नई दिल्ली। मानसून का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद भी देश के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां जारी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और आंधी की स्थिति बन सकती है। मौसम संबंधी रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित 13 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़, सिक्किम और असम में मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के कारण भूस्खलन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का खतरा भी बना रह सकता है।
20 अक्टूबर को किन राज्यों में बिगड़ सकता है मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई गई है। राजस्थान और पंजाब में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर रहने की आशंका है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भी बारिश और आंधी को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम खराब होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, हर राज्य में बारिश की तीव्रता और हवा की गति एक जैसी नहीं होगी। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव बदल सकता है। रिपोर्ट में झारखंड सहित कुछ राज्यों में तेज आंधी की आशंका का भी उल्लेख है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली में बारिश के साथ तेज हवाओं का अनुमान
राजधानी दिल्ली में 20 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दिया गया है। बारिश और तेज हवा के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने और सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने या गरज के साथ बारिश होने पर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के इन जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बताई गई है। रिपोर्ट में मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, महाराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती, कुशीनगर, सहारनपुर, बिजनौर, हरदोई, आजमगढ़, हमीरपुर और देवरिया का उल्लेख किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चलने की आशंका है। लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात संबंधी परेशानी हो सकती है। किसानों को भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
बिहार में पटना, बक्सर समेत कई जिलों में अलर्ट
बिहार में भी 20 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, पटना, भोजपुर, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर, वैशाली, गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर और बेगूसराय में मौसम खराब हो सकता है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दिया गया है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को बिजली के खंभों, खुले तारों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। बक्सर और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों को बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए। विशेष रूप से किसानों, खुले स्थानों में काम करने वाले मजदूरों और यात्रा करने वाले लोगों को आंधी के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
झारखंड में 20 और 21 अक्टूबर को तेज आंधी की आशंका
झारखंड के लिए भी बारिश और आंधी का पूर्वानुमान दिया गया है। रिपोर्ट में जमशेदपुर, बोकारो, रांची, रामगढ़, चतरा, पलामू, देवघर, दुमका, सिमडेगा, हजारीबाग, धनबाद और लातेहार सहित कई जिलों का उल्लेख है। पूर्वी सिंहभूम में भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है। रांची में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के दौरान तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने और कमजोर अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। लोगों को खुले में रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित रखने और आंधी के समय पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्रों पर नजर
उत्तराखंड में हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी सहित कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और कुल्लू में भी बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। रिपोर्ट में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान दिया गया है। मनाली में अधिकतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह देखनी चाहिए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान कम होने के कारण ठंड से बचाव के इंतजाम भी जरूरी हैं।
जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवा की संभावना
जम्मू-कश्मीर में जम्मू, पुंछ, बारामूला, अनंतनाग, किश्तवाड़, उधमपुर, रामबन, शोपियां, बांदीपोरा और राजौरी सहित कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान दिया गया है। रिपोर्ट में कुछ अन्य स्थानों के नाम भी शामिल हैं, लेकिन जिला-स्तरीय पूर्वानुमान की पुष्टि स्थानीय मौसम बुलेटिन से करना उचित होगा। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल में भी मौसम का असर
मौसम पूर्वानुमान में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल में भी बारिश को लेकर चेतावनी का उल्लेख है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट के पास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। समुद्र के आसपास मौसम खराब होने की स्थिति में मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं और ऊंची लहरों की आशंका होने पर समुद्र में जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और आंधी के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। कटी हुई फसल, खुले में रखे कृषि उत्पाद और हल्की सामग्री को सुरक्षित रखने के उपाय उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी कृषि कार्य का फैसला स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और फसल की स्थिति के अनुसार करना चाहिए। आम लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। तेज हवा चलने पर कमजोर दीवारों, अस्थायी छतों और निर्माणाधीन ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
