पटना | बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) खेमे से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पार्टी ने अपने कोटे की सभी चार एमएलसी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों को लगभग फाइनल कर दिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पार्टी ने बगावत करने वाले एक दिग्गज नेता को भी गले लगाते हुए चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। इस अंदरूनी उठापटक और लिस्ट के सामने आने के बाद सूबे की सियासत में पारा काफी हाई हो गया है। आइए जानते हैं बीजेपी की इस फाइनल लिस्ट में किसे-किसे मिला है टिकट और क्या है पूरा सियासी समीकरण।
पटना और कोसी सीटों पर पुराने चेहरों पर फिर से जताया गया भरोसा
बिहार विधान परिषद के चुनाव के लिए बीजेपी की कोर कमेटी ने अपने प्रत्याशियों की सूची अंतिम रूप देकर दिल्ली केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दी है, जिसका औपचारिक ऐलान जल्द ही होने वाला है। पार्टी ने अपने अनुभवी और मजबूत चेहरों को एक बार फिर से मैदान में उतारने की पूरी तैयारी कर ली है।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर से मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव को उम्मीदवार तय किया गया है। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं और अब उनकी नजरें छठी बार ऐतिहासिक जीत हासिल करने पर टिकी हैं। उनका यह गढ़ बीजेपी के लिए बेहद मजबूत माना जाता है। इसी तरह कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा एमएलसी डॉ. नरेंद्र कुमार उर्फ एनके यादव पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है। एनके यादव इस सीट से लगातार दो बार जीत चुके हैं और अब उनकी निगाहें अपनी जीत की हैट्रिक लगाने पर हैं।
बगावत करने वाले सर्वेश कुमार को दरभंगा से मिला बड़ा टिकट
इस पूरी लिस्ट में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सामने आया है। बीजेपी ने इस सीट से मौजूदा निर्दलीय एमएलसी सर्वेश कुमार का नाम फाइनल किया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि साल 2020 के पिछले चुनाव में टिकट न मिलने के कारण सर्वेश कुमार ने पार्टी से बगावत कर दी थी और निर्दलीय मैदान में उतरकर जीत हासिल की थी। अब बीजेपी ने अपने ही पुराने बागी को वापस साधते हुए उन्हें ही उम्मीदवार बना दिया है। इसके साथ ही इस चुनाव में एनडीए के भीतर एक बड़ा फेरबदल भी देखने को मिला है, जहां बीजेपी और जेडीयू ने आपस में दरभंगा की सीटें अदला-बदली की हैं। दरभंगा स्नातक सीट अब जदयू से लेकर बीजेपी के पाले में आ गई है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।
तिरहुत शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह पर फिर से दांव
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी बीजेपी ने अपने पुराने और मंझे हुए चेहरे पर ही भरोसा जताया है। पार्टी ने यहां से नरेंद्र प्रसाद सिंह के नाम पर मुहर लगाई है।
हालांकि, पिछले चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनका पुराना राजनीतिक अनुभव और पहले (2008 में) इस सीट पर जीत का रिकॉर्ड उनके पक्ष में गया है। पार्टी का मानना है कि इस बार वह मजबूत पकड़ के साथ मैदान में उतरेंगे।
23 अक्टूबर को होगा मतदान, एनडीए में सीटों का हुआ है तालमेल
बिहार की कुल 8 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव का ऐलान हो चुका है, जिसके तहत 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा और वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। इस बार के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होने जा रही है।
एनडीए गठबंधन के तहत 4 सीटों पर बीजेपी और बाकी की 4 सीटों पर सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) चुनाव लड़ रही है। जेडीयू पहले ही अपने चारों उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी थी, और अब बीजेपी के इन चारों नामों के सामने आने के बाद एनडीए की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है।
क्या आपको लगता है कि बीजेपी का बागी नेताओं और पुराने चेहरों पर दांव लगाने का यह फॉर्मूला इस बार एमएलसी चुनाव में पार्टी को पूरी सफलता दिला पाएगा?
