trt | Source: rtrपटना: बिहार से एक के बाद एक सामने आ रहे दिल दहला देने वाले मामलों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। सूबे के विभिन्न जिलों से बेटियों के साथ हो रही गुंडई और बदसलूकी के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर आम जनता से लेकर प्रशासन तक के होश उड़ गए हैं। इस बढ़ते खौफनाक माहौल के बीच सरकार और पुलिस महकमे ने सख्त एक्शन लेते हुए अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

समस्तीपुर में वायरल हुआ तीसरा वीडियो, सहम गए लोग

राजधानी पटना समेत बिहार के कई हिस्सों से बेटियों के साथ उत्पीड़न के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर इलाके से सामने आया है, जहां एक अकेली छात्रा के साथ चार-सवा पांच बदमाशों द्वारा मारपीट और अभद्रता करने का तीसरा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दबंग किस्म के लड़के लड़की का हाथ खींच रहे हैं और हाथ जोड़ने के बावजूद उसकी पिटाई कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।

बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर से कांपे अपराधी

बेटियों के गुनाहगारों पर नकेल कसने के लिए बिहार पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। समस्तीपुर में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया है। वहीं, जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने हाफ एनकाउंटर कर उसे और अन्य साथियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। बांका के मंदार पर्वत पर कपल के साथ हुई बदसलूकी के मामले में भी आरोपियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अलावा किशनगंज वायरल वीडियो मामले में भी पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बागडोगरा और पूर्णिया से मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और पर्यटन स्थलों पर पहरा

इन लगातार सामने आ रही वारदातों के बाद राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में सीनियर आईपीएस अधिकारियों को नोडल पदाधिकारी के रूप में तैनात किया है। साथ ही, राज्य के तमाम पर्यटन स्थलों, पिकनिक स्पॉट और सुनसान घूमने-फिरने वाले इलाकों में पुलिस गश्त और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।