erer | Source: erereनई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले दो दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट का दौर जारी है। कीमती धातुओं में अचानक आई इस बड़ी टूट से निवेशकों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। बीते दो दिनों के भीतर सोना 3000 रुपये से अधिक सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी के दाम में 13000 रुपये से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

MCX पर धड़ाम हुए दाम, चांदी में 5000 रुपये से अधिक की और गिरावट

एमसीएक्स (MCX) पर आज के शुरुआती कारोबार में भी सोने-चांदी के भाव में भारी नरमी देखने को मिल रही है। आज 10 ग्राम सोने का वायदा भाव लुढ़ककर 1,42,443 रुपये पर आ गया है, जबकि चांदी का भाव घटकर 1,94,847 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। केवल आज के शुरुआती सत्र में ही चांदी के रेट में 5,000 रुपये से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सोना आज 860 रुपये प्रति 10 ग्राम और टूट गया है। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार मेंर्दस्त बिकवाली के कारण हाहाकार मचा हुआ था।

सात महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंची चांदी, ऑल-टाइम हाई से बेहद नीचे आए दाम

बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अक्टूबर में सोना और चांदी दोनों ही भारी कमजोरी का सामना कर रहे हैं। इस पूरे महीने में अब तक सोना करीब 4% और चांदी लगभग 12% तक टूट चुकी है। जानकारों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना अपने 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई पर था, जिससे अब यह 50,000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो चुका है। वहीं, एमसीएक्स पर चांदी का ऑल-टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो था, जिससे यह अब तक 2,25,201 रुपये तक नीचे आ चुकी है। गुरुवार को चांदी 8,593 रुपये प्रति किलोग्राम टूटकर 2,00,575 रुपये पर बंद हुई थी, जो कि पिछले सात महीनों का सबसे निचला स्तर था।

इंटरनेशनल मार्केट का हाल और कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह

अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में भी सोने और चांदी पर दबाव साफ नजर आ रहा है। सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 4,024.48 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जो 20 जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी शेयर बाजारों में हालिया गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में अगस्त 2025 के बाद आई सबसे बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों का रुझान बॉन्ड बाजार की तरफ बढ़ा है। बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी बिकवाली के दबाव के चलते सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ती दिख रही है।