नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने डिजिटल कारोबार जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को लेकर लगातार चर्चा में है। इसी बीच खबर आई है कि रिलायंस समूह ने अक्टूबर महीने का वेतन अपने 4.20 लाख से अधिक कर्मचारियों को निर्धारित समय से करीब 15 दिन पहले जारी किया है। इस कदम के पीछे कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे जियो के प्रस्तावित आईपीओ से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, वेतन जल्दी जारी करने और आईपीओ की तैयारी के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
जियो IPO से पहले कर्मचारियों को मिला बड़ा मौका
रिलायंस समूह में करीब 4,20,000 कर्मचारी कार्यरत बताए गए हैं, जिनमें से 74,822 कर्मचारी जियो से जुड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जियो के पात्र कर्मचारियों को आईपीओ में कर्मचारी कोटे के तहत आवेदन करने का अवसर मिल सकता है। ऐसे में कंपनी के कर्मचारी केवल वेतन पाने वाले कर्मियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पात्रता और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प भी उनके सामने होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जियो पिछले एक दशक में देश के दूरसंचार और डिजिटल सेवा क्षेत्र में बड़ा कारोबारी समूह बनकर उभरा है। प्रस्तावित आईपीओ से कंपनी के कारोबार में निवेश करने का अवसर आम निवेशकों के साथ पात्र कर्मचारियों को भी मिल सकता है।
कर्मचारियों से डीमैट और ट्रेडिंग खाते की जानकारी भी मांगी गई
रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस की ओर से कर्मचारियों के साथ आईपीओ से संबंधित जानकारियां साझा की जा रही हैं। उनसे यह भी पूछा जा रहा है कि क्या उनके पास या उनके परिवार के किसी सदस्य के पास शेयर खरीदने के लिए ट्रेडिंग खाता उपलब्ध है। कर्मचारियों को डीमैट खाता खुलवाने के लिए भी प्रोत्साहित किए जाने की बात सामने आई है। डीमैट खाता वह खाता होता है, जिसमें शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं। आईपीओ में आवेदन करने और आवंटित शेयरों को रखने के लिए निवेशक को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डीमैट सुविधा की जरूरत होती है। हालांकि, केवल खाता खुलवा लेने से शेयरों का आवंटन सुनिश्चित नहीं होता। आवंटन आईपीओ की शर्तों, संबंधित श्रेणी में मांग और लागू प्रक्रिया पर निर्भर करता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों की संख्या के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की बड़ी कंपनियों में शामिल है। रिपोर्ट में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज को बड़े कार्यबल वाली कंपनियों में स्थान दिया गया है।
30,213 करोड़ रुपये का हो सकता है जियो प्लेटफॉर्म्स IPO
प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ का आकार 30,213 करोड़ रुपये बताया गया है। इसमें कंपनी की ओर से 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा निर्धारित किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में आईपीओ का लॉट आकार 12 शेयर बताया गया है। इस मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर 1,119 रुपये के हिसाब से 12 शेयरों की कीमत 13,428 रुपये बैठती है। इस आधार पर निवेशकों को एक लॉट के लिए इतनी राशि की जरूरत हो सकती है। वास्तविक आवेदन राशि और पात्रता की पुष्टि आईपीओ के आधिकारिक दस्तावेजों तथा आवेदन प्रक्रिया से की जानी चाहिए। खबर के मुताबिक, खुदरा निवेशकों के लिए आवेदन की तारीखें 21 से 23 अक्टूबर बताई गई हैं। निवेश करने से पहले निवेशकों को आईपीओ खुलने की तारीख, मूल्य दायरा, लॉट आकार, कर्मचारी कोटे की शर्तें और अन्य विवरण आधिकारिक दस्तावेजों में जरूर जांचने चाहिए।
ग्रे मार्केट में 224 रुपये प्रीमियम की चर्चा
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी हलचल बताई गई है। रिपोर्ट में इन्वेस्टर्स गेन के हवाले से शुक्रवार दोपहर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 224 रुपये प्रति शेयर बताया गया। ग्रे मार्केट प्रीमियम वह अनौपचारिक संकेतक है, जिसके आधार पर बाजार में आईपीओ के संभावित लिस्टिंग मूल्य को लेकर अनुमान लगाए जाते हैं। हालांकि, ग्रे मार्केट में होने वाले सौदों के आधार पर किसी शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत तय नहीं होती। आईपीओ का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों, निवेशकों की मांग, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और लिस्टिंग के समय की परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए केवल ऊंचे जीएमपी को देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
मुकेश अंबानी के लिए क्यों अहम है जियो का आईपीओ?
जियो ने पिछले एक दशक में दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है। ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ रिलायंस समूह के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी घटनाक्रम माना जा रहा है। इसके माध्यम से पात्र निवेशकों को कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिल सकता है, जबकि कर्मचारियों के लिए भी कर्मचारी कोटे के तहत आवेदन करने की संभावना चर्चा में है। कर्मचारियों को समय से पहले वेतन जारी करने की खबर ने इस आईपीओ को लेकर दिलचस्पी और बढ़ा दी है। हालांकि, वेतन भुगतान के इस फैसले को आईपीओ की सफलता से जोड़ने के लिए कंपनी की ओर से किसी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। निवेशकों के लिए जरूरी बात: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय परिणाम, कारोबार की संभावनाएं, जोखिम, मूल्यांकन और आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों का अध्ययन करना जरूरी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम को निश्चित मुनाफे का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। समय से पहले वेतन जारी होने की खबर और कर्मचारियों को निवेश का अवसर मिलने की चर्चा के बीच आईपीओ से जुड़े अंतिम फैसले आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही लेने चाहिए।
