iअमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने शांति की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अब अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है।

पेजेश्कियन ने यह बात शुक्रवार को डॉक्टरों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ईरान फिलहाल ताकत और सम्मान की स्थिति में है और ऐसे समय में युद्ध को खत्म करना बेहतर होगा। उनके बयान को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

पेजेश्कियन का कहना है कि ईरान को अपनी मजबूत स्थिति में रहते हुए युद्ध को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने हाल में अमेरिका के साथ हुई बातचीत और समझौते का भी बचाव किया।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत में जो कुछ हासिल हुआ, वह ईरान के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि समझौते का मतलब ईरान का आत्मसमर्पण करना नहीं है। उनके मुताबिक, समझौते में ऐसी कोई शर्त नहीं है जिसे ईरान की कमजोरी माना जाए।

पेजेश्कियन ने यहां तक कहा कि दुनिया ईरान की जीत को पहचान रही है। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन वह इसे अपनी हार के रूप में पेश नहीं करना चाहता।

यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। पेजेश्कियन ने युद्ध खत्म करने की बात जरूर कही है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

हाल की रिपोर्टों के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत रुकी हुई है। दूसरी तरफ अमेरिका ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ किसी समझौते को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं।

यानी एक तरफ ईरान की ओर से युद्ध खत्म करने का संकेत मिल रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी दबाव अभी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बातचीत दोबारा शुरू होती है या तनाव और बढ़ता है, यह काफी अहम होगा।

अमेरिका और ईरान के बीच इससे पहले भी युद्ध रोकने और आगे की बातचीत का रास्ता बनाने की कोशिश हुई थी। जून में दोनों पक्षों के बीच 14 सूत्रीय समझौता हुआ था। इसमें युद्ध खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे बातचीत करने जैसी बातें शामिल थीं।

लेकिन बाद में इस समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहे और 60 दिनों की समयसीमा भी खत्म हो गई। इसके बाद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

पेजेश्कियन का ताजा बयान निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान की तरफ से युद्ध खत्म करने की इच्छा साफ तौर पर सामने आई है। लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होगी जब अमेरिका और ईरान दोनों बातचीत की मेज पर वापस आते हैं और किसी नए समझौते पर सहमत होते हैं।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ईरान की तरफ से बातचीत का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अब नजर इस बात पर है कि अमेरिका इस संकेत का क्या जवाब देता है और क्या दोनों देशों के बीच फिर से सीधी बातचीत शुरू हो पाती है।