ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। ईरान की तरफ से अमेरिका को साफ चेतावनी दी गई है कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर उतरते हैं, तो उन्हें इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। ईरान का कहना है कि उसकी सेना किसी भी तरह की जमीनी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मई में India Today को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर कोई ईरानी जमीन पर कदम रखने की हिम्मत करता है तो उसे इसका बुरा पछतावा होगा। उनसे पूछा गया था कि अगर अमेरिका ईरान में जमीनी कार्रवाई करता है तो क्या ईरानी सेना उसके लिए तैयार है। इस पर उन्होंने कहा कि ईरान की सेना हर तरह की स्थिति के लिए तैयार है।
इसके बाद जुलाई में ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने भी अमेरिका को इसी तरह की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना ईरानी जमीन में प्रवेश करती है तो उसे कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना किसी भी संभावित हमले के लिए अपनी तैयारी बनाए हुए है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन हाल के महीनों में स्थिति और गंभीर हुई है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार टकराव देखने को मिला है।
सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर है कि क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सैनिक भेज सकता है। ऐसी किसी कार्रवाई की स्थिति में मामला सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे जमीन पर सैन्य टकराव हो सकता है।
इसी आशंका के बीच ईरान लगातार कह रहा है कि वह अपनी जमीन पर किसी विदेशी सेना को आने नहीं देगा।
मार्च में भी ईरान की ओर से अमेरिका को बेहद सख्त संदेश दिया गया था। ईरानी अखबार Tehran Times ने संभावित अमेरिकी जमीनी कार्रवाई को लेकर ‘Welcome to Hell’ शीर्षक से चेतावनी प्रकाशित की थी। इसमें कहा गया था कि ईरानी जमीन पर पहुंचने वाले अमेरिकी सैनिक वापस ताबूतों में लौटेंगे। यह चेतावनी उस समय सामने आई थी जब अमेरिका की ओर से मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक भेजे जाने की खबरें आई थीं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है। अमेरिका की ओर से ईरान में बड़े पैमाने पर जमीनी हमला करने की कोई ऐसी पुष्टि नहीं हुई है, जिसे निश्चित तौर पर आगामी कार्रवाई कहा जा सके। हालांकि, अमेरिकी सैन्य विकल्पों और संभावित जमीनी अभियान को लेकर रिपोर्टें सामने आती रही हैं। जुलाई की एक रिपोर्ट में भी अमेरिकी जमीनी कार्रवाई की संभावना को लेकर ईरान के अंदर चिंता का जिक्र किया गया था।
यही वजह है कि ईरान पहले से ही अपनी स्थिति साफ कर रहा है। तेहरान का संदेश है कि अगर अमेरिका ने जमीन पर सैनिक उतारे, तो उसका जवाब सैन्य तरीके से दिया जाएगा।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार चर्चा में बना हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिका की अगली रणनीति और ईरान की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। अगर जमीनी टकराव की स्थिति बनती है, तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
