देश की राजनीति में जब विकास और कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा होती है, तो आंकड़े अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। लेकिन गांधीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिन उपलब्धियों का जिक्र किया, वह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं थी, बल्कि उन करोड़ों लोगों की जिंदगी में आए बदलाव का दावा भी था, जिन्हें दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर माना जाता रहा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, वंचित और ग्रामीण भारत को योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी के बाद पहली बार सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।गांधीनगर में अमित शाह का संबोधन

गांधीनगर में अमित शाह का संबोधन

गरीब कल्याण से बदलती तस्वीर, 'हर वादा पूरा करने' का दावा

गांधीनगर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याण को शासन का केंद्र बनाया। उन्होंने दावा किया कि देशभर में तीन करोड़ से अधिक लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए, जिससे बेघर परिवारों को सम्मानजनक जीवन मिला। शाह के अनुसार, सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि गरीबों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिन लोगों को अपने अधिकारों और हिस्सेदारी का एहसास नहीं था, आज वे सरकारी योजनाओं के सीधे लाभार्थी बन रहे हैं।

घर-घर शौचालय, नल का जल और गैस कनेक्शन का विस्तार किया गया

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने बुनियादी सुविधाओं को आम नागरिक तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। उनके मुताबिक, देश के करोड़ों घरों में शौचालय बनाए गए, ग्रामीण इलाकों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गई और उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। शाह ने कहा कि इन योजनाओं ने न केवल जीवन स्तर को बेहतर बनाया, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को भी मजबूती दी है। उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य कवरेज पर सरकार का फोकस रहा

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिक प्रणाली विकसित की है, जिसके तहत पात्र गरीबों को हर महीने पांच किलो अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। शाह के अनुसार, इन पहलों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को चिकित्सा और खाद्य सुरक्षा की चिंता से काफी हद तक मुक्त किया है।

गुजरात में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश

जनसभा से पहले अमित शाह ने गांधीनगर में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहन देने, मानसून में देरी की स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजना तैयार करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर स्कूलों की स्थापना जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों तक आयुष्मान भारत कार्ड पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।