में भी चक्रवात से जुड़ी मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के बेगूसराय, किशनगंज, पूर्णिया, वैशाली, भोजपुर, दरभंगा, मधुबनी और सहरसा में भारी बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है।

राजधानी पटना में 2 नवंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश और तेज हवा के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहना होगा।

दिल्ली में गरज-चमक के साथ बारिश, 30 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी 2 नवंबर को मौसम सामान्य रहने की संभावना नहीं है। यहां आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है। इस दौरान करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण तापमान में बदलाव महसूस हो सकता है। नवंबर की शुरुआत में बारिश और तेज हवाओं की यह स्थिति राजधानी के मौसम को प्रभावित कर सकती है।

राजस्थान के नौ जिलों में तूफानी बारिश की चेतावनी, 80 किमी तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

राजस्थान में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बूंदी, सीकर, जैसलमेर, भरतपुर, बीकानेर, झुंझुनू, टोंक, धौलपुर और चूरू में तेज बारिश की चेतावनी दी है।

इनमें कुछ इलाकों में आंधी के साथ हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज हवाओं और बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश के साथ चलेंगी 50 किमी की हवाएं, पहाड़ी इलाकों में खतरा

जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। बांदीपोरा, रियासी, अनंतनाग, गांदरबल, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और बारामूला समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है।

बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इससे यहां सुबह और रात के समय ठंड का असर अधिक महसूस हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के दस जिलों में भारी बारिश का अनुमान, 80 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश में भी चक्रवात से जुड़ी मौसमी गतिविधियों का असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इटावा, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, हरदोई, उन्नाव, देवरिया, आजमगढ़, रायबरेली, अयोध्या और आगरा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कुछ स्थानों पर तेज आंधी के साथ हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश के 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, इंदौर-उज्जैन में भी बदलेगा मौसम

मध्य प्रदेश में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने उज्जैन, देवास, इंदौर, दमोह, बैतूल, छिंदवाड़ा, रायसेन, खंडवा, खरगोन, सिंगरौली, छतरपुर और कटनी में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है।

इन क्षेत्रों में बादल छाने के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पश्चिम बंगाल में 80 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, कई जिलों में बारिश

पश्चिम बंगाल में भी चक्रवात से जुड़ी मौसमी गतिविधियों का असर दिखाई देने की संभावना है। दार्जिलिंग, दुर्गापुर, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नादिया, हावड़ा और पुरुलिया समेत कई इलाकों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। राजधानी कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम बदलने के बीच सतर्कता जरूरी

चक्रवात ‘मुरासु’ और बंगाल की खाड़ी में बनी निम्न दबाव की स्थिति के कारण 2 नवंबर को देश के 18 राज्यों में मौसम प्रभावित होने का अनुमान है। बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। विशेष रूप से तटीय और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है। मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का इस तरह बदलना नवंबर की शुरुआत को असामान्य बना रहा है।