नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। जितेंद्र सिंह का कहना है कि दीपके को अमेरिका से फंडिंग मिल रही है, जबकि रांका को सीधे पाकिस्तानी नेताओं और उनके हैंडलर्स से आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावे करते केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह. सोर्स: Hindustan Times / Hindustan Times via Getty Images
'डीप-स्टेट' और पाक नेटवर्क का कनेक्शन: SIR के खिलाफ साजिश का आरोप
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में खुलासा करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे 'डीप स्टेट' के एजेंट, विदेश से फंडेड NGO और भारत-विरोधी ताकतें सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा, "हमारे पास इस बात के पर्याप्त और ठोस सबूत मौजूद हैं कि स्वयंभू नेताओं को अनधिकृत विदेशी स्रोतों से रकम मिल रही है। अभिजीत दीपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेता और सीमा पार बैठे हैंडलर पैसे भेज रहे हैं।"
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि SIR-विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल एक महिला को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी विदेशी स्रोतों से वित्तीय सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की देश-विरोधी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को रोकने के लिए सरकार FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) को सख्त बना रही है।
'आरोपों में कोई दम नहीं, केवल भ्रम फैलाने की कोशिश'— केंद्रीय मंत्री
जितेंद्र सिंह ने खुफिया जानकारी और जांच आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्य रूप से तीन बातें रेखांकित कीं:
- सबूतों का अभाव: SIR प्रक्रिया पर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद और हवा-हवाई हैं।
- संसाधनों की जांच आवश्यक: आरोप लगाने वाले व्यक्तियों की खुद की कोई विश्वसनीयता नहीं है; उनके आय और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच होनी चाहिए।
- खोती जमीन का डर: जब ऐसे लोग अपनी राजनीतिक जमीन खोने लगते हैं, तो वे झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।
सड़कों पर विरोध और विपक्ष का चयनात्मक रवैया
विपक्ष पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने में असमर्थ हैं, वे अब मुद्दों को जबरन सड़कों पर ले जाने की रणनीति अपना रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "विपक्ष सुविधा की राजनीति करता है। जब भी उन्हें कोई मौका मिलता है, वे चुन-चुनकर मुद्दे उठाते हैं। पहले उन्होंने शिक्षा और परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा उठाया, लेकिन उनका ध्यान सिर्फ दिल्ली पर रहा—पंजाब या कर्नाटक जैसे राज्यों पर नहीं। जहां कांग्रेस सत्ता में होती है, वहां उनके लिए सब कुछ ठीक मान लिया जाता है।"
