ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले से मिथिलांचल के हजारों छात्रों को व्यवसायिक और तकनीकी शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
सभी कॉलेजों में शुरू होंगे BBA और BCA कोर्स
दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) की विद्वत परिषद की बैठक कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में BBA और BCA पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से छात्रों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वे आधुनिक तकनीकी एवं प्रबंधन क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकेंगे।
सीएम कॉलेज में शुरू होगा PGDT कोर्स
बैठक में दरभंगा के प्रतिष्ठित सीएम कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन (PGDT) कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा कॉलेज में फारसी विषय में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने पर भी सहमति बनी।
इस निर्णय से भाषा और अनुवाद अध्ययन में रुचि रखने वाले छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
बीएमए कॉलेज बहेड़ी में होगी संगीत की पढ़ाई
विद्वत परिषद ने बीएमए कॉलेज, बहेड़ी में स्नातक स्तर पर संगीत विषय की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे संगीत और कला के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
चार वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Ed कार्यक्रम को मिली मंजूरी
बैठक में सीएम कॉलेज, दरभंगा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड (Integrated Teacher Education Programme) शुरू करने के पाठ्यक्रम को भी अनुमोदित किया गया। नई शिक्षा नीति के अनुरूप यह कार्यक्रम शिक्षक शिक्षा को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शुल्क संरचना को सशर्त स्वीकृति
सीएम कॉलेज में शुरू होने वाले चार वर्षीय बीएड कार्यक्रम के शुल्क ढांचे को परिषद ने सशर्त मंजूरी दी है। शुल्क संरचना को महाविद्यालय विकास समिति से अनुमोदन मिलने के बाद विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार मेहता को अधिकृत किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान एक विधि महाविद्यालय को अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) देने के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति जताई गई। इसके अलावा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विस्तार और नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक का संचालन प्रभारी कुलसचिव एवं छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार मेहता ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षाविद और परिषद सदस्य मौजूद रहे।
