erer | Source: ereपटना। बिहार के जमुई जिले में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ सड़क पर कथित तौर पर की गई अभद्रता और उत्पीड़न की घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने बिहार सरकार से घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से इस मामले में तीन आरोपितों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

वायरल वीडियो को लेकर राहुल गांधी ने जताई गंभीर चिंता

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना से संबंधित वीडियो का उल्लेख करते हुए इसे बेहद विचलित करने वाला बताया। उनके अनुसार, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र और छात्रा को रास्ते में कथित तौर पर जबरन रोका गया। इसके बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किए जाने का आरोप है। राहुल गांधी ने कहा कि वीडियो में छात्रा को हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाते देखा जा सकता है, जबकि उसके साथ मौजूद लोग कथित तौर पर उसके साथ अनुचित व्यवहार और खींचतान करते रहे।

उन्होंने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति को किसी लड़की के साथ इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार आखिर किसने दिया। राहुल गांधी ने इस घटना को महिलाओं के प्रति नियंत्रण और पुरुष वर्चस्व वाली सोच से जोड़ते हुए पितृसत्तात्मक मानसिकता पर भी सवाल उठाए हैं।

‘पितृसत्ता’ के मुद्दे से जमुई घटना को जोड़ा

राहुल गांधी ने जमुई की घटना को महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके प्रति समाज की सोच से जुड़े व्यापक मुद्दे के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि किसी महिला के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर पुरुषों का नियंत्रण स्थापित करने वाली मानसिकता पर सवाल उठाना जरूरी है।

उन्होंने अपने पिछले महीने के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में दिए गए ‘पितृसत्ता को ध्वस्त करो’ नारे का भी संदर्भ दिया। उस कार्यक्रम के बाद पितृसत्ता, महिलाओं की स्वतंत्रता और सामाजिक संरचना को लेकर राजनीतिक बहस हुई थी। राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में मनुस्मृति का भी उल्लेख किया था और महिलाओं को पुरुष के अधीन रखने से संबंधित अपनी व्याख्या सामने रखी थी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सार्वजनिक बहस भी हुई थी।

सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जमुई मामले में वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि पीड़िता नाबालिग है तो POCSO कानून के प्रावधानों के तहत मामला चलाया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने घटना की तारीख 19 सितंबर होने का उल्लेख करते हुए बिहार सरकार से सवाल किया कि यदि वारदात उस दिन हुई थी तो आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शाम करीब 7 बजे किसी लड़की को बिहार की सड़क पर सुरक्षित होने का भरोसा क्यों नहीं होना चाहिए।

हालांकि, इस मामले में पुलिस द्वारा तीन आरोपितों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।

19 सितंबर को क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर को जमुई जिले में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से कोचिंग से लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने कथित तौर पर दोनों को रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ सड़क पर अभद्रता की गई और छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

घटना के दौरान छात्रा और उसका दोस्त कथित तौर पर युवकों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे। इसी बीच एक युवक द्वारा छात्रा को कथित तौर पर उठाकर ले जाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। छात्र ने विरोध किया और संघर्ष करते हुए छात्रा को आरोपितों के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया।

महिला आयोग ने भी लिया मामले का संज्ञान

जमुई की इस घटना को लेकर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से मामले में बिहार पुलिस को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। घटना से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।

नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान, घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच और उपलब्ध वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। हिरासत में लिए गए तीन आरोपितों से पूछताछ के आधार पर भी मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

जमुई की इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है और राहुल गांधी ने इसे महिलाओं के प्रति सामाजिक सोच से जुड़े बड़े मुद्दे के संदर्भ में उठाया है।

फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। तीन आरोपितों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना से जुड़े आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगी।