नई दिल्ली। दशहरे के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार बंद रहेगा। राष्ट्रीय शेयर बाजार (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, आज इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और मुद्रा बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी। सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट भी बंद रहेगा। नियमित कारोबार अब बुधवार, 21 अक्टूबर से दोबारा शुरू होगा। त्योहार के कारण शेयर बाजार में एक दिन का अवकाश रहने से निवेशकों और कारोबारियों को सामान्य खरीद-बिक्री का अवसर नहीं मिलेगा।
वहीं, सोने-चांदी के दैनिक भाव पर नजर रखने वाले लोगों के लिए भी आज का दिन अलग रहेगा, क्योंकि इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से मंगलवार को सोने और चांदी के भाव जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि, कमोडिटी बाजार पूरी तरह बंद नहीं रहेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) में सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहेगा, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम के सत्र में ट्रेडिंग होगी। ऐसे में शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार के कारोबारियों को दोनों के समय और अवकाश की स्थिति को ध्यान में रखकर अपनी कारोबारी गतिविधियों की योजना बनानी होगी।
सोने-चांदी के भाव आज क्यों नहीं होंगे जारी?
दशहरे के अवसर पर IBJA की ओर से 20 अक्टूबर को सोने और चांदी के दैनिक भाव जारी नहीं किए जाएंगे। IBJA के भाव का इस्तेमाल सर्राफा कारोबार में संदर्भ दर के रूप में किया जाता है। इसलिए इन दरों के जारी नहीं होने से आज के लिए इस संस्था का नया दैनिक भाव उपलब्ध नहीं होगा। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि देशभर में सोने और चांदी की कीमतों का कोई दूसरा स्रोत उपलब्ध नहीं होगा। स्थानीय सर्राफा बाजारों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आभूषणों की खरीद के समय शुद्धता, स्थानीय बाजार की दर, निर्माण शुल्क और लागू कर जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इसलिए IBJA के दैनिक भाव जारी नहीं होने की स्थिति में खरीदारी करने वाले लोगों को अपने स्थानीय विक्रेता से उस दिन की कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।
MCX पर शाम को खुलेगा कारोबार, सुबह के सत्र में रहेगी छुट्टी
शेयर बाजार में छुट्टी के बावजूद कमोडिटी बाजार के कारोबारियों को शाम के सत्र में ट्रेडिंग का अवसर मिलेगा। MCX के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दशहरे के दिन सुबह का सत्र बंद रहेगा, जबकि शाम के सत्र में कारोबार शुरू होगा। इस व्यवस्था के कारण सोना, चांदी और अन्य संबंधित कमोडिटी अनुबंधों में कारोबार करने वाले प्रतिभागियों को एक्सचेंज के तय समय के अनुसार अपनी गतिविधियां संचालित करनी होंगी। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एक्सचेंज में कारोबार की उपलब्धता और IBJA की ओर से दैनिक भाव जारी होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए MCX पर शाम को ट्रेडिंग होने के बावजूद IBJA के दैनिक भाव जारी नहीं होने की स्थिति बनी रह सकती है।
सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 876 अंक टूटा
दशहरे की छुट्टी से ठीक पहले सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली थी। दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। कमजोर वैश्विक संकेतों और निजी बैंकों के शेयरों में दबाव को बाजार में आई गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल बताया गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सोमवार को 876 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान गिरावट और बढ़ गई थी तथा सेंसेक्स 1,020 अंक यानी 1.36 प्रतिशत टूटकर 73,708 के स्तर तक पहुंच गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 257 अंक यानी 1.11 प्रतिशत गिरकर 22,888 पर बंद हुआ। बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों का ध्यान बैंकिंग शेयरों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों की ओर खींचा। अब बुधवार को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर शेयरों की चाल और नए कारोबारी रुझानों पर रहेगी।
एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में दबाव
सोमवार की गिरावट में निजी बैंकिंग शेयरों की कमजोरी भी एक प्रमुख कारक रही। रिपोर्ट के अनुसार, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर 3.85 प्रतिशत गिर गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई, जब एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 39.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए इसे 7,704.67 करोड़ रुपये बताया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक के नतीजों को मुख्य आय में बढ़ोतरी और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार से समर्थन मिला। इसके बावजूद सोमवार के कारोबार में बैंक के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट होता है कि किसी कंपनी के वित्तीय नतीजों के साथ-साथ बाजार की समग्र दिशा, निवेशकों की अपेक्षाएं और वैश्विक संकेत भी शेयर की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, किसी शेयर की अगली चाल का अनुमान केवल एक कारोबारी सत्र के प्रदर्शन के आधार पर नहीं लगाया जा सकता।
2026 में शेयर बाजार की अगली छुट्टियां कौन-कौन सी हैं?
दशहरे के बाद वर्ष 2026 के निर्धारित शेयर बाजार अवकाश कैलेंडर में तीन और कारोबारी छुट्टियां शामिल हैं। इनके अलावा दिवाली लक्ष्मी पूजन के अवसर पर विशेष मुहूर्त कारोबार भी निर्धारित है।
- 8 नवंबर, रविवार: दिवाली लक्ष्मी पूजन के अवसर पर विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा।
- 10 नवंबर, मंगलवार: दिवाली-बलिप्रतिपदा के अवसर पर नियमित कारोबार बंद रहेगा।
- 24 नवंबर, मंगलवार: गुरु नानक जयंती के अवसर पर बाजार बंद रहेगा।
- 25 दिसंबर, शुक्रवार: क्रिसमस के अवसर पर शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। इन तारीखों को ध्यान में रखकर निवेशक अपने कारोबार और निवेश से जुड़ी योजनाएं बना सकते हैं। विशेष रूप से सक्रिय कारोबार करने वालों के लिए एक्सचेंज के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर और मुहूर्त ट्रेडिंग के समय की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
बुधवार को खुलेगा बाजार, निवेशकों की नजर रहेगी सेंसेक्स-निफ्टी पर
दशहरे के कारण मंगलवार को शेयर बाजार में नियमित कारोबार नहीं होगा। NSE और BSE में सामान्य ट्रेडिंग बुधवार, 21 अक्टूबर को फिर शुरू होगी। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट के बाद निवेशक अगले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा पर नजर रखेंगे। सोने-चांदी के दैनिक भाव जारी नहीं होने और MCX में केवल शाम के सत्र में कारोबार होने के कारण निवेशकों तथा सर्राफा बाजार से जुड़े लोगों को अलग-अलग समय-सारिणी का ध्यान रखना होगा। बाजार की अगली दिशा वैश्विक संकेतों, बैंकिंग शेयरों की चाल और निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, दशहरे की छुट्टी के बाद बुधवार का कारोबारी सत्र ही शेयर बाजार की नई चाल का अगला संकेत देगा।
