Israel-Lebanon Conflict: लेबनान के जंगलों में लगी आग के पीछे कौन? इजरायली सेना पर आरोप, बुझाने पहुंचे लोगों पर ड्रोन अटैक! | Source: The Guardian.comदक्षिणी लेबनान में जंगलों में आग को लेकर इजरायली सेना पर गंभीर आरोप लगे हैं. स्थानीय दमकलकर्मियों और अधिकारियों का दावा है कि सेना ने आग लगाने वाले फ्लेयर गिराए और आग बुझाने पहुंचे फायरफाइटर्स पर ड्रोन से हमला किया.

Israel-Lebanon Conflict: लेबनान के जंगलों में लगी आग के पीछे कौन? इजरायली सेना पर आरोप, बुझाने पहुंचे लोगों पर ड्रोन अटैक!Source : The Guardian.com

इजरायली सेना पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं. दक्षिणी लेबनान के फायरफाइटर्स (दमकलकर्मी) और स्थानीय लोगों ने इजरायली सेना पर जंगलों में आग लगाने का आरोप लगाया है.लेबनान का यह हिस्सा इजरायल से लगता है और हिजबुल्लाह से जंग के बीच इस हिस्से में इजरायली सेना घुस चुकी है. अब लेबनान के अधिकारी आरोप लगा रहे हैं कि इजरायली सेना बमबारी करके और फ्लेयर्स गिराकर जानबूझकर जंगलों में आग लगा रही है.

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण से जुड़े संगठनों ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में लगी ये आग लेबनान के प्राकृतिक पर्यावरण को निशाना बनाने की इजरायल की पुरानी नीति का हिस्सा है.

इजरायल पर गंभीर आरोप

इस रिपोर्ट के अनुसार, नबातियेह इलाके में सिविल डिफेंस के प्रमुख हुसैन फकीह ने कहा कि मंगलवार को इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के खियाम शहर के बाहर एक जंगल वाले इलाके में आग जलाने वाले फ्लेयर गिराए. इससे वहां आग लग गई. जब दमकलकर्मी आग बुझाने पहुंचे, तो पास में एक ड्रोन ने हमला कर दिया. इसके बाद उन्हें वहां से पीछे हटना पड़ा.

उन्होंने दावा किया, “अब हमारे ज्यादातर काम आग बुझाने से जुड़े हैं.” जंगल के बहुत बड़े इलाके जल चुके हैं. उनके मुताबिक, सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन सीमा के पास के इलाकों में करीब 30 से 40 फीसदी जमीन आग से प्रभावित हुई है.

युद्धविराम के बाद भी आग की घटनाएं

17 जून को हुए युद्धविराम के बाद से दक्षिणी लेबनान में कई जगह आग लगने की घटनाएं हुई हैं. इस युद्धविराम से हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच करीब दो महीने से चल रही लड़ाई ज्यादातर खत्म हो गई थी. वीडियो और मौके पर पहुंचे बचावकर्मियों की गवाही के मुताबिक, इजरायली सेना की कार्रवाई के दौरान खास तौर पर जैतून के बागों और खेती की जमीनों में आग लगी. रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी आगजनी की घटनाओं को लेकर इजरायली सेना से जवाब मांगा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. 

इजरायली सेना ने क्या कहा?

इजरायली सेना पहले कह चुकी है कि हिज्बुल्लाह अपने लड़ाकों और सुरंगों को छिपाने के लिए इन जंगलों का इस्तेमाल करता था. वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि आग और पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी दूसरी कार्रवाइयों का आम लोगों पर भी लंबे समय तक असर पड़ सकता है. 

2024 की गर्मियों में इजरायली सैनिकों ने ट्रेबुशे यानी मध्यकाल में इस्तेमाल होने वाली बड़ी गुलेल जैसी मशीनों का इस्तेमाल किया था. इससे उन्होंने जलता हुआ गोला लेबनान की सीमा वाली दीवार के पार फेंका था. वहीं, लेबनान की सेना ने ऐसी तस्वीरें जारी की थीं, जिनमें इजरायली ड्रोन दिखाई दिए थे. इन ड्रोन में ऐसी पाइप लगी थीं, जिनसे जंगलों में आसानी से आग पकड़ने वाला पदार्थ डाला जा सकता था.

दक्षिणी लेबनान में जंगलों में आग को लेकर इजरायली सेना पर लगे आरोपों ने पर्यावरण और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, खबर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है.