अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में प्रशासनिक अमले में उस समय हलचल मच गई जब जिलाधिकारी (DM) शशांक चौधरी औचक निरीक्षण के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, भेटुआ पहुंच गए। एक सख्त प्रशासनिक अधिकारी की बजाय डीएम साहब यहां पूरी तरह एक मार्गदर्शक और 'मास्टर जी' के रूप में नजर आए। उन्होंने न केवल कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद किया, बल्कि ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखकर उनकी शैक्षणिक दक्षता की भी परीक्षा ली।
क्लासरूम में बने 'मास्टर जी': पूछे गणित के सवाल और जांची कॉपियां
निरीक्षण के दौरान डीएम शशांक चौधरी सीधे कक्षा 9 और 10 के क्लासरूम में जा पहुंचे। छात्राओं की पठन-पाठन की स्थिति और शैक्षणिक योग्यता को परखने के लिए उन्होंने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने छात्राओं से गणित के कुछ बुनियादी और तार्किक सवाल पूछे तथा अंग्रेजी विषय में प्रार्थना पत्र (Application) लिखने के तरीकों के बारे में जानकारी ली।
छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए डीएम ने कहा, "मन लगाकर और पूरी लगन के साथ पढ़ाई करें, क्योंकि अच्छी शिक्षा ही आपके बेहतर और उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।" इसके बाद उन्होंने स्कूल की लाइब्रेरी (पुस्तकालय) का भी निरीक्षण किया और छात्राओं को किताबों का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
रसोईघर और भोजन की गुणवत्ता का कड़ाई से लिया जायजा
आवासीय विद्यालय होने के कारण डीएम ने छात्राओं के खानपान और रहन-सहन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने रसोईघर का औचक निरीक्षण कर वहां की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को बारीकी से परखा।
भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि छात्राओं को सरकार द्वारा तय मेन्यू के अनुसार ही पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने परिसर में शुद्ध पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
शयनकक्षों का निरीक्षण और अतिरिक्त शौचालय के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की वार्डन पूनम सिंह ने डीएम के सामने छात्राओं की सुविधा से जुड़ा एक मुद्दा उठाया। वार्डन ने बताया कि शयनकक्षों के पास एक अतिरिक्त शौचालय के निर्माण की आवश्यकता है।
इस मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएम शशांक चौधरी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को तत्काल प्रभाव से आवश्यक इस्टीमेट (आंकलन) तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कंप्यूटर लैब और खेलकूद गतिविधियों की समीक्षा
डीएम ने स्कूल की कंप्यूटर लैब का भी जायजा लिया। संतोषजनक बात यह रही कि लैब के सभी कंप्यूटर चालू हालत में मिले। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय-सारणी के अनुसार छात्राओं को कंप्यूटर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लैब में स्मार्ट टीवी की आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध पाई गई। इसके अलावा, उन्होंने स्कूल में खेलकूद और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों (Extracurricular activities) को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया ताकि बच्चियों का सर्वांगीण विकास हो सके।
