पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की छात्र इकाई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मामले को लेकर MNS नेता और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने ABVP को साफ शब्दों में चेतावनी दी है।
अमित ठाकरे ने कहा कि अगर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया तो इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “एक्शन का रिएक्शन होगा।” उनके इस बयान के बाद दोनों छात्र संगठनों के बीच चल रहा विवाद और चर्चा में आ गया है।
यह विवाद पुणे के वाडिया कॉलेज से शुरू हुआ। कॉलेज के बाहर कुछ पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें छात्रों से NSUI, MNS की छात्र इकाई और कुछ दूसरे छात्र संगठनों का बहिष्कार करने की अपील की गई थी। पोस्टर में ABVP से जुड़ने की अपील भी की गई थी।
ABVP ने बाद में इन पोस्टरों को लगाने से इनकार किया और MNS की छात्र इकाई पर राजनीतिक स्टंट करने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ MNS की छात्र इकाई का कहना था कि पोस्टर को लेकर शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने उनकी बात पर सही कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद विवाद बढ़ गया और MNS की छात्र इकाई के कुछ कार्यकर्ता ABVP के पुणे कार्यालय पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक, कार्यालय में घुसने, वहां तोड़फोड़ करने और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया। इस मामले में पुलिस ने MNS की छात्र इकाई के कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
मामले के बाद अमित ठाकरे ने पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की। अमित ठाकरे ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और किसी भी संगठन को बेवजह दूसरे संगठन के काम में दखल नहीं देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि MNS कानून-व्यवस्था खराब करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अगर उनके कार्यकर्ताओं को बार-बार उकसाया गया तो जवाब दिया जाएगा। उनका कहना था कि “हर एक्शन का रिएक्शन होगा।”
अमित ठाकरे ने पुलिस से वाडिया कॉलेज में लगे पोस्टरों और पूरे विवाद की CCTV फुटेज की जांच करने की भी मांग की। उनका कहना था कि जांच के बाद यह साफ होना चाहिए कि पोस्टर किसने लगाए थे और विवाद की शुरुआत कैसे हुई।
दूसरी तरफ ABVP ने MNS की छात्र इकाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कार्यालय में हुई घटना को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया और कहा कि छात्र संगठनों के बीच किसी भी तरह की हिंसा या धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी।
फिलहाल मामला पुलिस जांच में है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात सामने रख रहे हैं और विवाद की असली शुरुआत को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पुणे में छात्र संगठनों के बीच यह टकराव अब सिर्फ कॉलेज तक सीमित नहीं रहा है। अमित ठाकरे के बयान के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के बाद इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है।
