एक्ट्रेस और राजनेता कंगना रानौत से जुड़ी एक दिलचस्प बात सामने आई है, वह रोजाना चांदी के बर्तन में पानी पीती हैं। हालांकि उनके इस तरह पानी पीने का मुख्य कारण ज्योतिषीय माना जाता है, लेकिन प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में चांदी के बर्तनों का उपयोग स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद माना गया है। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से नवजात शिशु को सबसे पहला अन्न भी चांदी के चम्मच या बर्तन से ही दिया जाता है। आधुनिक समय में भले ही लोग इनका इस्तेमाल कम करते हों, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ किसी से छिपे नहीं हैं।
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डायटीशियन मनप्रीत कौर ने बताए आयुर्वेदिक फायदे
प्रसिद्ध डायटीशियन मनप्रीत कौर के अनुसार, आयुर्वेद में चांदी के बर्तनों के इस्तेमाल का विशेष महत्व बताया गया है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से चांदी के गिलास में रखा हुआ पानी पीता है, तो उसके शरीर को कई तरह के चमत्कारिक फायदे मिलते हैं। चांदी की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है।
सेहत के लिए चांदी के गिलास में पानी पीने के प्रमुख लाभ
- पाचन तंत्र मजबूत होता है: चांदी के गिलास में रखा पानी पीने से पेट की जठराग्नि संतुलित रहती है, जिससे खाना पचाने में आसानी होती है और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
- एंटीमाइक्रोबियल गुण: चांदी में प्राकृतिक रूप से एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पानी को हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं से पूरी तरह सुरक्षित और शुद्ध रखते हैं।
- शरीर की गर्मी को शांत करना: चांदी की ठंडी प्रकृति शरीर में बढ़ने वाले पित्त दोष को शांत करती है, जिससे शरीर को अंदरूनी ठंडक और राहत मिलती है।
- ओरल हाइजीन और मुंह की सेहत: इस धातु के बर्तन में पानी पीने से मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं, जिससे ओरल हेल्थ बेहतर रहती है और सांस की बदबू से राहत मिलती है।
- इंफेक्शन से बचाव: नियमित रूप से चांदी के संपर्क में आया पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों से बचाव करती है।
आयुर्वेद के अनुसार, चांदी के गिलास का नियमित उपयोग न केवल पानी को शुद्ध करता है बल्कि कई तरह की शारीरिक परेशानियों को दूर रखने में भी मददगार साबित होता है।
