ere | Source: ereनई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन से पहले क्रिकेट गलियारों में एक ऐसा ट्रेड सौदा हुआ है जिसने सभी फैंस को हैरान कर दिया है। बीसीसीआई (BCCI) ने गुरुवार को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच चार खिलाड़ियों की बड़ी अदला-बदली पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस मेगा डील में जहां चेन्नई को मध्यक्रम मजबूत करने के लिए दो धाकड़ ऑलराउंडर मिले हैं, वहीं हैदराबाद ने अपनी तेज गेंदबाजी को पैना करने के लिए दो खतरनाक गेंदबाजों पर दांव लगाया है।

13 करोड़ के लिविंगस्टोन चेन्नई को सिर्फ 6 करोड़ में मिले

इस ट्रेड डील का सबसे बड़ा आकर्षण इंग्लैंड के विस्फोटक ऑलराउंडर लियम लिविंगस्टोन रहे। आईपीएल 2025 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने लिविंगस्टोन को पूरे 13 करोड़ रुपये की भारी रकम में खरीदा था। हालांकि, हैदराबाद के लिए पिछला सीजन उनके लिए निराशाजनक रहा और उन्हें सिर्फ दो मैच खेलने का मौका मिला। अब चेन्नई सुपर किंग्स ने स्मार्ट मूव खेलते हुए लिविंगस्टोन को मात्र 6 करोड़ रुपये की घटी हुई फीस पर अपनी टीम में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स भी 3 करोड़ रुपये में चेन्नई की पीली जर्सी में आ गए हैं।

सनराइजर्स हैदराबाद की पेस अटैक में लौटी नई धार

काव्या मारन की मालिकाना हक वाली सनराइजर्स हैदराबाद ने इस ट्रेड के जरिए अपनी गेंदबाजी लाइन-अप को नई ताकत दी है। हैदराबाद के खेमे में भारत के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद और ऑस्ट्रेलिया के डेथ-ओवर स्पेशलिस्ट नाथन एलिस शामिल हुए हैं।

चोट से जूझने वाले गेंदबाजों पर SRH का बड़ा दांव

  • खलील अहमद की घर वापसी: भारतीय तेज गेंदबाज खलील अहमद के लिए यह डील पुरानी यादें ताजा करने जैसी है। खलील इससे पहले 2018 से 2021 तक SRH के लिए खेल चुके हैं। पिछले सीजन में वे चेन्नई के लिए केवल 5 मैच खेल पाए थे और जांघ की मांसपेशियों की चोट के कारण बाहर हो गए थे।
  • नाथन एलिस से डेथ ओवर्स में उम्मीदें: चेन्नई ने ऑस्ट्रेलियाई पेसर नाथन एलिस को 2 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन सीजन से ठीक पहले हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर रहे थे। अब हैदराबाद को उम्मीद है कि ये दोनों गेंदबाज पूरी तरह फिट होकर टीम को मजबूती देंगे।

दोनों टीमों के लिए क्यों मास्टरस्ट्रोक है यह डील?

चेन्नई सुपर किंग्स को लंबे समय से मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी के साथ स्पिन और तेज गेंदबाजी का विकल्प देने वाले ऑलराउंडर्स की तलाश थी, जो लिविंगस्टोन और एडवर्ड्स के आने से पूरी होती दिख रही है। दूसरी तरफ, हैदराबाद को अपने गेंदबाजी आक्रमण में भारतीय और विदेशी पेसर्स का संतुलन चाहिए था। दोनों टीमों के लिए यह ट्रेड कागजों पर काफी संतुलित और फायदेमंद नजर आ रहा है।