नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुले मंच पर बहस (Debate) करने का बड़ा चैलेंज दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे महज कुछ ही मिनटों में यह साबित कर देंगे कि नरेंद्र मोदी देशद्रोही हैं। इस तीखे चैलेंज के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गजों ने भी आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "चलिए, अडानी जी के NDTV पर ही बहस कर लेते हैं, मोदी जी। मंच आपका, जज भी आपका—अडानी जी हों या मोहन भागवत जी। मैं गारंटी देता हूं—सिर्फ 5 मिनट में साबित कर दूंगा कि नरेंद्र मोदी देशद्रोही हैं।" राहुल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।
निशिकांत दुबे का पलटवार: '45 सेकंड में खोल देंगे पोल'
राहुल गांधी के इस बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की तरफ से आई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए खुला चैलेंज दिया।
- निशिकांत दुबे ने लिखा, "नेशनल हेराल्ड ऑफिस में मैं आ जाता हूं। राहुल गांधी, 45 सेकंड में आपके चीन, सोरोस और परिवार के 1946 से 2026 तक के खातों से साबित कर दूंगा कि आप लोग देशद्रोही, दूसरे देशों के गुलाम गुप्तचर और भ्रष्टाचारी हैं। मंच आपका और जज क्वात्रोची के परिवार का कोई होगा, सिर्फ 45 सेकंड दीजिए।"
सुधांशु त्रिवेदी ने संसद की परंपरा का दिया हवाला
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी प्रेसवार्ता कर राहुल गांधी के चैलेंज पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने चर्चा और बहस के लिए संसद को सर्वोच्च मंच बनाया है।
- संसद से भागने का आरोप: त्रिवेदी ने कहा कि अगर कोई जनप्रतिनिधि सदन में चर्चा से कतराता है, तो यह सीधे तौर पर संविधान निर्माताओं और संविधान की मूल भावना का अपमान है। राहुल गांधी अमूमन संसद में होने वाली गंभीर चर्चाओं के दौरान सदन से नदारद रहते हैं।
- नेतृत्व पर सवाल: बीजेपी नेता ने तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र पिछले 12 वर्षों से एनडीए के सर्वसम्मत नेता हैं, जबकि राहुल गांधी न तो 'इंडिया' गठबंधन के आधिकारिक नेता हैं और न ही कभी यूपीए के चेयरमैन रहे हैं।
- मॉक पार्लियामेंट पर तंज: विपक्षी गठबंधन द्वारा आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' का जिक्र करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वहां कोई विपक्षी पक्ष मौजूद ही नहीं था, इसलिए वह केवल एकतरफा भाषण बनकर रह गया। बीजेपी हमेशा संवाद और संसदीय परंपराओं में विश्वास रखती है, लेकिन राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।
