उज्जैन। मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बेहद चौंकाने वाली और अनूठी खबर सामने आई है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की महा तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान में खुद राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक घर भी जद में आ गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि सीएम ने बिना किसी वीआईपी झिझक के अपने ही हाथों से अपने पुश्तैनी घर पर पहला हथौड़ा चलाकर इस ऐतिहासिक काम की शुरुआत की है। आइए जानते हैं इस बड़े और सराहनीय कदम के पीछे की पूरी कहानी।
अब्दालपुरा में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया सीएम का घर
मध्य प्रदेश के उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए शहरभर में सड़कों को चौड़ा करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसी कड़ी में शहर के अब्दालपुरा इलाके में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ है, जिसकी जद में कुल 272 मकान आ रहे हैं।
खास बात यह है कि इन सभी प्रभावित मकानों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खुद का पैतृक (पुश्तैनी) घर भी शामिल है। जनता के लिए एक बड़ी मिसाल पेश करते हुए सीएम मोहन यादव ने खुद आगे बढ़कर इस त्याग की अनूठी मिसाल पेश की है।
पूजा-अर्चना के बाद खुद मारा हथौड़ा, वीडियो वायरल
रविवार सुबह मुख्यमंत्री मोहन यादव नगर निगम की टीम के साथ अब्दालपुरा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने अपने घर के बाहर विधिवत पूजा-अर्चना की और उसके बाद अपने हाथों से हथौड़ा चलाकर सड़क चौड़ीकरण के काम का शुभारंभ किया।
इस दौरान मौके पर भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, पुलिस बल और मीडियाकर्मी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर सीएम का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुद अपने घर के हिस्से को तोड़ने की शुरुआत करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले शनिवार को इलाके के कुछ अन्य लोगों ने भी स्वेच्छा से अपने मकानों के चिह्नित हिस्सों को हटाना शुरू कर दिया था।
15 मीटर चौड़ा होगा मार्ग, 9.80 करोड़ रुपये होंगे खर्च
उज्जैन नगर निगम द्वारा खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस पूरे मार्ग के चौड़ीकरण और विकास कार्यों पर राज्य शासन द्वारा लगभग 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त संपर्क मार्गों में से एक है। सिंहस्थ 2028 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए यह चौड़ीकरण यातायात को बेहद सुगम और सुरक्षित बनाएगा।
नागरिकों ने खुद आगे बढ़कर दिया विकास में सहयोग
प्रशासन द्वारा इस मार्ग पर कुल 272 भवनों को चिह्नित किया गया था और सभी प्रभावित भवन स्वामियों को नियमानुसार नोटिस दिए गए थे। राहत की बात यह है कि क्षेत्र के नागरिकों ने विरोध करने के बजाय खुद आगे बढ़कर प्रशासन का सहयोग किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ महापर्व की सफलता के लिए वे हरसंभव मदद करने को तैयार हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
