मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए हमले के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। तीन कथित मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान समीर के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने हमले में शामिल बताए जा रहे शूटरों का संपर्क अनिल पंडित से कराया था। अनिल पंडित इस मामले में मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया है और उसने कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप जारी कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। समीर की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस अब हमले को अंजाम देने वाले कथित शूटरों और उनके संपर्कों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। इस मामले में पहले ही पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। समीर की गिरफ्तारी के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या छह बताई गई है।
अब तक छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, कोटा से पकड़े गए थे तीन कथित शूटर
इस मामले में पुलिस ने इससे पहले तीन कथित मुख्य शूटरों फूल सिंह, रेहान और ऋतिक कुमार को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सोमवार को कोटा रेलवे स्टेशन पर करीब 15 मिनट तक चलाए गए अभियान के दौरान एक ट्रेन से तीनों को पकड़ा। जांच एजेंसियों को संदेह था कि आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर सकते थे। तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया था। अब सोनीपत से समीर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल छह आरोपियों के पुलिस की गिरफ्त में होने की बात सामने आई है। पुलिस की जांच का प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि हमले की योजना किस स्तर पर तैयार की गई, कथित शूटरों को किसने निर्देश दिए और आरोपियों के बीच संपर्क स्थापित करने में किन लोगों की भूमिका रही।
35 हजार रुपये और विदेश में बसाने का लालच देने का आरोप
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने के लिए पैसों और विदेश में बसाने जैसे वादों का सहारा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, रेहान को कथित साजिश में शामिल करने के लिए 35 हजार रुपये देने और विदेश में बसाने का लालच दिया गया था। रेहान के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और चोरी से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और दावों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर युवाओं को किस तरह संपर्क किया गया और उन्हें हमले में शामिल करने के लिए क्या-क्या प्रलोभन दिए गए।
अमृतसर के कारोबारी पर भी गोली चलाने की कोशिश का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, रेहान और फूल सिंह पर इससे पहले अमृतसर के एक कारोबारी पर गोली चलाने की कोशिश करने का भी आरोप है। बताया गया कि उस घटना के दौरान पिस्तौल में खराबी आने के कारण वे अपने कथित प्रयास में सफल नहीं हो सके थे। इस पहलू की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस के लिए आरोपियों की पुरानी गतिविधियों और संभावित आपराधिक संपर्कों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रेहान और फूल सिंह करीब एक महीने से मुंबई में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ऋतिक से कराई गई थी। ऋतिक को मुंबई के रास्तों की अच्छी जानकारी होने की बात कही गई है। आरोप है कि उसे भी अच्छी नौकरी दिलाने और विदेश भेजने का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि मुंबई में रहने के दौरान तीनों कथित शूटरों ने किस तरह एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखा और हमले से पहले उनकी गतिविधियां क्या थीं।
अनिल पंडित की भूमिका पर पुलिस की नजर, दूसरे मामलों से भी जुड़ाव की जांच
इस पूरे मामले में अनिल पंडित की भूमिका पुलिस की जांच के केंद्र में है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस हरियाणा और दिल्ली में जबरन वसूली तथा लक्षित हमलों से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों के संदर्भ में भी उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। पुलिस से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, हरियाणा के पानीपत जिले का रहने वाला अनिल पंडित अमेरिका से अपना नेटवर्क संचालित करने और भारत में शूटरों के साथ संपर्क बनाए रखने के संदेह के घेरे में है। सूत्र के हवाले से यह भी बताया गया है कि दिल्ली के पश्चिम विहार में गायक गुरु रंधावा से जुड़े एक जिम के बाहर हुई गोलीबारी की जांच के दौरान भी अनिल पंडित का नाम सामने आया था। हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका को लेकर सामने आए आरोपों और संदेहों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
हमले के बाद ऑडियो क्लिप से बढ़ी थी जांच की गंभीरता
टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद अनिल पंडित की कथित ऑडियो क्लिप सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस क्लिप में उसने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा करते हुए अभिनेता सलमान खान को धमकी भी दी थी। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस के लिए कथित नेटवर्क, शूटरों और उनसे संपर्क रखने वाले लोगों की पहचान करना अहम हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां अलग-अलग आरोपियों के बीच संपर्कों और संभावित भूमिकाओं की पड़ताल कर रही हैं। समीर की गिरफ्तारी से पुलिस को कथित तौर पर शूटरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क स्थापित होने के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की आगे की कार्रवाई तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
आगे की जांच में संपर्कों और साजिश की कड़ियां जोड़ने पर जोर
टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में अब तक सामने आई गिरफ्तारियों ने जांच को कई दिशाओं में आगे बढ़ाया है। पुलिस एक ओर कथित मुख्य शूटरों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश भी कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को आपस में जोड़ा और हमले की योजना में सहयोग किया। समीर की गिरफ्तारी इसी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। अब पुलिस के सामने कथित साजिश की पूरी कड़ी स्पष्ट करने, आरोपियों के संपर्कों की जांच करने और अलग-अलग मामलों में सामने आए नामों की भूमिका की पुष्टि करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
