iईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस ने ईरान की ओर से छोड़ी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इसके बाद UAE के अधिकारियों ने लोगों को अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी।


मंगलवार शाम UAE के कई इलाकों में लोगों के फोन पर सुरक्षा अलर्ट पहुंचा। नागरिकों से कहा गया कि वे नजदीकी सुरक्षित इमारत में रहें और अधिकारियों की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर ध्यान दें। यह चेतावनी कुछ समय बाद हटा ली गई।

दो मिसाइलों को लेकर UAE ने क्या कहा?

UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस ने ईरान से छोड़ी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया। अधिकारियों के अनुसार, एक मिसाइल UAE के क्षेत्रीय जल के अंदर गिरी, जबकि दूसरी क्षेत्रीय जल के बाहर जा गिरी। दोनों मिसाइलों से UAE की जमीन पर सीधे नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

UAE ने बाद में कहा कि उसके आकलन के मुताबिक मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात था। इस वजह से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

लोगों को क्यों जारी करनी पड़ी चेतावनी?

मिसाइल खतरे की जानकारी मिलने के बाद UAE के राष्ट्रीय आपातकालीन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा। मोबाइल अलर्ट में लोगों से नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा गया।

दुबई और UAE के दूसरे हिस्सों में कुछ समय के लिए लोगों के बीच चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन बाद में अलर्ट हटा लिया गया। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।

ईरान ने आरोपों को बताया ‘बेबुनियाद’

इस पूरे मामले में ईरान का पक्ष भी सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने UAE के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया है। यानी तेहरान ने इन मिसाइलों को UAE पर दागे जाने के आरोप को स्वीकार नहीं किया है।

यही वजह है कि फिलहाल घटना को लेकर दोनों देशों के बयान अलग-अलग हैं। UAE का कहना है कि मिसाइलें ईरान से लॉन्च हुईं, जबकि ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

तनाव के बीच UAE का बड़ा फैसला

मिसाइल विवाद के बाद UAE ने ईरान के साथ सभी व्यापार, व्यावसायिक लेनदेन और वित्तीय लेनदेन को अगले आदेश तक रोकने का फैसला किया है। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम का असर बाजार पर भी दिखाई दिया। बुधवार को UAE के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की चिंता मुख्य रूप से क्षेत्रीय तनाव और खाड़ी में समुद्री आवाजाही को लेकर है।

हॉर्मुज पर भी दुनिया की नजर

इस विवाद का एक अहम हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य भी है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल और गैस कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस इलाके में तनाव बढ़ने से सिर्फ ईरान और UAE ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल UAE में अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और लोगों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। वहीं, ईरान और UAE के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं।